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बागवानों पर दोहरी मार, आंधी से टूट फल और लगी बीमारी
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कासगंज। अल्टरनेट वीयरिंग के कारण पहले ही इस बार आम की बागवानी प्रभावित है। इस बीच बागवानी में रोग और कीट ने प्रभाव डाल दिया है। जिससे बागवानों के चेहरे मुरझाने लगे हैं। आम के फलों में कोयलिया रोग तो लग ही रहा है साथ ही मक्खी कीट ने भी फलों पर प्रभाव डाला है। वही आंधी ने काफी फसल प्रभावित की है। इससे बागवान बेहद परेशान नजर आ रहे हैं।
पहले ही कोयलिया रोग ने बागवानी को घेर लिया। इसके अलावा फल मक्खी कीट भी आम के फलों पर प्रभावी हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते फलों को उपचार न मिला तो बेहद नुकसान हो जाएगा। इधर बागवानों ने विशेषज्ञों की सलाह लेकर फल को बचाने की कोशिशें तेज कर दी हैं। कई बागवान तो उद्यान विभाग के अधिकारियों को संपर्क में रहकर उनसे प्रतिदिन सलाह ले रहे हैं। हालांकि उद्यान विभाग ने भी बागवानों को जागरूक करने के लिए एडवाइजरी जारी की है। विभाग के अधिकारियों ने बताया है कि किस तरह बागवान अपने फलों को सुरक्षित रख सकते हैं।
बागवानों की बात-
हर साल आम का बाग किराए पर लेते हैं। इस बार कुछ पेड़ों पर तो अच्छा बौर आने के बाद फल भी अच्छा आया, लेकिन कुछ पेड़ ऐसे रहे जिन पर बौर ही नहीं आया। उम्मीद थी कि जितना फल आया है उससे ही बेहतर बागवानी का सपना पूरा करेंगे। लेकिन रोग और आंधी ने सपना तोड़ दिया। - राजेश, बागवान।
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इस पर दो हेक्टेअर क्षेत्रफल का आम का बाग किराए पर लिया है। आंधी आने से काफी हद तक आम का फल टूटकर जमीन पर गिर गया। इसके अलावा रोग व कीट से फल काफी प्रभावित है। वैसे भी पिछले वर्ष की अपेक्षा फल कम है। -असलम, बागवान
बागवान कोयलिया रोग व फल मक्खी कीट से बचाव के लिए गंभीरता से ध्यान दें। ऑक्सीक्लोलाइड दवा तीन ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर आम के वृक्षों पर छिड़काव करें। इससे फल मक्खी कीट समाप्त होगा और कोयलिया रोग से भी मुक्ति मिलेगी। - योगेश कुमार, जिला उद्यान अधिकारी।
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पहले ही कोयलिया रोग ने बागवानी को घेर लिया। इसके अलावा फल मक्खी कीट भी आम के फलों पर प्रभावी हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते फलों को उपचार न मिला तो बेहद नुकसान हो जाएगा। इधर बागवानों ने विशेषज्ञों की सलाह लेकर फल को बचाने की कोशिशें तेज कर दी हैं। कई बागवान तो उद्यान विभाग के अधिकारियों को संपर्क में रहकर उनसे प्रतिदिन सलाह ले रहे हैं। हालांकि उद्यान विभाग ने भी बागवानों को जागरूक करने के लिए एडवाइजरी जारी की है। विभाग के अधिकारियों ने बताया है कि किस तरह बागवान अपने फलों को सुरक्षित रख सकते हैं।
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बागवानों की बात-
हर साल आम का बाग किराए पर लेते हैं। इस बार कुछ पेड़ों पर तो अच्छा बौर आने के बाद फल भी अच्छा आया, लेकिन कुछ पेड़ ऐसे रहे जिन पर बौर ही नहीं आया। उम्मीद थी कि जितना फल आया है उससे ही बेहतर बागवानी का सपना पूरा करेंगे। लेकिन रोग और आंधी ने सपना तोड़ दिया। - राजेश, बागवान।
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इस पर दो हेक्टेअर क्षेत्रफल का आम का बाग किराए पर लिया है। आंधी आने से काफी हद तक आम का फल टूटकर जमीन पर गिर गया। इसके अलावा रोग व कीट से फल काफी प्रभावित है। वैसे भी पिछले वर्ष की अपेक्षा फल कम है। -असलम, बागवान
बागवान कोयलिया रोग व फल मक्खी कीट से बचाव के लिए गंभीरता से ध्यान दें। ऑक्सीक्लोलाइड दवा तीन ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर आम के वृक्षों पर छिड़काव करें। इससे फल मक्खी कीट समाप्त होगा और कोयलिया रोग से भी मुक्ति मिलेगी। - योगेश कुमार, जिला उद्यान अधिकारी।