Agra: ताज में सीपीआर देकर बचा ली कर्नाटक की बच्ची की जान, मां से अलग होने पर रोते हुए हो गई थी बेसुध
ताज में सीपीआर देकर कर्नाटक की बच्ची की जान बचा ली गई। मां से अलग होने पर रोते हुए बेसुध हो गई थी।
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उत्तर प्रदेश के आगरा में माता-पिता के साथ ताजमहल घूमने कर्नाटक के बेलगाम से आई आयजा (2) की तबीयत बिगड़ गई। मां से कुछ देर के लिए अलग हो जाने के कारण वह बेतहाशा रोने लगी और बेसुध हो गई। शरीर में कोई हलचल नजर न आने पर सीआईएसएफ जवानों ने उसे डिस्पेंसरी भेजा।
वहां डॉ. रिंकू बघेल ने कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) दिया, जिससे उसकी हालत में सुधार आ गया। ताजमहल डिस्पेंसरी के चिकित्सक डॉ. रिंकू बघेल ने बताया कि सोमवार की शाम को 5:30 बजे के करीब ताजमहल में आयजा के शरीर में हरकत बंद हो गई। परिजन घबरा गए। वह रोते हुए बेसुध हो गई थी।
डिस्पेंसरी में लाने पर उसे सीपीआर दी गई, जिसके बाद तत्काल एंबुलेंस से शांति मांगलिक अस्पताल भेजा गया, जहां बच्ची की हालत में सुधार आ गया है। संभवत: हाइपोक्सिया के कारण बच्ची बेसुध हो गई थी। अक्सर ज्यादा रोने पर मस्तिष्क तक ऑक्सीजन नहीं पहुंचती, तब ऐसी हालत हो जाती है।
गर्मी से दो पर्यटक चक्कर खाकर गिरे
जबरदस्त उमस और गर्मी के कारण ताजमहल में मुंबई से आए पर्यटक समीर शेख और राजस्थान के घीसा लाल की तबीयत बिगड़ गई। समीर शेख को सांस की बीमारी थी, जिससे वह उमस के कारण पसीने से तर-ब-तर हो गए। ज्यादा चलने के कारण वह हांफने लगे और गिर गए। ताज की डिस्पेंसरी में उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया।