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बारिश के बाद चलीं तेज हवाएं, फसलें गिरने से हुई बर्बादी

Fri, 21 Feb 2020 10:27 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 21 Feb 2020 10:27 PM IST
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loss for farmer with heavy rainfall
कासगंज क्षेत्र के एक खेत में तेज हवाओं से गिरी पड़ी फसल - फोटो : KASGANJ
कासगंज। बृहस्पतिवार की रात हुई झमाझम बारिश और तेज हवाओं से गेहूं व जौ की फसलें गिर गईं। किसानों का कहना है कि इन दिनों गेहूं और जौ की फसल में बाली निकल रही है। ऐसे में बारिश होने से काफी नुकसान होगा। बारिश से खेतों में पानी भर गया है जबकि मौसम विभाग आगे भी बारिश के आसार बता रहा है।
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किसान सुखबीर सिंह और गया प्रसाद के अनुसार बारिश ने किसानों की फसल को बरबादी के कगार पर पहुंचा दिया है। किसान रातभर चिंतित रहे कि कहीं ओलावृष्टि न हो जाए। किसानों का कहना है कि खेतों पर लहलहा रहीं फसलें गिर जाने से पैदावार प्रभावित हो गई। मौसम विभाग की वेबसाइट पर अभी आने वाले दिनों में भी बारिश की चेतावनी दी गई है। ऐसे में किसानों को डर सता रहा है कि यदि फिर से बारिश हुई तो और ज्यादा नुकसान होगा। इन दिनों खेतों में गेहूं, जौ और सरसों सहित अन्य फसलें खड़ी हैं।
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मटर, सरसों और आलू की फसल भी प्रभावित
हवाओं से गेहूं, जौ की फसलें गिर गईं हैं। वहीं मटर, सरसों और आलू की फसल भी प्रभावित हुई है। खेतों में पानी भर जाने से मटर और आलू की फसल को नुकसान हो रहा है। जबकि तेज बारिश से सरसों का फूल झड़ गया है।
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एक बार फिर बदला मौसम
फाल्गुन महीने में सर्दी का मौसम विदाई की ओर होता है जबकि गर्मी के मौसम की शुरूआत हो जाती है। पिछले कई दिनों से चटक धूप होने के कारण लोग सर्दी की विदाई कर रहे थे, लेकिन बारिश के बाद मौसम में एक बार फिर से बदलाव हुआ है और ठंडक बढ़ गई है।
एक नजर-
- 96 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में तैयार हो रही गेहूं की फसल।
- 1.5 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में खड़ी है जौ की फसल।
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खबर से संबंधित फोटो संख्या 8, 9 प्रेषित है-
लागत निकालना होगा मुश्किल
- खेतों में फसलें गिर गई हैं। जिससे पैदावार प्रभावित होगी। महंगाई के चलते फसलों में अधिक लागत आ रही है। बर्बादी से लागत निकलना मुश्किल होगी
- सत्यप्रकाश सिंह।
दाना हल्का हो जाएगा
- फसलें इन दिनों लहलहा रहीं हैं। बाली निकल रही है। जिसमें दाना तैयार हो रहा है। अब फसलें गिर जाने से दाना हल्का हो जाएगा।
- करमचंद।
किसान बरतें सावधानी
- जिन खेतों में पानी भर गया है किसान सावधानी बरतते हुए वहां से पानी निकाल दें। मौसम सही होने पर फसलों में हुए नुकसान से कुछ हद तक राहत मिलेगी
- सुमित चौहान, जिला कृषि अधिकारी।
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