फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Madrasa director arrested for scholarship scam in agra

छात्रवृत्ति घोटाले में मदरसा संचालक गिरफ्तार, फर्जीवाड़ा कर गबन किए 40 लाख रुपये

Sun, 20 Jan 2019 12:28 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Sun, 20 Jan 2019 12:28 PM IST
विज्ञापन
Madrasa director arrested for scholarship scam in agra
आरोपी शहजाद और रुस्तम

आगरा में फाउंड्री नगर स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में फर्जीवाड़ा कर खाते खोलकर मदरसा विद्यार्थियों की 40 लाख की छात्रवृत्ति घोटाले में पुलिस ने आरोपी एक मदरसा संचालक को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। दूसरे आरोपी मदरसा संचालक की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

विज्ञापन


मदरसा संचालकों ने ग्राहक सेवा केंद्र के संचालकों और बैंक कर्मियों की मिलीभगत से यह घोटाला किया था। फाउंड्री नगर स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में ग्राहक सेवा केंद्र के संचालक ने मदरसा के छात्रों के नाम पर फर्जी खाते खोले थे। इस मामले का खुलासा होने पर मुकदमा दर्ज किया गया था। 
विज्ञापन


पुलिस ने दो ग्राहक सेवा केंद्र के संचालक, दो बैंक कर्मी सहित पांच आरोपियों को जेल भेजा था। इसमें दो मदरसा के संचालक शहजाद और रुस्तम के नाम सामने आए थे। पुलिस उनके बारे में पड़ताल में जुटी हुई थी। उनके पते की जानकारी नहीं थी। उनके मदरसों का डाटा अल्पसंख्यक विभाग से निकलवाया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

ऐसे किया घोटाला

शनिवार को पुलिस ने शहजाद को गिरफ्तार कर लिया। वो बोदला का रहने वाला है। उसने पूछताछ में बताया कि उसके दो मदरसे बोदला में हैं। उसके मदरसों में तकरीबन 300 बच्चे हैं। उसके साथी रुस्तम पृथ्वीनाथ, शाहगंज का रहने वाला है। उसके शाहगंज क्षेत्र में तीन मदरसे हैं। 

मदरसा संचालकों ने बैंक में फर्जी तरीके से खाते खोलने के लिए एसबीआई के ग्राहक सेवा केंद्र के संचालक नितिन चौहान और बैंक आफ इंडिया के ग्राहक सेवा केंद्र संचालक रवींद्र शर्मा से संपर्क किया था। नितिन और रवींद्र ने प्रत्येक खाता खोलने के लिए एक-एक हजार रुपये लिए थे। 

मदरसा के शैक्षणिक सत्र 2016-2017 के विद्यार्थियों की किसी कागजात, आईडी प्रूफ के बिना नितिन ने खाते खोल लिए थे। इसके बाद मदरसा संचालकों ने स्वयं अल्पसंख्यक विभाग की वेबसाइट पर खातों की जानकारी अपलोड कर दी थी।

बाद में दोनों मदरसा संचालकों ने जिला अल्पसंख्यक , समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से डमी बच्चों का सत्यापन कराकर छात्रवृत्ति के तकरीबन 40 लाख रुपये हड़प लिए थे।

बैंक कर्मी सहित पांच आरोपी भेजे थे जेल

29 नवंबर 2018 को साइबर क्राइम सेल ने मदरसा संचालकों के कहने पर फर्जी दस्तावेज पर खाते खोलने वाले भारतीय स्टेट बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र (फाउंड्री नगर शाखा) के संचालक नितिन चौहान (एत्माद्दौला), बैंक ऑफ इंडिया के ग्राहक सेवा केंद्र के संचालक रवींद्र शर्मा (न्यू जनता कालोनी, सदर), एसबीआई के बैंक कर्मी उमाकांत और दो अन्य अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। 

नितिन ने पुलिस की पूछताछ में बताया था कि उसने तकरीबन 1800 खाते रवींद्र की मदद से मदरसा संचालक शहजाद और रुस्तम के लिए भारतीय स्टेट बैंक में खोले थे। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था।

यह हैं मदरसों के नाम
अमन उल इस्लाम
मदरसा एसके एजूकेशनल एकेडमी
मदरसा इलजा सिद्दीकी
मदरसा वीके अब्बासी
मदरसा रुस्तम ए हिंद

यह रही पुलिस की टीम
साइबर क्राइम सेल प्रभारी एसआई अमित कुमार, आरक्षी विजय तोमर, जितेंद्र बाबू, बबलू कुमार इंतजार, विकास चौधरी, निरीक्षक जैनुल हसन रहे।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed