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पुराने पन्नों से: चुनाव में विदेशी धन का इस्तेमाल... गृह मंत्री को संसद में स्वीकार करनी पड़ी थी यह बात
Sat, 16 Mar 2024 01:07 PM IST
शाहरुख खान
अशोक सिंह, अमर उजाला, आगरा
अशोक सिंह, अमर उजाला, आगरा
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 16 Mar 2024 01:07 PM IST
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Lok Sabha Election 2024
- फोटो : अमर उजाला
चौथी लोकसभा के लिए हुए आम चुनाव में विदेशी धन का इस्तेमाल हुआ था। कांग्रेस की सरकार बनने के बाद संसद में भी यह मुद्दा उठा और विपक्ष ने इसे लेकर खूब हंगामा किया। तब के गृह मंत्री यशवंत राव चव्हाण को भी संसद में चुनाव में विदेशी धन के प्रयोग की बात स्वीकार करनी पड़ी।
चुनाव खर्च की सीमा समय-समय पर बढ़ती रही है। भारतीय प्रतिनिधित्व कानून 1951 की धारा 77 के तहत प्रत्येक उम्मीदवार को नामांकन से चुनाव परिणाम की तिथि तक अपने खर्चे का पूरा ब्योरा रखना जरूरी है।
अमर उजाला के 14 दिसंबर, 1967 के अंक में प्रकाशित समाचार के अनुसार तत्कालीन गृहमंत्री यशवंत राव चव्हाण ने राज्यसभा में माना था कि उनके पास इस बात पर विश्वास करने के पर्याप्त आधार हैं कि चुनाव में विदेशी धन का इस्तेमाल हुआ।
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साथ ही उन्होंने कहा था कि यह पता लगाना संभव नहीं है कि धन कहां से आया और किस पार्टी ने इसका प्रयोग किया। गृह मंत्री ने इस पर संसदीय समिति के गठन का प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया।
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चुनाव खर्च की सीमा समय-समय पर बढ़ती रही है। भारतीय प्रतिनिधित्व कानून 1951 की धारा 77 के तहत प्रत्येक उम्मीदवार को नामांकन से चुनाव परिणाम की तिथि तक अपने खर्चे का पूरा ब्योरा रखना जरूरी है।
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अमर उजाला के 14 दिसंबर, 1967 के अंक में प्रकाशित समाचार के अनुसार तत्कालीन गृहमंत्री यशवंत राव चव्हाण ने राज्यसभा में माना था कि उनके पास इस बात पर विश्वास करने के पर्याप्त आधार हैं कि चुनाव में विदेशी धन का इस्तेमाल हुआ।
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साथ ही उन्होंने कहा था कि यह पता लगाना संभव नहीं है कि धन कहां से आया और किस पार्टी ने इसका प्रयोग किया। गृह मंत्री ने इस पर संसदीय समिति के गठन का प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया।
चौथा आम चुनाव 1967 में 17 फरवरी से 21 फरवरी के बीच हुआ था। उस समय 523 सीटों के लिए 520 सीटों का निर्वाचन हुआ था। पिछली लोकसभा से इस बार 15 सीटें ज्यादा थीं।
520 सीटों वाली लोकसभा के लिए बहुमत को 261 सीटों की जरूरत थी। चौथी लोकसभा के लिए 61.04 फीसदी वोटरों ने मताधिकार का इस्तेमाल किया। कांग्रेस के लिए जवाहर लाल नेहरू के बाद यह पहला चुनाव था। कांग्रेस ने 283 सीट जीत कर सरकार बनाई थी। इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री बनीं।