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खाद का खेल- विक्रेताओं ने फर्जीवाड़ा कर निल कर दिया स्टॉक, 13 लाइसेंस निरस्त
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कासगंज। जिले में यूरिया खाद की किल्लत के बीच दुकानदारों के फर्जीवाड़े का नया मामला सामने आया है। दुकानदारों ने नियम विरुद्ध परिचितों, दुकान के नौकरों और परिजनों के आधार कार्ड पर बार बार खाद के पैकेटों का उठान किया गया। एक एक कार्ड पर 150-150 से अधिक पैकेटों का उठान करा दिया गया। जांच में फर्जीवाड़े का यह मामला खुलने के बाद प्रशासन सख्त हुआ है। डीएम के निर्देश पर जिला कृषि अधिकारी ने 13 दुकानों के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं।
कृषि विभाग ने सभी दुकानों पर अभियान चलाकर खाद का स्टॉक चैक किया और ईपॉश मशीन से खाद बिक्री का मिलान किया। ऑनलाइन पोर्टल से जिलाधिकारी कार्यालय की आईडी पर जो स्टॉक मिला उसमें भी फर्जीवाड़ा स्पष्ट दिख रहा है। सूची में पाया गया था कि जिले में अलग अलग क्षेत्रों के दुकानदारों ने अपने परिचितों, दुकान के नौकरों और परिवार के सदस्यों के आधार कार्ड पर नियम विरुद्ध खाद का उठान किया।
दुकानदारों ने इसके पीछे दो फायदे देखे एक तो स्टॉक निल कर सब्सिडी लाभ पाने का प्रयास किया और दूसरा अपने परिजनों के नाम खाद डंप कर कालाबाजारी की कोशिश की। खाद के खेल का जब यह मामला प्रकाश में आया तो जिलाधिकारी सीपी सिंह ने कृषि विभाग को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। जिला कृषि अधिकारी सुमित चौहान ने 13 दुकानदारों को इस फर्जीवाड़े का दोषी मानते हुए इनके लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए हैं।
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इन दुकानदारों के लाइसेंस निरस्त
गुप्ता खाद भंडार गढ़ी पंचगाईं, सचिन खाद भंडार सिरोली, मूजम सिंह खाद भंडार अथैया, अंशुल खाद भंडार नगला रज्जी, सिंह खाद भंडार नगला खार, किसान सेवाकेंद्र कनोई, दीपक किसान सेवा केंद्र सहावर, गुप्ता खाद भंडार अमांपुर, रजा खाद भंडार अमांपुर, कृषि सेवा केंद्र लखमीपुर, खाद्य एवं कीटनाशक केंद्र बरौठी, सैनिक फर्टिलाइजर सिढ़पुरा, अजय ट्रेडर्स म्याऊं का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है।
फैक्ट फाइल
- 20 लोगों के आधार कार्ड पर किया गया फर्जीवाड़ा।
- 450 खादबीज लाइसेंस धारक हैं जिलेभर में।
- 13 दुकानदारों ने 20 आधार कार्ड पर नियम विरुद्ध खाद की बिक्री कर दी। अपने परिवार के लोगों के किसी आधार कार्ड पर 100 तो किसी के आधार पर 150 से अधिक पैकेट का उठान कर दिया। सब्सिडी पाने के लिए स्टॉक निल करने के लिए दुकानदारों ने यह फर्जीवाड़ा किया है। कालाबाजारी की भी आशंका बढ़ी थी। डीएम के निर्देश पर इन सभी के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं- सुमित चौहान, जिला कृषि अधिकारी।
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कृषि विभाग ने सभी दुकानों पर अभियान चलाकर खाद का स्टॉक चैक किया और ईपॉश मशीन से खाद बिक्री का मिलान किया। ऑनलाइन पोर्टल से जिलाधिकारी कार्यालय की आईडी पर जो स्टॉक मिला उसमें भी फर्जीवाड़ा स्पष्ट दिख रहा है। सूची में पाया गया था कि जिले में अलग अलग क्षेत्रों के दुकानदारों ने अपने परिचितों, दुकान के नौकरों और परिवार के सदस्यों के आधार कार्ड पर नियम विरुद्ध खाद का उठान किया।
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दुकानदारों ने इसके पीछे दो फायदे देखे एक तो स्टॉक निल कर सब्सिडी लाभ पाने का प्रयास किया और दूसरा अपने परिजनों के नाम खाद डंप कर कालाबाजारी की कोशिश की। खाद के खेल का जब यह मामला प्रकाश में आया तो जिलाधिकारी सीपी सिंह ने कृषि विभाग को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। जिला कृषि अधिकारी सुमित चौहान ने 13 दुकानदारों को इस फर्जीवाड़े का दोषी मानते हुए इनके लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए हैं।
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इन दुकानदारों के लाइसेंस निरस्त
गुप्ता खाद भंडार गढ़ी पंचगाईं, सचिन खाद भंडार सिरोली, मूजम सिंह खाद भंडार अथैया, अंशुल खाद भंडार नगला रज्जी, सिंह खाद भंडार नगला खार, किसान सेवाकेंद्र कनोई, दीपक किसान सेवा केंद्र सहावर, गुप्ता खाद भंडार अमांपुर, रजा खाद भंडार अमांपुर, कृषि सेवा केंद्र लखमीपुर, खाद्य एवं कीटनाशक केंद्र बरौठी, सैनिक फर्टिलाइजर सिढ़पुरा, अजय ट्रेडर्स म्याऊं का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है।
फैक्ट फाइल
- 20 लोगों के आधार कार्ड पर किया गया फर्जीवाड़ा।
- 450 खादबीज लाइसेंस धारक हैं जिलेभर में।
- 13 दुकानदारों ने 20 आधार कार्ड पर नियम विरुद्ध खाद की बिक्री कर दी। अपने परिवार के लोगों के किसी आधार कार्ड पर 100 तो किसी के आधार पर 150 से अधिक पैकेट का उठान कर दिया। सब्सिडी पाने के लिए स्टॉक निल करने के लिए दुकानदारों ने यह फर्जीवाड़ा किया है। कालाबाजारी की भी आशंका बढ़ी थी। डीएम के निर्देश पर इन सभी के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं- सुमित चौहान, जिला कृषि अधिकारी।