लेखपाल का कारनामा: सरकार को ही बेच दी सरकारी जमीन, खुलासा होने पर अफसरों के उड़े होश
मामले का खुलासा होने पर अफसरों के होश उड़ गए। अब पीडब्ल्यूडी ने अपनी जमीन वापस लेने के लिए कर्रवाई शुरू की है। दरअसल, पिलुआ क्षेत्र में मजार के सामने पीडब्ल्यूडी की छह एकड़ जमीन है। यहां उसका हॉट मिक्स प्लांट लगा हुआ है। वर्ष 2018 में एनएच-91 के चौड़ीकरण के लिए किसानों की जमीन का अधिग्रहण शुरू किया गया।
पिलुआ क्षेत्र में पीडब्ल्यूडी की इस जमीन में से तीन एकड़ का बैनामा एनएचएआई अथारिटी को कर दिया गया। इसके एवज में सर्किल रेट के चार गुना के हिसाब से मुआवजे का भुगतान भी किया गया। इस दौरान क्षेत्र के लेखपाल राजबहादुर थे।
इन गाटों के किए गए हैं बैनामा
नेशनल हाईवे के किनारे ग्रामसभा पिलुआ के अभिलेखों में यह जमीन पीडब्ल्यूडी की बताई गई है। गाटा संख्या 1655 से 1660 तक, 1662 से 1665 तक और 1667 व 1669 में पीडब्ल्यूडी की कुल छह एकड़ (24,370 वर्गमीटर) जमीन है। इसमें से तीन एकड़ (12,304 वर्ग मीटर) का बैनामा कराया गया है।
टीसी दोहरे, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी का कहना है कि पीडब्ल्यूडी की ग्राम सभा पिलुआ की जमीन का एनएचएआई अथारिटी अधिग्रहण करना चाहती है।
हमने अपनी पूरी जमीन करने की मांग की है। एनएचएआई यहां या दूसरी जगह जमीन देने के लिए तैयार हो जाता है तो हमें कोई आपत्ति नहीं है। इसके लिए उच्चाधिकारियों सहित शासन और प्रशासन को पत्र लिखे गए हैं।
काश्तकारों को मुआवजा उनकी जमीन का दिया गया है। हालांकि पीडब्ल्यूडी जिस जमीन पर दावा कर रहा है वह पीडब्ल्यूडी की है। इस बारे में और जानकारी कर रहा हूं।