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शिवमय होने लगी तीर्थनगरी, पहुंचने लगे कांवड़िये
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कासगंज सोरों में कांवड़ सजाते बच्चे
- फोटो : KASGANJ
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सोरों (कासगंज)। कांवड़ मेले में जैसे-जैसे रौनक बढ़ती जा रही है। तीर्थनगरी सोरों में भगवान शिव की भक्ति का रंग चढ़ता जा रहा है। इससे तीर्थनगरी शिवमय हो गई है। बम भोले के स्वर दिनरात गूंजने लगे हैं। वहीं कांवड़ बनाने का काम भी और तेज हो गया है।
तीर्थनगरी में चार दिन से चल रहे कांवड़ मेले में शुक्रवार को बड़ी संख्या में कांवड़िये लहरा घाट पर स्नान कर गंगाजल भरने पहुंचे। कांवड़ सजाकर लहरा घाट स्थित शिवालय लहरेश्वर मे पूजा करने के बाद कांवड़िये भोले तेरी बम के जयकारे लगाते हुए अपने पथ पर चल पड़े। उन्होंने हरि की पदी की परिक्रमा के साथ सोमेश्वर, योगेश्वर, भूतेश्वर, नर्मदेश्वर, कालीशंकर महादेव, रूपेश्वर, दूधेश्वर आदि शिवालयों में दर्शन किए।
सोरों से लहरा घाट तक कांवड़ियों की भीड़ तो बढ़ रही है। लेकिन पालिका के इंतजाम नाकाफी दिखाई दे रहे हैं। यहां सड़क पर गड्ढे हैं। कांवड़िये दिन में पहुंचने के साथ ही रात में भी जल भरकर गंतव्य की ओर जा रहे हैं। प्रकाश के इंतजाम नाकाफी होने के कारण कांवड़ियों को अंधेरे में ठोकर लगने का डर है।
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तीर्थनगरी में चार दिन से चल रहे कांवड़ मेले में शुक्रवार को बड़ी संख्या में कांवड़िये लहरा घाट पर स्नान कर गंगाजल भरने पहुंचे। कांवड़ सजाकर लहरा घाट स्थित शिवालय लहरेश्वर मे पूजा करने के बाद कांवड़िये भोले तेरी बम के जयकारे लगाते हुए अपने पथ पर चल पड़े। उन्होंने हरि की पदी की परिक्रमा के साथ सोमेश्वर, योगेश्वर, भूतेश्वर, नर्मदेश्वर, कालीशंकर महादेव, रूपेश्वर, दूधेश्वर आदि शिवालयों में दर्शन किए।
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सोरों से लहरा घाट तक कांवड़ियों की भीड़ तो बढ़ रही है। लेकिन पालिका के इंतजाम नाकाफी दिखाई दे रहे हैं। यहां सड़क पर गड्ढे हैं। कांवड़िये दिन में पहुंचने के साथ ही रात में भी जल भरकर गंतव्य की ओर जा रहे हैं। प्रकाश के इंतजाम नाकाफी होने के कारण कांवड़ियों को अंधेरे में ठोकर लगने का डर है।
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