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सरकारी सिम से देख रहे पोर्न साइट
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Wed, 18 Feb 2015 01:34 AM IST
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रोडवेज बसाें को ईटीएम (इलेक्ट्रानिक टिकटिंग मशीन) और वीटीएस (व्हीकल ट्रेकिंग सिस्टम) से जोड़ना निगम को भारी पड़ गया। ट्रेकिंग के लिए इस्तेमाल होने वाली सिम से चालक-परिचालक मोबाइल और लैपटॉप पर पोर्न साइट देखने लगे हैं। इनके इस फितूर की जानकारी मुख्यालय स्तर पर हो रही आनलाइन मानीटरिंग से हुई है। इतना ही नहीं इस सिम से अंधाधुंध कॉल भी किए जा रहे हैं। अधिकारी अब इस सिम को इनबिल्ट करने की योजना बना रहे हैं।
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने इलेक्ट्रानिक मशीन से टिकट देना शुरू किया। इसी तरह से बसों की लोकेशन की मॉनीटरिंग के लिए वीटीएस लगाया। दोनों ही उपकरण में सिम का उपयोग होता है। मगर, चालक-परिचालक इन मशीनों से सिम को निकालकर मोबाइल लैपटॉप पर पोर्न साइट देख रहे हैं। लेकिन उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि वे कभी पकड़े भी जाएंगे। रोडवेज क्षेत्रीय और मुख्यालय स्तर पर आनलाइन मानीटरिंग प्राइवेट कंपनी ट्राईमेक्स करती है। सिम का बिल अधिक आने पर ट्रैकिंग की गई तो खुलासा हुआ कि बस किसी रूट पर और सिम की लोकेशन कहीं और इस्तेमाल हो रही थी।
वर्जन
सिम को बदला जा रहा है। इसे सिस्टम में ही इनबिल्ट करने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही इस पर निगम की साइट के अलावा कुछ नहीं खुलेगा। ताकि दुरुपयोग रोका जा सके।
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- राहुल राउत, जोन प्रबंधक, ट्राईमैक्स
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उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने इलेक्ट्रानिक मशीन से टिकट देना शुरू किया। इसी तरह से बसों की लोकेशन की मॉनीटरिंग के लिए वीटीएस लगाया। दोनों ही उपकरण में सिम का उपयोग होता है। मगर, चालक-परिचालक इन मशीनों से सिम को निकालकर मोबाइल लैपटॉप पर पोर्न साइट देख रहे हैं। लेकिन उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि वे कभी पकड़े भी जाएंगे। रोडवेज क्षेत्रीय और मुख्यालय स्तर पर आनलाइन मानीटरिंग प्राइवेट कंपनी ट्राईमेक्स करती है। सिम का बिल अधिक आने पर ट्रैकिंग की गई तो खुलासा हुआ कि बस किसी रूट पर और सिम की लोकेशन कहीं और इस्तेमाल हो रही थी।
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सिम को बदला जा रहा है। इसे सिस्टम में ही इनबिल्ट करने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही इस पर निगम की साइट के अलावा कुछ नहीं खुलेगा। ताकि दुरुपयोग रोका जा सके।
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- राहुल राउत, जोन प्रबंधक, ट्राईमैक्स