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प्रेम विवाह: घरवालों से झगड़कर पाया जिस प्रेमी का साथ, 12 वर्ष बाद उससे तोड़ा रिश्ता; कोर्ट ने भी दिए ये आदेश
Sat, 12 Sep 2026 10:14 AM IST
Dhirendra Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Sat, 12 Sep 2026 10:14 AM IST
सार
परिवार के विरोध के बावजूद युवक-युवती ने आर्य समाज मंदिर में प्रेम विवाह किया और एक बेटे के जन्म के बाद उनके रिश्ते में दरार पड़ गई। 2012 में पत्नी के मायके जाने के बाद दोनों 12 साल तक अलग रहे, जिसके बाद परिवार न्यायालय ने 5 सितंबर 2026 को विवाह विच्छेद का आदेश दिया।
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महिला और युवक सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : AI
विस्तार
अपने प्यार को पाने के लिए उन्होंने न जाति की दीवार देखी और परिवार की नाराजगी। ईश्वर को साक्षी मान आर्य समाज मंदिर में सात फेरे लिए। मगर झूठ की नींव पर रखा गया रिश्ता सात बरस भी न टिक सका। बेटे के जन्म के बाद भी स्थितियां नहीं सुधरीं। आरोप-प्रत्यारोप और 12 साल के लंबे अलगाव के बाद अदालत की मोहर पर दोनों के रास्ते हमेशा के लिए जुदा हो गए।
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नागपुर निवासी और मथुरा रिफाइनरी में अधिकारी के पद पर कार्यरत युवक की आगरा निवासी युवती से रिफाइनरी में प्रशिक्षण के दौरान मुलाकात हुई थी। जान-पहचान धीरे-धीरे प्रेम में बदल गई। दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन युवती के सवर्ण जाति से होने के कारण परिजन इस रिश्ते के लिए तैयार नहीं थे। परिवार के विरोध के बावजूद दोनों ने नोएडा स्थित आर्य समाज मंदिर में 20 अप्रैल 2007 को विवाह कर लिया। शुरुआत में सब कुछ बढि़या था।
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2010 में उनके घर बेटे ने जन्म लिया। पति ने आरोप लगाया कि बेटे के जन्म के बाद में पत्नी के व्यवहार में बदलाव आने लगा। वह उनके परिजन और रिश्तेदारों के आयोजनों में जाने से कतराने लगी। उसके पिता ने शादी में 4 लाख रुपये खर्च करने के साथ गहने और घरेलू उपयोग का सामान भी दिया था। बावजूद इसके पति ने दहेज की मांग को लेकर उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। परेशान होकर 2012 में महिला बेटे को लेकर मायके चली गई।
इसके बाद दोनों के बीच दूरी इतनी बढ़ी कि वर्षों तक साथ रहने की स्थिति नहीं बन सकी। 29 सितंबर 2025 को पति ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से अदालत में विवाह विच्छेद का वाद दायर किया। 5 सितंबर 2026 परिवार न्यायालय की अदालत के विवाह विच्छेद के आदेश के साथ एक प्रेम कहानी का अंत हो गया।