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Agra News: अधूरी नींद और तनाव से मस्तिष्क हो रहा बीमार

Wed, 22 Jul 2026 02:27 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Updated Wed, 22 Jul 2026 02:27 AM IST
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Lack of sleep and stress are making the brain sick.
आगरा। बदलती जीवनशैली, लगातार तनाव और अधूरी नींद के कारण लोगों के मस्तिष्क पर गंभीर असर पड़ रहा है। न्यूरो सर्जन के अनुसार, पहले ब्रेन स्ट्रोक अधिक उम्र की बीमारी थी, लेकिन अब 35 से 50 वर्ष के लोगों में भी इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। न्यूरोलॉजिस्ट का कहना है कि शुरुआती लक्षण पहचान कर समय पर इलाज से गंभीर खतरों को टाला जा सकता है।
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एसएन मेडिकल कॉलेज के न्यूरो सर्जन डॉ. मयंक अग्रवाल ने बताया कि एसएन की ओपीडी में हर महीने 50 से 60 मरीज ब्रेन स्ट्रोक के आ रहे हैं। मरीज के अस्पताल देर से पहुंचने पर इलाज जटिल हो जाता है। स्ट्रोक के बाद शुरुआती 4-5 घंटे उपचार के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरान इलाज मिलने पर मरीज को स्थायी विकलांगता से बचाया जा सकता है।
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शोध बताते हैं कि इलाज में हर मिनट की देरी से लगभग 19 लाख ब्रेन कोशिका नष्ट हो सकते हैं। उच्च रक्तचाप, मधुमेह, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल, हृदय रोग, धूम्रपान, तंबाकू, मोटापा, शारीरिक निष्क्रियता, लगातार तनाव और छह घंटे से कम नींद स्ट्रोक का खतरा बढ़ाते हैं।
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स्ट्रोक के लक्षण और तुरंत पहचान के तरीके
स्ट्रोक की तुरंत पहचान के लिए फास्ट (FAST) फॉर्मूला अपनाएं। फेस- चेहरे का एक हिस्सा लटक रहा हो या मुस्कुराने पर चेहरा एक तरफ झुक रहा हो। आर्म्स- दोनों हाथ उठाने पर एक हाथ उठ न पाए या नीचे गिर जाए। स्पीच- बोलने में लड़खड़ाहट हो, शब्द स्पष्ट न निकलें या बात समझने में कठिनाई हो। टाइम- ऐसे लक्षण दिखते ही तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाएं, एक मिनट भी बर्बाद न करें।

बचाव के लिए यह करें
रक्तचाप, शर्करा और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखें। रोज कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें, 7-8 घंटे की नींद लें, धूम्रपान और तंबाकू से दूरी बनाएं। संतुलित आहार लें और तनाव कम करने के लिए योग व ध्यान को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय के निदेशक प्रोफेसर दिनेश राठौर ने बताया कि तनाव मस्तिष्क रोगों की सबसे बड़ी वजह बन रहा है। छात्रों से लेकर गृहस्थों तक, हर उम्र के लोगों में तनाव बढ़ रहा है, जिससे मस्तिष्क की बीमारियां पनप रही हैं।
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