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‘लपकों’ से मुक्त होगा ताजमहल
अमर उजाला आगरा
Updated Mon, 29 Aug 2016 12:49 AM IST
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डा. महेश शर्मा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूूराो
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40 रुपये के प्रवेश टिकट पर ताजमहल में अब फोटोग्राफी नहीं हो सकेगी। न ही हर कोई स्मारक के अंदर गाइडिंग कर पाएगा। इसके लिए केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति ने योजना तैयार कर ली है। जल्द ही इसे लागू किया जाएगा। तब तक पुरानी व्यवस्था ही लागू रहेगी। यह कहना है केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा. महेश शर्मा का।
उन्होंने कहा कि ताजमहल को ‘लपका कल्चर’ से मुक्त करने के लिए पुराने लाइसेंस वाले फोटोग्राफर ही फोटोग्राफी कर पाएंगे। वहीं, गाइडों की परीक्षा होगी। इसमें प्रदेश, क्षेत्रीय और स्मारक विशेष के गाइड चुने जाएंगे। इन सभी की संख्या निश्चित होगी। ताज में सफाई व्यवस्था पर महेश शर्मा का कहना था कि इसके 500 मीटर के दायरे को पॉलिथीन मुक्त किया जाएगा।
ताज रात्रि दर्शन पर सुप्रीम के फैसले का इंतजार
उन्होंने बताया कि ताज के रात्रि दर्शन के लिए पूर्वी गेट की बजाय पश्चिमी गेट से प्रवेश, महताब बाग से रात्रि दर्शन और रात्रि दर्शन की प्रवेश टिकट उसी दिन मिलने से संबंधित मामले सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं। इन पर 22 अगस्त को सुनवाई थी। जल्द ही दूसरी तारीख पर सुनवाई होने जा रही है। सरकारी कार्य की वजह से इसमें लेट-लतीफी को उन्होंने स्वीकार किया।
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कोरीडोर की झाड़ियां
पेड़ों में तब्दील हुईं
कोरीडोर को विकसित करने के संबंध में केंद्रीय मंत्री का कहना है कि पेट्रोलियम मंत्रालय से इसके लिए 20 करोड़ रुपये स्वीकृत हो चुके हैं। मगर, कोरीडोर में जो झाड़ियां थीं, वे अब पेड़ों का रूप ले चुकी हैं इसलिए इन्हें काटना आसान नहीं है। इसके लिए अनुमति ली जाएगी। उन्होंने कहा कि पूर्व में कोरीडोर और पर्यावरण को लेकर अधिकारियों की उंगलियां जल चुकी हैं, ऐसे में अधिकारी भी फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं।
ताज के पीछे छोटे डेम पर सहमति
पिछले दिनों ताज पर हरे रंग के कीड़ों के अटैक के स्थायी निस्तारण पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि स्मारक के पीछे पानी के ठहराव को लेकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, कैबिनेट मंत्री शिवपाल और मुख्य सचिव दीपक सिंघल के साथ बैठक हो चुकी है। इसमें स्मारक के पीछे छोटा डेम बनाने पर सहमति बनी है। मगर, अंतिम निर्णय नीरी की रिपोर्ट आने के बाद ही होगा। साथ ही उन्होंने स्मारक में पर्यटकों की समय सीमा निर्धारित करने के संबंध में भी कहा कि नीरी की रिपोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के हिसाब से ही इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि ताजमहल को ‘लपका कल्चर’ से मुक्त करने के लिए पुराने लाइसेंस वाले फोटोग्राफर ही फोटोग्राफी कर पाएंगे। वहीं, गाइडों की परीक्षा होगी। इसमें प्रदेश, क्षेत्रीय और स्मारक विशेष के गाइड चुने जाएंगे। इन सभी की संख्या निश्चित होगी। ताज में सफाई व्यवस्था पर महेश शर्मा का कहना था कि इसके 500 मीटर के दायरे को पॉलिथीन मुक्त किया जाएगा।
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ताज रात्रि दर्शन पर सुप्रीम के फैसले का इंतजार
उन्होंने बताया कि ताज के रात्रि दर्शन के लिए पूर्वी गेट की बजाय पश्चिमी गेट से प्रवेश, महताब बाग से रात्रि दर्शन और रात्रि दर्शन की प्रवेश टिकट उसी दिन मिलने से संबंधित मामले सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं। इन पर 22 अगस्त को सुनवाई थी। जल्द ही दूसरी तारीख पर सुनवाई होने जा रही है। सरकारी कार्य की वजह से इसमें लेट-लतीफी को उन्होंने स्वीकार किया।
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कोरीडोर की झाड़ियां
पेड़ों में तब्दील हुईं
कोरीडोर को विकसित करने के संबंध में केंद्रीय मंत्री का कहना है कि पेट्रोलियम मंत्रालय से इसके लिए 20 करोड़ रुपये स्वीकृत हो चुके हैं। मगर, कोरीडोर में जो झाड़ियां थीं, वे अब पेड़ों का रूप ले चुकी हैं इसलिए इन्हें काटना आसान नहीं है। इसके लिए अनुमति ली जाएगी। उन्होंने कहा कि पूर्व में कोरीडोर और पर्यावरण को लेकर अधिकारियों की उंगलियां जल चुकी हैं, ऐसे में अधिकारी भी फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं।
ताज के पीछे छोटे डेम पर सहमति
पिछले दिनों ताज पर हरे रंग के कीड़ों के अटैक के स्थायी निस्तारण पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि स्मारक के पीछे पानी के ठहराव को लेकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, कैबिनेट मंत्री शिवपाल और मुख्य सचिव दीपक सिंघल के साथ बैठक हो चुकी है। इसमें स्मारक के पीछे छोटा डेम बनाने पर सहमति बनी है। मगर, अंतिम निर्णय नीरी की रिपोर्ट आने के बाद ही होगा। साथ ही उन्होंने स्मारक में पर्यटकों की समय सीमा निर्धारित करने के संबंध में भी कहा कि नीरी की रिपोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के हिसाब से ही इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।