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कालीनदी के शुद्धिकरण के लिए सर्वेक्षण कर रही आईआईटी कानपुर की टीम

Thu, 14 Apr 2022 11:43 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Thu, 14 Apr 2022 11:43 PM IST
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कासगंज अमर खास खबर से संबधित फोटो काली नदी । - फोटो : KASGANJ
कासगंज। काली नदी की जलधारा काफी समय से प्रदूषित है। काली नदी गंगा में मिलती है, जिससे काली नदी का प्रदूषित पानी गंगा में पहुंचता है। ऐसी स्थिति को देखते हुए अब काली नदी को नमामि गंगे योजना में शामिल किया गया है। अब आईआईटी कानपुर की टीम काली नदी में प्रदूषण फैलाने वाले स्रोतों और नदी की भूमि पर अतिक्रमण को चिह्नित कर रही है। सर्वेक्षण रिपोर्ट के बाद इस योजना पर शीघ्र काम शुरू होगा।
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काली नदी मुजफ्फरनगर जनपद से होकर मेरठ, बुलंदशहर, अलीगढ़, कासगंज, एटा होते हुए कन्नौज में जाकर गंगा में मिलती है। जिले की सीमा में ढोलना क्षेत्र के समीपवर्ती गांव बाहिदपुर के पास से आती है और जिले में करीब 65 किलोमीटर लंबी काली नदी की धारा है। जो सिढ़पुरा क्षेत्र के गांव से एटा की ओर मुड़ जाती है। पहले जिले के किसान काली नदी पर काफी निर्भर रहते थे। पीने योग्य पानी नदी का होता था, जिसका घर, खेत खलियान हर जगह प्रयोग होता था, लेकिन नदी के प्रदूषित होने के बाद किसान खेतों की सिंचाई तो कर लेते हैं, लेकिन पानी न खुद के पीने योग्य है और न पशुओं को पिलाने योग्य है। कालीनदी के नमामि गंगे योजना में शामिल होने के बाद से नदी को शुद्ध करने की कवायद शुरू की गई है। अलीगढ़ के पर्यावरण और वन विभाग के अधिकारी दिवाकर वशिष्ठ बताते हैं कि आईआईटी कानपुर की टीम इस नदी का सर्वेक्षण कर रही है जो प्रदूषण के स्रोत चिह्नित कर रही है साथ ही नदी के किनारों का अतिक्रमण। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट कैसा कार्य कर रहे हैं यह भी संरक्षण में शामिल किया गया है। प्रदूषण के सभी स्रोत बंद किए जाएंगे और अतिक्रमण हटाया जाएगा। नदी को पूरी तरह से शुद्ध बनाया जाएगा। यह सर्वेक्षण शीघ्र पूरा होगा और काम भी प्राथमिकता से शुरू किया जाएगा।
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कई बार ऑक्सीजन लेवल हुआ है शून्य
कासगंज। काली नदी में प्रदूषण इतना अधिक है कि इसमें ऑक्सीजन लेवर कई बार शून्य हो चुका है, जिससे हजारों जलजीव व मछलियां मर चुकी हैं। नहर से पानी छोड़कर पानी को सही किया जाता है, लेकिन पूर्ण रूप से शुद्धिकरण नहीं हो पाता। अब शुद्धिकरण की योजना पर क्रियान्वयन होने पर पानी की गुणवत्ता सुधरने की उम्मीद की जा रही है।
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कासगंज में बनेगा डायवर्सिटी पार्क
- नगर में कालीनदी के पास एक बायो डायवर्सिटी पार्क विकसित किया जाएगा। नदी का अतिक्रमण चिह्नित हो जाने के बाद इसे हटाया जाएगा और भूमि वन विभाग को सौंपी जाएगी। वन विभाग पौधरोपण करके पार्क विकसित करेगा। इस प्रस्ताव शासन को जा चुका है। - हरि शुक्ला, डीएफओ।
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