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बंद रहे बाजार, घरों में रहे लोग, सूनी रही सड़कें
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11एमएनपी-04-लेनगंज बाजार में पसरा सन्नाटा
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। सरकार की ओर से लगाए गए 55 घंटे के प्रतिबंध का प्रशासन ने जिले में सख्ती के साथ पालन कराया। जिलेभर के बाजार शनिवार को बंद रहे, सड़कें सूनी रही और लोग अपने-अपने घरों में रहे। चौराहों पर यातायात रोकने के लिए बैरियर लगाने के साथ ही पुलिस फोर्स की तैनाती रही।
प्रदेश सरकार ने दस जुलाई की रात से 13 जुलाई की सुबह पांच बजे तक लॉकडाउन किया है। जिले में भी लॉकडाउन का असर रहा। शहर में बाजार पूरी तरह से बंद रहे। चौराहों पर बैरियर लगाकर पुलिस मुस्तैद रही। बिना वजह घूमने वालों को चेतावनी देकर पुलिसकर्मियों ने घर भेज दिया। इस बीच ट्रैफिक पुलिस की ओर से चालान भी काटे गए। जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह और एसपी अजय कुमार पांडेय ने शहर के साथ ही जिलेभर में भ्रमण किया।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी अफसर रहे अलर्ट
शासन के निर्देश का पालन कराने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में भी अफसर और पुलिस अलर्ट रही। घिरोर में एसडीएम अनिल कुमार कटियार और थाना प्रभारी पहलवान सिंह ने फोर्स के साथ पूरे नगर में पैदल भ्रमण किया। बेवर में प्रभारी निरीक्षक जसवीर सिंह सिरोही ने कस्बे में गश्त करके सरकार के आदेश का पालन कराया। बिना मास्क लगाए घूम रहे 10 बाइक सवारों के चालान किए गए। ज्योंती में भी बाजार बंद रहा। भोगांव में एसडीएम सुधीर कुमार और सीओ प्रयांक जैन ने थाना पुलिस के साथ नगर में भ्रमण किया। लोगों को घर में रहने की निर्देश दिए गए। इसी तरह करहल में एसडीएम रतन कुमार वर्मा ने पुलिस फोर्स के साथ पैदल गश्त किया।
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सब्जी और दूध के लिए परेशान रहे लोग
लॉकडाउन अवधि में प्रशासन ने सब्जी, राशन और दूध की डोर टू डोर सप्लाई कराई थी। हालांकि 55 घंटे के लॉकडाउन में यह व्यवस्था नहीं दिखी। शहर के कई मोहल्लों में दूध की सप्लाई नहीं हो पाई। दुकानें बंद होने के कारण डेयरी का दूध भी लोगों को नहीं मिला। इसी तरह फल और सब्जी के ठेले भी प्रतिबंधित रहे। इस कारण लोगों के घरों तक सब्जी, फल और अन्य जरूरी सामान नहीं पहुंच सका। इससे लोगों को परेशानी हुई।
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प्रदेश सरकार ने दस जुलाई की रात से 13 जुलाई की सुबह पांच बजे तक लॉकडाउन किया है। जिले में भी लॉकडाउन का असर रहा। शहर में बाजार पूरी तरह से बंद रहे। चौराहों पर बैरियर लगाकर पुलिस मुस्तैद रही। बिना वजह घूमने वालों को चेतावनी देकर पुलिसकर्मियों ने घर भेज दिया। इस बीच ट्रैफिक पुलिस की ओर से चालान भी काटे गए। जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह और एसपी अजय कुमार पांडेय ने शहर के साथ ही जिलेभर में भ्रमण किया।
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ग्रामीण क्षेत्रों में भी अफसर रहे अलर्ट
शासन के निर्देश का पालन कराने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में भी अफसर और पुलिस अलर्ट रही। घिरोर में एसडीएम अनिल कुमार कटियार और थाना प्रभारी पहलवान सिंह ने फोर्स के साथ पूरे नगर में पैदल भ्रमण किया। बेवर में प्रभारी निरीक्षक जसवीर सिंह सिरोही ने कस्बे में गश्त करके सरकार के आदेश का पालन कराया। बिना मास्क लगाए घूम रहे 10 बाइक सवारों के चालान किए गए। ज्योंती में भी बाजार बंद रहा। भोगांव में एसडीएम सुधीर कुमार और सीओ प्रयांक जैन ने थाना पुलिस के साथ नगर में भ्रमण किया। लोगों को घर में रहने की निर्देश दिए गए। इसी तरह करहल में एसडीएम रतन कुमार वर्मा ने पुलिस फोर्स के साथ पैदल गश्त किया।
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सब्जी और दूध के लिए परेशान रहे लोग
लॉकडाउन अवधि में प्रशासन ने सब्जी, राशन और दूध की डोर टू डोर सप्लाई कराई थी। हालांकि 55 घंटे के लॉकडाउन में यह व्यवस्था नहीं दिखी। शहर के कई मोहल्लों में दूध की सप्लाई नहीं हो पाई। दुकानें बंद होने के कारण डेयरी का दूध भी लोगों को नहीं मिला। इसी तरह फल और सब्जी के ठेले भी प्रतिबंधित रहे। इस कारण लोगों के घरों तक सब्जी, फल और अन्य जरूरी सामान नहीं पहुंच सका। इससे लोगों को परेशानी हुई।