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केंद्रीय कारागार में अलीगढ़ के सजायाफ्ता बंदी की मौत, परिजनों को सौंपा शव
Sun, 05 May 2019 10:04 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sun, 05 May 2019 10:04 PM IST
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- फोटो : डेमो
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केंद्रीय कारागार में सजायाफ्ता बंदी की रविवार तड़के हालत बिगड़ गई। इस पर बंदी को एसएन मेडिकल कालेज इमरजेंसी ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
जेल प्रशासन के मुताबिक, नगला पद्म, थाना चंडौस, अलीगढ़ निवासी कुंवरपाल (60) पुत्र बंशीधर को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा हुई थी। 20 साल पहले उनके गांव में झगड़ा हो गया। इसमें गांव के ओमपाल की हत्या की गई थी।
हत्या में कुंवरपाल आरोपी थे। वह अलीगढ़, फिरोजाबाद जेल में रहे। आजीवन कारावास की सजा होने पर वर्ष 2009 में केंद्रीय कारागार में बंद कराया गया था। कुंवरपाल को सांस संबंधी बीमारी थी।
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जेल प्रशासन के मुताबिक, नगला पद्म, थाना चंडौस, अलीगढ़ निवासी कुंवरपाल (60) पुत्र बंशीधर को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा हुई थी। 20 साल पहले उनके गांव में झगड़ा हो गया। इसमें गांव के ओमपाल की हत्या की गई थी।
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हत्या में कुंवरपाल आरोपी थे। वह अलीगढ़, फिरोजाबाद जेल में रहे। आजीवन कारावास की सजा होने पर वर्ष 2009 में केंद्रीय कारागार में बंद कराया गया था। कुंवरपाल को सांस संबंधी बीमारी थी।
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शनिवार रात तकरीबन तीन बजे बंदी को सांस लेने में तकलीफ होने पर जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से एसएन मेडिकल कालेज इमरजेंसी रेफर किया गया। डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
जानकारी पर बंदी का बेटा संजय आगरा आ गया। बेटे का कहना था कि वह पिता से डेढ़ महीने पहले मिलकर गया था। तब उनकी तबीयत ठीक थी। उसने लापरवाही की आशंका जाहिर की। जेलर के मुताबिक, शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।
जानकारी पर बंदी का बेटा संजय आगरा आ गया। बेटे का कहना था कि वह पिता से डेढ़ महीने पहले मिलकर गया था। तब उनकी तबीयत ठीक थी। उसने लापरवाही की आशंका जाहिर की। जेलर के मुताबिक, शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।