कुंभ पूर्व वैष्णव बैठक शुरू होते ही ठाकुर बांकेबिहारी की नगरी वृंदावन भक्ति के रंग में सराबोर हो गई है। यमुना तट पर संतों की नगरी बस गई है। यहां देश के कोने-कोने से भक्त अपनी अभिलाषा लिए पहुंचने लगे हैं। ब्रज रज में धूनी रमाए हठयोगी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। बता दें कि वसंत पंचमी से शुरू हुआ यह धार्मिक आयोजन 40 दिन तक चलेगा।
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वृंदावन कुंभ बैठक मेला 2021 में साधु-संतों और श्रद्धालुओं की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
वसंत पंचमी के अवसर पर मंगलवार को यमुना तट पर वृंदावन कुंभ मेले का शुभारंभ वैदिक मुहूर्त में ध्वजारोहण के साथ हो गया। इस आध्यात्मिक महासंगम में शामिल होने के लिए भारतवर्ष के विभिन्न अखाड़े, खालसा और अनियों के महंत-श्रीमहंत और हजारों साधु-संत पहुंच गए हैं।
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वृंदावन कुंभ बैठक मेला 2021
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आध्यात्म के इस महासागर में डुबकी लगाने के लिए हर कोई बेताब दिखाई दिया। देश के कोने-कोने से भक्त अपनी अभिलाषा लिए मंगलवार को वृंदावन के कुंभ मेला स्थल पहुंचे। कुंभ मेले पर उमड़ी भीड़ को देखकर लगा कि लघु भारत यहां बस गया हो।
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वृंदावन कुंभ बैठक: हठयोगियों ने रमाई धूनी
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वृंदावन की पावन धरा पर साधु, संतों और महंतों के साथ साथ नागा, योगी और वैरागी भी इस कुंभ में साधना के लिए पहुंचे। शुभ मुहूर्त में यमुना के पावनजल में स्नान किया।
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वृंदावन कुंभ बैठक मेला में साधु-संत
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साधु-संतों ने यमुना तट की पावन रज को शरीर पर लगाकर अपनी कुटियाओं की ओर बढ़ चले। कुटिया में पहुंचने के बाद योगी बाबाओं ने अपनी साधना प्रारंभ की। योगी, बाबाओं के दर्शन कर दूर दराज से आए श्रद्धालु कृतार्थ हुए।