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संगठित होकर आर पार की लड़ाई लड़ेगा किसान
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मैनपुरी। भारतीय किसान यूनियन की पंचायत रविवार को बरनाहल विकासखंड के गांव लाखनमऊ में हुई। भाकियू के तहसील अध्यक्ष उदयवीर यादव ने कहा भारत लोकतांत्रिक देश है। हर किसी को अपनी बात कहने का अधिकार है। सरकार किसानों की बात को बलपूर्वक दबा रही है। किसान चुप नहीं बैठेगा। संगठित होकर अब आरपार की लड़ाई लड़ेगा।
रविवार को हुई पंचायत में तहसील अध्यक्ष ने कहा सरकार तानाशाही रवैया अपनाकर किसानों की जायज बात को दबा रही है। पुलिस के माध्यम से किसान यूनियन के पदाधिकारियों को धमकाया जा रहा है। पुलिस किसान पंचायतों वाले स्थानों पर पहुंचकर किसानों को भी धमका रही है। किसानों के विरोध के बाद भी केंद्र सरकार जबरन किसान विरोधी तीनों कानूनों को किसानों पर जबरन थोपना चाहती है। जिसे किसान बर्दाश्त नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा किसानों को अब अपने भविष्य की चिंता है। जबकि सरकार को पूंजीपतियों के ही भविष्य की ही चिंता है। 21 जनवरी को दिल्ली पहुंचकर किसानों के आंदोलन में जिले के किसान भी शामिल होंगे। भाजपा को सत्ता में बिठाने वाले किसान ही भाजपा को सत्ता से हटाएंगे। इस मौकेे पर ओमवीर यादव, मुरारीलाल, रामनरेश पाल, शेर सिंह, रामसिंह, रामप्रकाश सिंह, जगदीश सिंह, दिनेश सिंह, संतोष कुमार, रामपाल, नवाब सिंह, पंकज कुमार सिंह, सत्यवीर, रतन सिंह, भारत सिंह, अबधेश कुमार, सर्वेश कुमार मौजूद रहे।
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दो किसान नेता किए गए नजरबंद
भारतीय किसान यूनियन की विकासखंड सुल्तानगंज के गांव अमेहरा में रविवार को हुई किसान पंचायत में तहसील अध्यक्ष बेंचेलाल राजपूत, तहसील सचिव शिवराज सिंह एडवोकेट भाग नहीं ले सके। दोनों के आवास पर पहुंची पुलिस ने उनको सुबह ही घरों में नजरबंद कर दिया। नेताओं केे नहीं पहुंचने के बाद भी पंचायत में पहुंचे किसानों ने पंचायत करके नजरबंद किए गए नेताओं को छोड़ने की मांग की।
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रविवार को हुई पंचायत में तहसील अध्यक्ष ने कहा सरकार तानाशाही रवैया अपनाकर किसानों की जायज बात को दबा रही है। पुलिस के माध्यम से किसान यूनियन के पदाधिकारियों को धमकाया जा रहा है। पुलिस किसान पंचायतों वाले स्थानों पर पहुंचकर किसानों को भी धमका रही है। किसानों के विरोध के बाद भी केंद्र सरकार जबरन किसान विरोधी तीनों कानूनों को किसानों पर जबरन थोपना चाहती है। जिसे किसान बर्दाश्त नहीं करेंगे।
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उन्होंने कहा किसानों को अब अपने भविष्य की चिंता है। जबकि सरकार को पूंजीपतियों के ही भविष्य की ही चिंता है। 21 जनवरी को दिल्ली पहुंचकर किसानों के आंदोलन में जिले के किसान भी शामिल होंगे। भाजपा को सत्ता में बिठाने वाले किसान ही भाजपा को सत्ता से हटाएंगे। इस मौकेे पर ओमवीर यादव, मुरारीलाल, रामनरेश पाल, शेर सिंह, रामसिंह, रामप्रकाश सिंह, जगदीश सिंह, दिनेश सिंह, संतोष कुमार, रामपाल, नवाब सिंह, पंकज कुमार सिंह, सत्यवीर, रतन सिंह, भारत सिंह, अबधेश कुमार, सर्वेश कुमार मौजूद रहे।
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दो किसान नेता किए गए नजरबंद
भारतीय किसान यूनियन की विकासखंड सुल्तानगंज के गांव अमेहरा में रविवार को हुई किसान पंचायत में तहसील अध्यक्ष बेंचेलाल राजपूत, तहसील सचिव शिवराज सिंह एडवोकेट भाग नहीं ले सके। दोनों के आवास पर पहुंची पुलिस ने उनको सुबह ही घरों में नजरबंद कर दिया। नेताओं केे नहीं पहुंचने के बाद भी पंचायत में पहुंचे किसानों ने पंचायत करके नजरबंद किए गए नेताओं को छोड़ने की मांग की।