कासगंज हिंसा: चंदन गुप्ता के परिवार ने लखनऊ में डाला डेरा, योगी सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप
कासगंज में 26 जनवरी 2018 को तिरंगा यात्रा के दौरान हिंसा हुई थी। इसमें चंदन गुप्ता नाम के युवक की मौत हो गई थी। तब सरकार ने चंदन के परिवार से कई वादे किए थे। परिवार का आरोप है कि वो वादे अब तक पूरे नहीं हुए हैं।
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कासगंज में 26 जनवरी वर्ष 2018 में तिरंगा यात्रा के दौरान हुई हिंसा में जान गंवाने वाले चंदन गुप्ता के परिवार ने भाजपा सरकार पर उपेक्षा करने का आरोप लगाया है। चंदन के माता-पिता लखनऊ में डेरा जमाए हुए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मिलने का समय मांगा है। परिवार ने सरकार पर वादे पूरे न करने का आरोप लगाया है।
26 जनवरी 2018 को कासगंज में तिरंगा यात्रा के दौरान हिंसा हुई थी। जिसमें चंदन गुप्ता की गोली लगने से जान चली गई थी। उस समय पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को नौकरी और नगर के एक चौक का नाम चंदन चौक रखने की मांग उठी थी, लेकिन यह मांग पूरी नहीं हुई।
मुख्यमंत्री से मिलने के लिए लखनऊ पहुंचा परिवार
अब इन मांग को लेकर चंदन गुप्ता का परिवार लखनऊ पहुंच गया है। वहां चंदन के पिता सुशील गुप्ता, मां संगीता गुप्ता, भाई विवेक गुप्ता डेरा जमाए हुए हैं। चंदन के परिवार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने का समय मांगा है। हालांकि अभी चंदन के परिवार की मुख्यमंत्री से वार्ता नहीं हो सकी है।
चंदन के पिता सुशील गुप्ता ने बताया कि जब 2018 में घटना हुई थी तब प्रभारी मंत्री सुरेश पासी, क्षेत्रीय सांसद राजवीर सिंह ने भरोसा दिया था कि सरकार की ओर से उनकी मांगों को पूरा किया जाएगा, लेकिन उनकी मांगे पूरी नहीं हुई हैं।
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उन्होंने कहा कि उनकी छोटी बेटी कीर्ति गुप्ता को कासगंज ब्लॉक में संविदा पर लोकमित्र की नौकरी दी गई। पांच महीने के बाद सेवा समाप्त कर दी गई। उन्होंने कहा कि उनकी मांगें पूरी न हुईं तो वे धरना देंगे।
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