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‘अफ्रीका छोड़ो, आस्ट्रेलिया-आसियान में चमकेगा जूता’
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
Updated Sat, 31 Oct 2015 01:26 AM IST
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सधे हुए कदमाें से मुश्किल वक्त में चलेंगे तो न केवल मंदी के दौर में मुनाफा बढ़ेगा, बल्कि जूते की चमक भी बढ़ेगी। मंदी से प्रभावित यूरोप के साथ अफ्रीका के बाजार कमोडिटी और मिनरल्स के दाम गिरने से घाटे का सौदा हैं।
ऐसे में जूते की चमक बढ़ानी है तो आसियान देशों (एसोसिएशन आफ साउथ ईस्ट एशियन नेशन) और आस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड और अमेरिका जैसे बाजारों का रुख करना होगा।
रॉ मैटेरियल सस्ता होने से ब्राजील, अमेरिका जैसे बाजारों में भारतीय जूता शान से दौड़ेगा।
देश भर के जूता निर्यातकों को यह गुरुमंत्र काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट अध्यक्ष एम रफीक अहमद ने दिया। बीएसएनएल मैदान पर 9वें इंटरनेशनल लेदर फुटवियर कंपोनेंट, मशीनरी फेयर ‘मीट एट आगरा’ के उद्घाटन पर उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट में हालात खराब हैं।
साउथ ईस्ट यानी आसियान देशों इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, वियतनाम, ब्रूनेई, कंबोडिया आदि की अर्थव्यवस्था बेहतर है। आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में कम लागत, लेकिन बेहतर क्वालिटी के जूते से भारत का जूता छा सकता है। मंदी से चीन की चिंता बढ़ी है, लेकिन हमें नए मौके मिलेंगे। उनका अनुभव है कि मंदी में मुनाफा ज्यादा मिलता है।
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सीएलई पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र जालान ने कहा मेक इन इंडिया के तहत ब्राजील की सबसे बड़ी टैनरी जेबीएस भारत में टैनरी लगाने की तैयारी में है। आंध्र प्रदेश के कृष्णापट्टनम में जगह भी देखी गई है।
संयुक्त सचिव जेके दादू ने कहा कि छह बिलियन डालर के निर्यात को मेक इन इंडिया और स्किल इंडिया के जरिए 15 बिलियन पर पहुंचाना है। फरवरी में देश के टॉप डिजायनर्स का सम्मेलन चेन्नई में होगा, जहां अंतर्राष्ट्रीय चुनौतियों पर चर्चा होगी।
मीट एट आगरा के उद्घाटन समारोह में कमिश्नर प्रदीप भटनागर, मेयर इंद्रजीत आर्य, एफडीडीआई चेयरपर्सन रेवती रॉय, एफमेक अध्यक्ष पूरन डावर, राजेश सहगल, कैप्टन एएस राना, नजीर अहमद, शाहरू मोहसिन, राजीव वासन, सुशील सचदेवा, जितेंद्र त्रिलोकानी, एके सिंह आदि मौजूद रहे।
तीन घंटे देरी से आए कलराज मिश्र
मीट एट आगरा का उद्घाटन पूर्वाह्न 11 बजे होना था, लेकिन केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र दिल्ली में अफ्रीकी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के चलते दो बजे फेयर में पहुंचे। एफमेक अध्यक्ष पूरन डावर, सीएलई अध्यक्ष रफीक अहमद ने उन्हें जूता उद्योग की समस्याएं बताईं। कलराज मिश्र ने कहा कि एमएसएमई पूरी तरह से जूते की मदद करेगा।
संसदीय समिति की सिफारिशों के अनुरूप एमएसएमई की लिमिट बढ़ाई जा रही है और सरकार सेंट्रल फुटवियर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट सहित संस्थानों को अपग्रेड कर रही है। आगरा का सीएफटीआई भी अपग्रेड होगा।
सेल्फ सर्टिफिके शन 18 सितंबर से शुरू हुआ है, जिसमें बिना पैसे दिए रजिस्ट्रेशन हो रहा है। आगरा, चेन्नई और कानपुर के जूता निर्माता अच्छे जूते बना रहे हैं। वाणिज्य मंत्रालय से वह बात करके जूता निर्यातकों की दिक्कतें दूर कराएंगे।
लेदर के लिए नहीं बनेगा अलग मंत्रालय
मीट एट आगरा में काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र जालान ने संयुक्त सचिव जेके दादू से मांग की थी कि मेक इन इंडिया वाले 25 प्रमुख उद्योगों में 24 के अलग मंत्रालय हैं, जबकि छह बिलियन डालर निर्यात वाले लेदर फुटवियर के लिए कोई मंत्रालय नहीं। अलग मंत्रालय से मुश्किलों पर जल्द कार्रवाई होगी।
