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इंसानियत: आगरा में बस्ती के लोगों ने चंदा जुटाकर किया रिक्शा चालक का अंतिम संस्कार

Fri, 21 May 2021 12:05 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 21 May 2021 12:05 AM IST
सार

आगरा में जेपी नगर के लोगों ने इंसानियत की मिसाल पेश की है। उन्होंने न सिर्फ रिक्शा चालक को अंतिम संस्कार किया, बल्कि चंदे की रकम से राशन खरीद कर मृतक के परिवार को दिया। 

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local people the last rites of the rickshaw driver by donations in agra
स्थानीय लोगों ने पीपीई किट पहनकर किया अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोरोना काल में हुई मौत के बाद एक बार फिर आगरा में इंसानियत की मिसाल देखने को मिली। जेपी नगर के लोगों ने एक रिक्शा चालक की मौत होने पर चंदा कर कफन का इंतजाम किया और उसका अंतिम संस्कार किया। चंदे के सात हजार रुपये से घर के लिए राशन का भी इंतजाम किया गया।

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मऊ रोड स्थित जेपी नगर में रिक्शा चालक राकेश कुमार की मौत होने के बाद उनके परिवार का कोई भी सदस्य शव के पास आने से बचता रहा। राकेश के पांच बच्चों में तीन छोटी बेटियां और दो बेटे अपने शव से दूर बैठ रोते रहे। कई परिजनों को फोन पर सूचना दी गई, लेकिन कोई नहीं आया। 
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इस पर बस्ती के लोगों ने आपस में चंदा जुटाकर राकेश का शव ले जाने की व्यवस्था की। यह सब देख राकेश के घर के पास ही रहने वाले राकेश के रिश्ते में भाई लगने वाले बंटू में भी थोड़ी हिम्मत आई। 

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चंदे की रकम से ही राकेश के कफन का इंतजाम किया गया। बस्ती के लोग शव को लेकर पोइया घाट स्थित श्मशान घाट पहुंचे, जहां रिक्शा चालक का अंतिम संस्कार किया गया। राकेश ही घर में कमाना वाला एक सदस्य था।

लोगों ने की एंबुलेंस की व्यवस्था
जेपी नगर के दीपक सिंह ने बताया कि हम सभी बस्ती वालों ने एंबुलेंस बुलाई। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण बस्ती के सभी लोगों ने अपने स्तर से चंदा एकत्रित कर शव का अंतिम संस्कार करने में सहयोग किया। 

खरीदीं गईं चार पीपीई किट
घर से शव को श्मशान घाट ले जाने के लिए बस्ती के चार युवाओं गोविंद, सोनू, बंटू और हरप्रसाद ने पीपीई किट खरीदी। बस्ती के लोग चाहते थे कि किसी दूसरे व्यक्ति को कोई दिक्कत नहीं हो और अंतिम संस्कार भी हो जाए। इसलिए पीपीई किट पहनने के बाद ही अंतिम संस्कार किया गया।

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