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साइबर कार्यशाला: कॉमिक्स बताएगी साइबर अपराध से बचने के तरीके, हर साल 20 करोड़ रुपये ठग ले रहे साइबर अपराधी
Mon, 09 Oct 2023 02:13 PM IST
आगरा ब्यूरो
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: आगरा ब्यूरो
Updated Mon, 09 Oct 2023 02:13 PM IST
सार
जेपी सभागार में हुई प्रशिक्षण कार्यशाला में पुलिस आयुक्त ने साइबर कॉमिक्स लॉन्च की। इसमें तरीका बताया गया है जिससे कोई भी आसानी से साइबर अपराध से बच सकता है।
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साइबर अपराध (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
साइबर अपराधी हर साल आगरा में लोगों से करीब 20 करोड़ रुपये ठग ले रहे हैं। हर 15 दिन में अपराध का तरीका बदल देते हैं। पुलिस पकड़ भी ले तो सुबूत जुटाना आसान नहीं है। थाना पुलिस को शिकायत दर्ज करने और जांच का सही तरीका पता होना चाहिए। ये बातें पुलिस आयुक्त डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने कही। उन्होंने साइबर कॉमिक्स भी लॉन्च की।
खंदारी स्थित जेपी सभागार में रविवार को साइबर साक्षरता मिशन के तहत पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के लिए प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। पुलिस आयुक्त ने कहा कि अक्तूबर के अंत तक जिले में साइबर सेल को थाना बना दिया जाएगा। हर थाने में साइबर हेल्प डेस्क स्थापित होंगी। प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा, जिससे शिकायत लेकर आने वाले लोगों की त्वरित सुनवाई हो सके। साइबर अपराध के मामले में जितनी जल्दी पुलिस कार्रवाई करती है, उतनी जल्दी पीड़ित को लाभ मिल सकता है।
थानेदार-दरोगा नहीं बता सके तरीका
कार्यशाला में साइबर अपराध के मामले में शिकायत दर्ज करने के बारे में पूछा गया। पुलिसकर्मी को मंच पर आकर बताने के लिए कहा गया। मगर, कोई भी थानेदार, दरोगा और सिपाही शिकायत दर्ज करने के बारे में नहीं बता सका। पुलिस आयुक्त ने कहा कि साइबर अपराध के मामले में शिकायत दर्ज करना, उसके बाद विवेचना महत्वपूर्ण होती है। कई बार थाने पर जानकारी के अभाव में सुनवाई नहीं होती है। इसलिए कार्यशाला का आयोजन किया है।
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प्रमुख बिंदु
- साइबर कॉमिक्स में पिक्चर के माध्यम से साइबर अपराध के तरीके और उससे बचने के बारे में बताया गया है।
- अपराधी जामताड़ा में पुलिस के पहुंचने से पहले अपने गैजेट्स में से अपराध से जुड़े सुबूत मिटा देते हैं।
- केस दर्ज करने के साथ केस डायरी में अहम साक्ष्य होने चाहिए, जिससे अपराधी को सजा मिले।
- देश में 75 फीसदी लोग इंटरनेट का प्रयोग मोबाइल के माध्यम से करते हैं। इस कारण ही ठगी होती है।
- गेम एप के माध्यम से एक ठग ने करोड़ों की ठगी की। दुबई भाग निकला।
- कार्यशाला के बाद परीक्षा होगी, जिसमें 60 प्रतिशत अंक लाने वाले पुलिसकर्मियों को साइबर हेल्प डेस्क पर तैनात करेंगे।
कॉमिक्स बताएगी साइबर अपराध से बचने के तरीके
साइबर कॉमिक्स में पुलिस ने लोगों को सरल भाषा में पिक्चर के माध्यम से साइबर अपराध से बचने के तरीके में के बारे में बताया है। कैसे साइबर अपराधी कॉल करते हैं? खुद को बैंक अधिकारी बताते हैं। इनाम का लालच देते हैं। एटीएम में पैसे निकालने जाओ तो मदद करते हैं। किन जानकारी को फोन पर नहीं देना चाहिए। ऑनलाइन किन सावधानियां को बरतना चाहिए। सभी चीज पिक्चर के माध्यम से बताई गई है। इस कामिक्स को पीडीएफ फाइल में सोशल मीडिया पर भी डाला जा रहा है, जिससे लोग आसानी से इसे पढ़ सकें। इससे साइबर अपराध से बचने के तरीके सीख सकें।
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खंदारी स्थित जेपी सभागार में रविवार को साइबर साक्षरता मिशन के तहत पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के लिए प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। पुलिस आयुक्त ने कहा कि अक्तूबर के अंत तक जिले में साइबर सेल को थाना बना दिया जाएगा। हर थाने में साइबर हेल्प डेस्क स्थापित होंगी। प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा, जिससे शिकायत लेकर आने वाले लोगों की त्वरित सुनवाई हो सके। साइबर अपराध के मामले में जितनी जल्दी पुलिस कार्रवाई करती है, उतनी जल्दी पीड़ित को लाभ मिल सकता है।
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थानेदार-दरोगा नहीं बता सके तरीका
कार्यशाला में साइबर अपराध के मामले में शिकायत दर्ज करने के बारे में पूछा गया। पुलिसकर्मी को मंच पर आकर बताने के लिए कहा गया। मगर, कोई भी थानेदार, दरोगा और सिपाही शिकायत दर्ज करने के बारे में नहीं बता सका। पुलिस आयुक्त ने कहा कि साइबर अपराध के मामले में शिकायत दर्ज करना, उसके बाद विवेचना महत्वपूर्ण होती है। कई बार थाने पर जानकारी के अभाव में सुनवाई नहीं होती है। इसलिए कार्यशाला का आयोजन किया है।
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प्रमुख बिंदु
- साइबर कॉमिक्स में पिक्चर के माध्यम से साइबर अपराध के तरीके और उससे बचने के बारे में बताया गया है।
- अपराधी जामताड़ा में पुलिस के पहुंचने से पहले अपने गैजेट्स में से अपराध से जुड़े सुबूत मिटा देते हैं।
- केस दर्ज करने के साथ केस डायरी में अहम साक्ष्य होने चाहिए, जिससे अपराधी को सजा मिले।
- देश में 75 फीसदी लोग इंटरनेट का प्रयोग मोबाइल के माध्यम से करते हैं। इस कारण ही ठगी होती है।
- गेम एप के माध्यम से एक ठग ने करोड़ों की ठगी की। दुबई भाग निकला।
- कार्यशाला के बाद परीक्षा होगी, जिसमें 60 प्रतिशत अंक लाने वाले पुलिसकर्मियों को साइबर हेल्प डेस्क पर तैनात करेंगे।
कॉमिक्स बताएगी साइबर अपराध से बचने के तरीके
साइबर कॉमिक्स में पुलिस ने लोगों को सरल भाषा में पिक्चर के माध्यम से साइबर अपराध से बचने के तरीके में के बारे में बताया है। कैसे साइबर अपराधी कॉल करते हैं? खुद को बैंक अधिकारी बताते हैं। इनाम का लालच देते हैं। एटीएम में पैसे निकालने जाओ तो मदद करते हैं। किन जानकारी को फोन पर नहीं देना चाहिए। ऑनलाइन किन सावधानियां को बरतना चाहिए। सभी चीज पिक्चर के माध्यम से बताई गई है। इस कामिक्स को पीडीएफ फाइल में सोशल मीडिया पर भी डाला जा रहा है, जिससे लोग आसानी से इसे पढ़ सकें। इससे साइबर अपराध से बचने के तरीके सीख सकें।