इस पर संयुक्त सचिव जेके दादू ने कहा कि सरकार का फोकस लेदर इंडस्ट्री पर है और इसके लिए नए मंत्रालय का कोई प्रस्ताव भी नहीं है। स्किल्ड लेबर और स्केल बढ़ाने के लिए सरकार पूरी मदद दे रही है।
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ऐसे में जूते की चमक बढ़ानी है तो आसियान देशों (एसोसिएशन आफ साउथ ईस्ट एशियन नेशन) और आस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड और अमेरिका जैसे बाजारों का रुख करना होगा।
रॉ मैटेरियल सस्ता होने से ब्राजील, अमेरिका जैसे बाजारों में भारतीय जूता शान से दौड़ेगा।
देश भर के जूता निर्यातकों को यह गुरुमंत्र काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट अध्यक्ष एम रफीक अहमद ने दिया। बीएसएनएल मैदान पर 9वें इंटरनेशनल लेदर फुटवियर कंपोनेंट, मशीनरी फेयर ‘मीट एट आगरा’ के उद्घाटन पर उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट में हालात खराब हैं।
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साउथ ईस्ट यानी आसियान देशों इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, वियतनाम, ब्रूनेई, कंबोडिया आदि की अर्थव्यवस्था बेहतर है। आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में कम लागत, लेकिन बेहतर क्वालिटी के जूते से भारत का जूता छा सकता है। मंदी से चीन की चिंता बढ़ी है, लेकिन हमें नए मौके मिलेंगे। उनका अनुभव है कि मंदी में मुनाफा ज्यादा मिलता है।
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सीएलई पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र जालान ने कहा मेक इन इंडिया के तहत ब्राजील की सबसे बड़ी टैनरी जेबीएस भारत में टैनरी लगाने की तैयारी में है। आंध्र प्रदेश के कृष्णापट्टनम में जगह भी देखी गई है।
संयुक्त सचिव जेके दादू ने कहा कि छह बिलियन डालर के निर्यात को मेक इन इंडिया और स्किल इंडिया के जरिए 15 बिलियन पर पहुंचाना है। फरवरी में देश के टॉप डिजायनर्स का सम्मेलन चेन्नई में होगा, जहां अंतर्राष्ट्रीय चुनौतियों पर चर्चा होगी।
मीट एट आगरा के उद्घाटन समारोह में कमिश्नर प्रदीप भटनागर, मेयर इंद्रजीत आर्य, एफडीडीआई चेयरपर्सन रेवती रॉय, एफमेक अध्यक्ष पूरन डावर, राजेश सहगल, कैप्टन एएस राना, नजीर अहमद, शाहरू मोहसिन, राजीव वासन, सुशील सचदेवा, जितेंद्र त्रिलोकानी, एके सिंह आदि मौजूद रहे।
तीन घंटे देरी से आए कलराज मिश्र
मीट एट आगरा का उद्घाटन पूर्वाह्न 11 बजे होना था, लेकिन केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र दिल्ली में अफ्रीकी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के चलते दो बजे फेयर में पहुंचे। एफमेक अध्यक्ष पूरन डावर, सीएलई अध्यक्ष रफीक अहमद ने उन्हें जूता उद्योग की समस्याएं बताईं। कलराज मिश्र ने कहा कि एमएसएमई पूरी तरह से जूते की मदद करेगा।
संसदीय समिति की सिफारिशों के अनुरूप एमएसएमई की लिमिट बढ़ाई जा रही है और सरकार सेंट्रल फुटवियर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट सहित संस्थानों को अपग्रेड कर रही है। आगरा का सीएफटीआई भी अपग्रेड होगा।
सेल्फ सर्टिफिके शन 18 सितंबर से शुरू हुआ है, जिसमें बिना पैसे दिए रजिस्ट्रेशन हो रहा है। आगरा, चेन्नई और कानपुर के जूता निर्माता अच्छे जूते बना रहे हैं। वाणिज्य मंत्रालय से वह बात करके जूता निर्यातकों की दिक्कतें दूर कराएंगे।
लेदर के लिए नहीं बनेगा अलग मंत्रालय
मीट एट आगरा में काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र जालान ने संयुक्त सचिव जेके दादू से मांग की थी कि मेक इन इंडिया वाले 25 प्रमुख उद्योगों में 24 के अलग मंत्रालय हैं, जबकि छह बिलियन डालर निर्यात वाले लेदर फुटवियर के लिए कोई मंत्रालय नहीं। अलग मंत्रालय से मुश्किलों पर जल्द कार्रवाई होगी।
इस पर संयुक्त सचिव जेके दादू ने कहा कि सरकार का फोकस लेदर इंडस्ट्री पर है और इसके लिए नए मंत्रालय का कोई प्रस्ताव भी नहीं है। स्किल्ड लेबर और स्केल बढ़ाने के लिए सरकार पूरी मदद दे रही है।