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खिलखिलाना सबसे बड़ा टॉनिक, लाफ्टर थैरेपी नियंत्रित रहेंगी ये बीमारियां

Fri, 10 Jan 2020 10:58 AM IST
Abhishek Saxena नेहा सिंह, अमर उजाला, आगरा
नेहा सिंह, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Fri, 10 Jan 2020 10:58 AM IST
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Laughter is the biggest tonic People are laughing in parks
पार्कों में योग के साथ लाफ्टर थैरेपी - फोटो : अमर उजाला
खिलखिलाना सेहत के लिए सबसे बड़ा टॉनिक है। हंसने के लिए किसी वजह की जरूरत नहीं होती। जब आप खुश होते हैं, तनावमुक्त होते हैं तो चेहरे पर मुस्कान आ ही जाती है। तकनीकी रूप से लोग जितना एक-दूसरे के जुडे़ हैं, भावनात्मक रूप से उतना ही दूर हो गए हैं। नतीजा हंसी के अनुपम उपहार से हम वंचित हो रहे हैं। हंसना और ठहाके लगाना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है। शहर के तमाम पार्कों में योग के दौरान भी लोगों को ठहाके लगाते देखा जा सकता है। 
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इम्यून सिस्टम होता मजबूत
डॉ. चंदन कुमार के मुताबिक हंसने से हमारा ब्लड सर्कुलेशन ठीक रहता है। ब्लड सर्कुलेशन ठीक रहने से हम कई बीमारियों से बच सकते हैं। हंसने से हमारा इम्यून सिस्टम (रोग-प्रतिरोधी क्षमता) मजबूत होता है। मेडिकल साइंस कहती है कि हंसने के दौरान हमारे शरीर में एंटी वायरल कोशिकाएं तेजी से बनती है।
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10 मिनट की हंसी कार्यक्षमता में बढ़ोत्तरी करती है। हंसने के दौरान हमारे शरीर की कई मांसपेशियां एक साथ काम करती हैं है। हृदय से लेकर श्वास रोगियों तक के लिए हंसना फायदेमंद हैं। स्ट्रेस के कारण पेट में होने वाली आईबीएस की समस्या हंसने से दूर होती है।  
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डॉ. चंदन कुमार - फोटो : अमर उजाला
शरीर में बनता इंडोर्फिन हार्मोन 
योग गुरु डॉ. राजकुमार ने बताया कि हंसने से डिप्रेशन की समस्या दूर होती है और शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। हंसने के दौरान हमारे शरीर में इंडोर्फिन हार्मोन बनता है जिससे हम खुश महसूस करते हैं। लाफ्टर थैरेपी से डायबिटीज, ब्लड प्रेशर की समस्या कंट्रोल हो जाती है।

ग्रुप में लोगों को रोजाना कम से कम पांच मिनट तक लगातार हंसना चाहिए। जोड़ों के दर्द की समस्या से राहत दिलाने के लिए डॉक्टर लाफ्टर थैरेपी का इस्तेमाल करते हैं। कई शोध में सामने आया है कि 10 मिनट तक हंसते रहने से दो घंटे की गहरी नींद आती है।

अधिक समय तक रहते जवां
हंसने से आंतरिक भागों की चेहरे की मांसपेशियों को बहुत लाभ होता है। इससे लेक्टिव एसिड (दूषित पदार्थ) बाहर जाता है। हंसने का असर हमारी उम्र पर भी दिखाई देता है। यह एक तरह की स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज जैसा है। एंटी-एजिंग में मदद मिलती है। इससे कैलरी बर्न होती है, जिससे मोटापे में कमी आती है। एक शोध के मुताबिक 15 मिनट तक हंसने से हम 10-40 कैलरी तक बर्न कर सकते हैं।
 

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हास्य कवि रमेश मुस्कान - फोटो : अमर उजाला
1998 में मुंबई से हुई थी शुरुआत
हास्य दिवस पहली बार 10 जनवरी 1998 को भारत के डॉ. मदन कटारिया ने मुंबई में मनाया था। इसकी सफलता को देखते हुए विश्व के 105 देशों ने इसे अपनाया। इसके बाद इसे मई के पहले रविवार को पूरी दुनिया में विश्व हास्य दिवस मनाया जाने लगा। मदन कटारिया द्वारा विश्व हास्य योग आंदोलन इसलिए स्थापित किया गया था कि दुनिया में शांति फैले और सभी इंसानों में आपस में भाईचारा बना रहे।

आत्मा का व्यायाम है हास्य : रमेश मुस्कान
वर्तमान में लोगों की जिंदगी तनावयुक्त हो गई है। हास्य आत्मा का व्यायाम है। स्वास्थ्य रखने के लिए यह बेहद जरूरी है। पहले कवि सम्मेलनों में जहां महज एक मात्र ही हास्य कवि होता था। अब हास्य कवि सम्मेलन बड़ी संख्या में होते हैं। हास्य का बाजार बढ़ता जा रहा है।

हंसी की कोई भाषा कोई धर्म नहीं होता। हास्य कवि रमेश मुस्कान के मुताबिक दुनिया का ऐसा कोई कोना नहीं जहां तनाव व्याप्त न हो। ऐसे में लोगों को हास्य की सबसे अधिक जरूरत महसूस हो रही है करीब 17 देशों की यात्राएं कर चुके रमेश मुस्कान ताजनगरी और ब्रज में व्याप्त हास्य की विरासत को दुनिया भर में फैला रहे हैं। उन्होंने बताया कि आज सबसे अधिक मांग हास्य की है। टेलीविजन पर लाफ्टर शो की भरमार है। 

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प्रताप फौजदार - फोटो : अमर उजाला
हंसी आज सबसे महंगी : प्रताप फौजदार
वर्ष 2006 में द ग्रेट लाफ्टर चैंलेंज से पहचान बनाने वाले प्रताप फौजदार लगातार शो कर रहे हैं। ठहाकों के सरदार का कहना है हंसी आज सबसे महंगी हो गई है। हास्य का असली स्वरूप कवि सम्मेलनों में ही है। आज हर कोई तनाव में है।

ताजनगरी के हास्य कवि प्रताप फौजदार ने अपने कद को लेकर कई हास्य रचनाएं दुनियाभर के मंचों पर प्रस्तुत कीं, जिन्हें खासा पसंद किया गया। प्रताप फौजदार के मुताबिक लोग सरदार के ऊपर चुटकुले बनाते थे।

खुद सरदार होते हुए भी जब उन्होंने उसे हास्य का रूप दिया तो हास्य से साथ निकले व्यंग्य ने लोगों को नई सीख दी। जहां भोलापन और बहादुरी जुड़ जाती हैं, वहां मस्ती अपने आप होने लगती है। 62 से अधिक देशों में ब्रज भाषा के हास्य को पहचान दिलाई। उन्होंने बताया कि अपने ऊपर किया गया हास्य सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है। 
 
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