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आगरा: सपा महानगर अध्यक्ष के फर्जी हस्ताक्षर का पत्र वायरल, उपाध्यक्ष को पद से निष्कासित दिखाया; एफआईआर दर्ज
Thu, 01 Oct 2026 09:43 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Thu, 01 Oct 2026 09:43 PM IST
सार
फर्जी पत्र में आगरा महानगर के उपाध्यक्ष राम नरेश यादव को समाजवादी पार्टी से निष्कासित करने का झूठा उल्लेख है। उन्होंने यह पत्र जारी नहीं किया है। यह कृत्य जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और पहचान के दुरुपयोग की श्रेणी में आता है।
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- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
आगरा के समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास के कार्यालय के अधिकृत लेटर पैड पर उनके फर्जी हस्ताक्षर से जारी पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें एक पदाधिकारी को पार्टी से निष्कासित करना दर्शाया गया है। मामले में छत्ता थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
शब्बीर अब्बास ने पुलिस आयुक्त को प्रार्थनापत्र दिया। उन्होंने बताया कि 29 सितंबर को उन्हें इस फर्जी पत्र के बारे में पता चला। इसमें उनके नाम और पद का अवैध रूप से इस्तेमाल किया गया। फर्जी पत्र में आगरा महानगर के उपाध्यक्ष राम नरेश यादव को समाजवादी पार्टी से निष्कासित करने का झूठा उल्लेख है। उन्होंने यह पत्र जारी नहीं किया है। यह कृत्य जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और पहचान के दुरुपयोग की श्रेणी में आता है।
उन्होंने कहा कि इस कृत्य से पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जनता में भ्रम फैला है। इससे समाजवादी पार्टी की राजनीतिक प्रतिष्ठा को गंभीर क्षति पहुंचाने का प्रयास किया गया। उन्होंने फर्जी पत्र तैयार करने और प्रसारित करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। एसीपी श्वेता वर्मा ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
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शब्बीर अब्बास ने पुलिस आयुक्त को प्रार्थनापत्र दिया। उन्होंने बताया कि 29 सितंबर को उन्हें इस फर्जी पत्र के बारे में पता चला। इसमें उनके नाम और पद का अवैध रूप से इस्तेमाल किया गया। फर्जी पत्र में आगरा महानगर के उपाध्यक्ष राम नरेश यादव को समाजवादी पार्टी से निष्कासित करने का झूठा उल्लेख है। उन्होंने यह पत्र जारी नहीं किया है। यह कृत्य जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और पहचान के दुरुपयोग की श्रेणी में आता है।
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उन्होंने कहा कि इस कृत्य से पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जनता में भ्रम फैला है। इससे समाजवादी पार्टी की राजनीतिक प्रतिष्ठा को गंभीर क्षति पहुंचाने का प्रयास किया गया। उन्होंने फर्जी पत्र तैयार करने और प्रसारित करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। एसीपी श्वेता वर्मा ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
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