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मथुराः दंपति हत्याकांड की सीबीआई जांच के लिए हाईकोर्ट में याचिका, कल सुनवाई
ब्यूरो/अमर उजाला मथुरा
Updated Wed, 11 Oct 2017 08:12 AM IST
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मथुरा में वृंदावन के बाग बुंदेला के महंत मधुमंगल शरणदास शुक्ल ने अमर कालोनी के डबल मर्डर की जांच सीबीआई से कराने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहितयाचिका दायर की है। इस पीआईएल पर कोर्ट बुधवार को अपना निर्णय सुनाएगा।
मामले में याचिकाकर्ता ने प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव राजीव कुमार, डीजीपी सुलखान सिंह, एडीजी आगरा अजय आनंद, कमिश्नर के राममोहन राव, डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी और एसएसपी स्वप्निल ममगाई को भी पत्र भेजे हैं।
लगातार तीन दिनों तक इन पत्रों को याचिकाकर्ता अफसरों को भेजेंगे। इन पत्रों में लिखा गया है कि अमर कालोनी में सात माह पूर्व राखी के मां-बाप का कत्ल किए जाने और न्याय मांग रही राखी के प्रति संवेदनहीन प्रशासन ने मामले को उचित ढ़ग से संज्ञान नहीं लिया।
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अधिकारियों की लापरवाही निष्क्रियता और टरकाऊरवैए के कारण बालिका को लगातार निराशा ही हाथ लगी। याचिका में कहा है कि अधिकारियों को यह रवैया पीड़ितों के प्रति जनहित में अत्यंत ही खेदजनक है।
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मामले में याचिकाकर्ता ने प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव राजीव कुमार, डीजीपी सुलखान सिंह, एडीजी आगरा अजय आनंद, कमिश्नर के राममोहन राव, डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी और एसएसपी स्वप्निल ममगाई को भी पत्र भेजे हैं।
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लगातार तीन दिनों तक इन पत्रों को याचिकाकर्ता अफसरों को भेजेंगे। इन पत्रों में लिखा गया है कि अमर कालोनी में सात माह पूर्व राखी के मां-बाप का कत्ल किए जाने और न्याय मांग रही राखी के प्रति संवेदनहीन प्रशासन ने मामले को उचित ढ़ग से संज्ञान नहीं लिया।
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अधिकारियों की लापरवाही निष्क्रियता और टरकाऊरवैए के कारण बालिका को लगातार निराशा ही हाथ लगी। याचिका में कहा है कि अधिकारियों को यह रवैया पीड़ितों के प्रति जनहित में अत्यंत ही खेदजनक है।
राखी ने कॉलेज जाना भी कर दिया था बंद
अात्महत्या
- फोटो : अमर उजाला
मां-बाप के हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए लड़ाई लड़ रही राखी का कॉलेज जाना भी छूट गया था। राखी केके डिग्री कालेज गोकुल से बीएससी कर रही थी जबकि राहुल इंटर का छात्र है। दीपा हाईस्कूल में पढ़ रही है। मां बाप की हत्या के बाद इन सभी की पढ़ाई छूट गई।
मार्च की घटना थी और तभी से तीनों भाई-बहन अपने मां बाप के हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए अफसरों के दफ्तरों के चक्कर लगा रहे थे। राखी ने तो हर अफसर के आफिस में पहुंची।
प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक को चिट्ठी भेजी। सुबह ही अफसरों से अपना दर्द बयां करने के लिए निकल जाती थी। मुहल्लेवालों का कहना है कि राखी पढ़ाई में भी काफी तेज थी। हर वक्त अपनी पढ़ाई में ही लगी रहती थी।
मार्च की घटना थी और तभी से तीनों भाई-बहन अपने मां बाप के हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए अफसरों के दफ्तरों के चक्कर लगा रहे थे। राखी ने तो हर अफसर के आफिस में पहुंची।
प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक को चिट्ठी भेजी। सुबह ही अफसरों से अपना दर्द बयां करने के लिए निकल जाती थी। मुहल्लेवालों का कहना है कि राखी पढ़ाई में भी काफी तेज थी। हर वक्त अपनी पढ़ाई में ही लगी रहती थी।
पंद्रह दिनों से बेहद तनाव में थी
मां बाप के कातिलों की गिरफ्तारी न होने से बेहद तनाव में थी राखी। उसे लगने लगा था कि पुलिस कुछ करेगी नहीं। यही वजह है कि उसने वीडियो सोशल मीडिया पर डालकर लोगों से मदद मांगी थी लेकिन इससे पहले कि लोग मदद को आगे आते वही दुनिया को अलविदा कह गई।
राखी की छोटी बहन दीपा और भाई ने बताया कि दीदी पिछले पंद्रह दिनों से ज्यादा परेशान थीं। वह बार-बार कहा करती थीं कि पुलिस कातिलों को गिरफ्तार ही नहीं कर पा रही है। कोई उसका साथ भी नहीं दे रहा है। राखी ने बाद में एक वीडियो सोशल मीडिया पर डालकर लोगों से मदद मांगी थी।
इस वीडियो में राखी ने कहा था कि वह केवल अपने मां-बाप के कातिलों की गिरफ्तारी की ही तो मांग कर रही है। मुहल्लेवालों भी कहते हैं कि राखी जब भी किसी से मिलती थी तभी कहती थी कि उसके मां-बाप को बड़ी बेरहमी से बदमाशों ने मारा था। मकान बनवाने के लिए घर में जो पैसा रखा था वह भी लूटकर ले गए थे बदमाश।
राखी की छोटी बहन दीपा और भाई ने बताया कि दीदी पिछले पंद्रह दिनों से ज्यादा परेशान थीं। वह बार-बार कहा करती थीं कि पुलिस कातिलों को गिरफ्तार ही नहीं कर पा रही है। कोई उसका साथ भी नहीं दे रहा है। राखी ने बाद में एक वीडियो सोशल मीडिया पर डालकर लोगों से मदद मांगी थी।
इस वीडियो में राखी ने कहा था कि वह केवल अपने मां-बाप के कातिलों की गिरफ्तारी की ही तो मांग कर रही है। मुहल्लेवालों भी कहते हैं कि राखी जब भी किसी से मिलती थी तभी कहती थी कि उसके मां-बाप को बड़ी बेरहमी से बदमाशों ने मारा था। मकान बनवाने के लिए घर में जो पैसा रखा था वह भी लूटकर ले गए थे बदमाश।