{"_id":"586bf7464f1c1b943a1592a5","slug":"leopard-attack-12-injured-farmer","type":"story","status":"publish","title_hn":"तेंदुए का हमला, 12 किसान घायल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तेंदुए का हमला, 12 किसान घायल
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Updated Wed, 04 Jan 2017 12:41 AM IST
विज्ञापन
गांव ऊंचा में वन विभाग के रेंजर के सामने भी किया हमला
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शमसाबाद के गांव ऊंचा में मंगलवार को तेंदुआ नजर आने से दहशत फैल गई। इसके हमले में 12 किसान घायल हो गए। तीन किसानों पर तो वन विभाग के रेंजर के सामने हमला किया। देर शाम तक गांव वाले इसे पकड़ने की कोशिश करते रहे लेकिन अंधेरा होने पर घरों को लौट गए। खौफ के चलते ऊंचा गांव समेत आस पास के गांवों में पहरा लगाया गया। उधर घायलों को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी मिल गई।
तेंदुए का पहला हमला सुबह नौ बजे मोनू पर हुआ। उसे लक्ष्मण सिंह के खेत में जानवर होने का आभास हुआ था। नजदीक गया तो तेंदुए ने हमला बोल दिया। उसकी चीख पर आस पास के किसान पहुंच गए। तेंदुआ वहां से भागकर आलू के खेत में छिप गया। किसानों ने इस खेत की घेराबंदी कर दी। वह तेजी से दौड़ा और किसानों पर हमला बोल दिया।
इसमें रामनिवास पुत्र गिर्राज सिंह, लल्लू पुत्र जगतराम, चरन सिंह पुत्र मोहन सिंह, शिवदत्त पुत्र गोपाली, कान्हा पुत्र रामवीर, रामनरायन समेत आठ लोग घायल हो गए। इसके बाद यूपी-100 और वन विभाग को फोन से जानकारी दी गई।
विज्ञापन
शाम साढ़े चार बजे वन विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी सत्यपाल खाली हाथ मौके पर पहुंचे। उनके सामने भी तेंदुए ने एक बार हमला किया। इसमें तीन किसान घायल हुए। पूर्व प्रधान जसवंत सिंह, वीकल सिंह, अजय दीक्षित और राजवीर का कहना है कि वन विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण ग्रामीणों की जान पर आ बनी है। बता दें, शमसाबाद में पहले भी तेंदुआ नजर आ चुका है। पिछले साल आगरा शहर में तेंदुआ आ गया था। इसे काफी मशक्कत के बाद पकड़ा जा सका था।
जख्मी है तेंदुआ, नजदीक न जाएं लोग
शमसाबाद। रेंजर सत्यपाल सिंह का कहना है कि तेंदुआ जख्मी प्रतीत हो रहा है। तभी वह बार-बार हमला कर रहा है। ऐसे में लोग उसके नजदीक न जाएं। ऐसे लग रहा है कि वह भाग नहीं पा रहा है। वन विभाग की टीम उसे पकड़ने का प्रयास करेगी ।
वन विभाग की लापरवाही पर भड़के लोग
शमसाबाद। लोगों में इस बात का गुस्सा है कि वन विभाग के रेंजर सूचना के साढ़े चार घंटे बाद पहुंचे। वह भी बगैर किसी तैयारी के। उनके साथ न टीम थी और न ही ट्रैंकुलाइजिंग गन। आगरा से वन विभाग का कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। कीठम स्थित बीअर रेस्क्यू सेंटर चलाने वाली संस्था वाइल्ड लाइफ एसओएस से भी टीम बुलाई गई है।
गांव ऊंचा में खौफ से जागे लोग
शमसाबाद। आलू का पौधा बहुत ऊंचा नहीं होता है। अगर तेंदुआ खड़ा हो तो दूर से नजर आता है। उसकी दहशत इतनी है कि गांव ऊंचा में रात को लोग जागते रहे। पहरे लगाए गए। हाथों में हथियार लेकर लोग घूमते रहे।
विज्ञापन
तेंदुए का पहला हमला सुबह नौ बजे मोनू पर हुआ। उसे लक्ष्मण सिंह के खेत में जानवर होने का आभास हुआ था। नजदीक गया तो तेंदुए ने हमला बोल दिया। उसकी चीख पर आस पास के किसान पहुंच गए। तेंदुआ वहां से भागकर आलू के खेत में छिप गया। किसानों ने इस खेत की घेराबंदी कर दी। वह तेजी से दौड़ा और किसानों पर हमला बोल दिया।
विज्ञापन
इसमें रामनिवास पुत्र गिर्राज सिंह, लल्लू पुत्र जगतराम, चरन सिंह पुत्र मोहन सिंह, शिवदत्त पुत्र गोपाली, कान्हा पुत्र रामवीर, रामनरायन समेत आठ लोग घायल हो गए। इसके बाद यूपी-100 और वन विभाग को फोन से जानकारी दी गई।
विज्ञापन
शाम साढ़े चार बजे वन विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी सत्यपाल खाली हाथ मौके पर पहुंचे। उनके सामने भी तेंदुए ने एक बार हमला किया। इसमें तीन किसान घायल हुए। पूर्व प्रधान जसवंत सिंह, वीकल सिंह, अजय दीक्षित और राजवीर का कहना है कि वन विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण ग्रामीणों की जान पर आ बनी है। बता दें, शमसाबाद में पहले भी तेंदुआ नजर आ चुका है। पिछले साल आगरा शहर में तेंदुआ आ गया था। इसे काफी मशक्कत के बाद पकड़ा जा सका था।
जख्मी है तेंदुआ, नजदीक न जाएं लोग
शमसाबाद। रेंजर सत्यपाल सिंह का कहना है कि तेंदुआ जख्मी प्रतीत हो रहा है। तभी वह बार-बार हमला कर रहा है। ऐसे में लोग उसके नजदीक न जाएं। ऐसे लग रहा है कि वह भाग नहीं पा रहा है। वन विभाग की टीम उसे पकड़ने का प्रयास करेगी ।
वन विभाग की लापरवाही पर भड़के लोग
शमसाबाद। लोगों में इस बात का गुस्सा है कि वन विभाग के रेंजर सूचना के साढ़े चार घंटे बाद पहुंचे। वह भी बगैर किसी तैयारी के। उनके साथ न टीम थी और न ही ट्रैंकुलाइजिंग गन। आगरा से वन विभाग का कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। कीठम स्थित बीअर रेस्क्यू सेंटर चलाने वाली संस्था वाइल्ड लाइफ एसओएस से भी टीम बुलाई गई है।
गांव ऊंचा में खौफ से जागे लोग
शमसाबाद। आलू का पौधा बहुत ऊंचा नहीं होता है। अगर तेंदुआ खड़ा हो तो दूर से नजर आता है। उसकी दहशत इतनी है कि गांव ऊंचा में रात को लोग जागते रहे। पहरे लगाए गए। हाथों में हथियार लेकर लोग घूमते रहे।