{"_id":"5dfbb0ea8ebc3e87dc405f2d","slug":"lekhpal-mainpuri-news-agr420882535","type":"story","status":"publish","title_hn":"कार्रवाई से डरे नहीं लेखपाल, जारी रहा धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कार्रवाई से डरे नहीं लेखपाल, जारी रहा धरना
विज्ञापन
19एमएनपी-04-शीतला देवी मंदिर परिसर में धरना देते लेखपाल
- फोटो : MAINPURI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। एक ओर जहां धरना देने वाले लेखपालों पर प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है तो वहीं दूसरी ओर लेखपालों के हौंसले भी बुलंद हैं। कार्रवाई से डरे बिना बृहस्पतिवार को भी लेखपालों का धरना जारी रही। उन्होंने साफ कहा कि प्रशासन के इस तानाशाही रवैये से वे डरने वाले नहीं है। वे गिरफ्तारी के लिए भी तैयारी हैं।
नौ सूत्री मांगों को लेकर लेखपाल संघ धरना दे रहा है। शीतला देवी मंदिर परिसर में धरना देने वाले 105 लेखपालों पर प्रशासन की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसके बाद भी बृहस्पतिवार को लेखपाल धरना स्थल पर पहुंचे। लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष उमाशंकर शाक्य ने कहा कि लेखपालों की जायज मांगों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं सचिव पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि वे कार्रवाई से डरने वाले नहीं है। जब तक लेखपालों की मांगों को नहीं माना जाता है तब तक धरना जारी रहेगा। धरने में महेश यादव, अरविंद यादव, बृजेश राठौर, सुमित पांडेय, दीपचंद्र वर्मा, जालिम सिंह, असित यादव, डीपी यादव, अंतिमा, हरवेश समेत बड़ी संख्या में लेखपाल मौजूद रहे।
राज्य कर्मचारी परिषद ने दिया समर्थन
लेखपालों के धरने को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने अपना समर्थन दे दिया है। प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर मंडलीय सचिव शिवमंगल सिंह और जिलाध्यक्ष अवधेश सिंह यादव ने लेखपाल संघ को अपना सहमति पत्र सौंपा। उन्होंने कहा कि अगर सरकार मांगें मानने के साथ ही लेखपालों पर की गई कार्रवाई वापस नहीं लेती है तो वे भी धरने में प्रतिभाग करेंगे। इसके लिए पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
विज्ञापन
प्रशासन ने जारी किया ब्रेक इन सर्विस नोटिस
एक ओर जहां लेखपाल धरने पर अड़े हुए हैं तो प्रशासन भी लगातार कार्रवाईकर रहा है। 22 लेखपालों को निलंबित करने के साथ ही 105 पर एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। बृहस्पतिवार को उप जिलाधिकारी ने 186 लेखपालों को ब्रेक इन सर्विस नोटिस जारी कर दिया। ऐसे में अब लेखपालों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।
विज्ञापन
नौ सूत्री मांगों को लेकर लेखपाल संघ धरना दे रहा है। शीतला देवी मंदिर परिसर में धरना देने वाले 105 लेखपालों पर प्रशासन की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसके बाद भी बृहस्पतिवार को लेखपाल धरना स्थल पर पहुंचे। लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष उमाशंकर शाक्य ने कहा कि लेखपालों की जायज मांगों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं सचिव पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि वे कार्रवाई से डरने वाले नहीं है। जब तक लेखपालों की मांगों को नहीं माना जाता है तब तक धरना जारी रहेगा। धरने में महेश यादव, अरविंद यादव, बृजेश राठौर, सुमित पांडेय, दीपचंद्र वर्मा, जालिम सिंह, असित यादव, डीपी यादव, अंतिमा, हरवेश समेत बड़ी संख्या में लेखपाल मौजूद रहे।
विज्ञापन
राज्य कर्मचारी परिषद ने दिया समर्थन
लेखपालों के धरने को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने अपना समर्थन दे दिया है। प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर मंडलीय सचिव शिवमंगल सिंह और जिलाध्यक्ष अवधेश सिंह यादव ने लेखपाल संघ को अपना सहमति पत्र सौंपा। उन्होंने कहा कि अगर सरकार मांगें मानने के साथ ही लेखपालों पर की गई कार्रवाई वापस नहीं लेती है तो वे भी धरने में प्रतिभाग करेंगे। इसके लिए पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
विज्ञापन
प्रशासन ने जारी किया ब्रेक इन सर्विस नोटिस
एक ओर जहां लेखपाल धरने पर अड़े हुए हैं तो प्रशासन भी लगातार कार्रवाईकर रहा है। 22 लेखपालों को निलंबित करने के साथ ही 105 पर एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। बृहस्पतिवार को उप जिलाधिकारी ने 186 लेखपालों को ब्रेक इन सर्विस नोटिस जारी कर दिया। ऐसे में अब लेखपालों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।