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मोदी सरकार ने 30 माह से मदरसा शिक्षकों को नहीं दिया मानदेय, आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला फिरोजाबाद
Updated Mon, 24 Sep 2018 05:43 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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मदरसों में आधुनिक शिक्षा योजना का दम घुट रहा है। इसमें चयनित फिरोजाबाद जिले के करीब 26 मदरसों के शिक्षकों को सरकार ने करीब 30 माह से मानदेय नहीं दिया है। ऐसे में दीनी तालीम से हटकर विषय ज्ञान कराने वाले शिक्षकों के आगे भी रोजी-रोटी का संकट गहराने लगा है।
मदरसों में दीनी तालीम के साथ-साथ अन्य विषयों की शिक्षा देने के लिए मदरसा आधुनिकरण योजना की शुरुआत की गई। इसमें विज्ञान, गणित, अंग्रेजी, हिंदी, सामाजिक विज्ञान विषय की शिक्षा देने का प्रावधान किया गया।
जिसमें स्नातक शिक्षक को छह हजार रुपये मानदेय केंद्र सरकार एवं दो हजार रुपए राज्य सरकार देती थी। वहीं, परास्नातक शिक्षकों को 12 हजार केंद्र सरकार मानदेय देती थी और तीन हजार रुपए राज्य सरकार से मानदेय दिया जाता था।
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मदरसों में दीनी तालीम के साथ-साथ अन्य विषयों की शिक्षा देने के लिए मदरसा आधुनिकरण योजना की शुरुआत की गई। इसमें विज्ञान, गणित, अंग्रेजी, हिंदी, सामाजिक विज्ञान विषय की शिक्षा देने का प्रावधान किया गया।
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जिसमें स्नातक शिक्षक को छह हजार रुपये मानदेय केंद्र सरकार एवं दो हजार रुपए राज्य सरकार देती थी। वहीं, परास्नातक शिक्षकों को 12 हजार केंद्र सरकार मानदेय देती थी और तीन हजार रुपए राज्य सरकार से मानदेय दिया जाता था।
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केंद्र सरकार से नहीं मिला मानदेय
मगर मदरसा शिक्षकों को करीब 30 महीने से केंद्र सरकार से मानदेय नहीं मिला है। जबकि राज्य सरकार का आठ महीने से मानदेय नहीं मिला है। इससे शिक्षकों के आगे आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। वहीं मदरसों में अभी तक किताबें नहीं आई है।
मदरसा के शिक्षक जफरुद्दीन ने बताया कि करीब 30 माह से मानदेय नहीं मिला है। इससे परेशानी हो रही है। हर महीने जांच आ जाती है। इससे बच्चों पर भी गलत प्रभाव पढ़ता है। बच्चे एवं अभिभावक सोचते हैं कि शिक्षकों ने ऐसा क्या कर दिया, जो जांच आई है।
शिक्षक रहीसुद्दीन ने कहा कि पूरा समय बच्चों को तालीम देने के लिए लगा रहे हैं। सरकार बच्चों को शिक्षित बनाने के लिए आगे बढ़ रही है। मगर हमें 30 माह का मानदेय नहीं मला तो आर्थिंक तंगी से जूझ रहे हैं। जबकि मेहनत के बाद भी मानदेय नहीं मिलेगा तो कब तक नौकरी करेंगे। ऐसे में बच्चों की शिक्षा खतरे में पढ़ जाएगी।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अनुपम राय ने बताया कि हमारे यहां करीब 26 मदरसा आधुनिकरण योजना में शामिल हैं। हम इनके मानदेय के लिए लगातार शासन को रिमांइडर पत्र भेज रहे हैं। जैसे ही मानदेय प्राप्त होगा, इनके खाते में ट्रांसफर हो जाएगा।
मदरसा के शिक्षक जफरुद्दीन ने बताया कि करीब 30 माह से मानदेय नहीं मिला है। इससे परेशानी हो रही है। हर महीने जांच आ जाती है। इससे बच्चों पर भी गलत प्रभाव पढ़ता है। बच्चे एवं अभिभावक सोचते हैं कि शिक्षकों ने ऐसा क्या कर दिया, जो जांच आई है।
शिक्षक रहीसुद्दीन ने कहा कि पूरा समय बच्चों को तालीम देने के लिए लगा रहे हैं। सरकार बच्चों को शिक्षित बनाने के लिए आगे बढ़ रही है। मगर हमें 30 माह का मानदेय नहीं मला तो आर्थिंक तंगी से जूझ रहे हैं। जबकि मेहनत के बाद भी मानदेय नहीं मिलेगा तो कब तक नौकरी करेंगे। ऐसे में बच्चों की शिक्षा खतरे में पढ़ जाएगी।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अनुपम राय ने बताया कि हमारे यहां करीब 26 मदरसा आधुनिकरण योजना में शामिल हैं। हम इनके मानदेय के लिए लगातार शासन को रिमांइडर पत्र भेज रहे हैं। जैसे ही मानदेय प्राप्त होगा, इनके खाते में ट्रांसफर हो जाएगा।