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एलान से हैरान-परेशान, अब निकलेगा काला धन
एलान से हैरान-परेशान, अब निकलेगा काला धन
Updated Wed, 09 Nov 2016 12:52 AM IST
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टीवी पर प्रधानमंत्री का एलान हुआ, इधर बाजार हैरान, परेशान और असमंजस में पड़ गया। 500 और एक हजार रुपये के नोट आधी रात से ही बंद करने के फैसले के बाद तो हड़कंप मच गया। नंबर दो की समानांतर अर्थव्यवस्था चलाने वालों के दिल की धड़कनें बढ़ र्गइं तो आम आदमी यह सोचकर परेशान रहा कि बैंक और एटीएम बंद होने से रोजमर्रा की जरूरत के लिए छोटे नोट कैसे और कहां से आएंगे। लोगों ने काले धन और आतंकी फंडिंग पर रोक लगाने के लिए उठाए गए इस कदम की तो सराहना की, लेकिन तात्कालिक दिक्कतों को दूर करने के लिए कुछ और वक्त देने की जरूरत बताई।
प्रधानमंत्री के टीवी पर राष्ट्र के नाम संबोधन के बाद शहर के बड़े प्रतिष्ठानों पर 500 और 1000 रुपये के नोट जिन मजदूरों को दिए गए, उन्होंने देर रात पहुंचकर बड़े नोट बदलकर 50 और 100 रुपये के नोट ले लिए। उनकी चिंता इस बात की थी कि सुबह नाश्ते और सब्जियों के लिए बड़े नोट नहीं चल पाएंगे। रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुएं खरीदने के लिए बड़े नोट काम नहीं करेंगे। आम लोगों की पहली प्रतिक्रिया यही रही कि कुछ वक्त दिया जाता तो लोगों को यह समस्याएं नहीं आतीं।
नोटों को बदलने का कुछ समय मिलना चाहिए था, अब तो सुबह से ही समस्या आएगी। अच्छा कदम है, लेकिन कम से कम रोजमर्रा की जरूरत के लिए तो कुछ दिनों का वक्त चाहिए था। मजदूर, उद्योगपति सभी को तात्कालिक परेशानी होगी, लेकिन मास्टर स्ट्रोक लगाया है।
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अशोक गोयल, अध्यक्ष, नेशनल चेंबर आफ इंडस्ट्री एंड कामर्स
बाजार में ऊहापोह की स्थिति है। व्यापारी परेशान हैं कि बड़ा नोट कैसे ले लें। सरकार को पहले इसकी व्यवस्थाएं करनी चाहिए थीं। लोगों को ज्यादा दिक्कतें आएंगी। बुधवार दोपहर को जरूरी सामान भी कैसे खरीदा जाएगा। बड़े नोट लेकर व्यापारी क्यों परेशान हो।
टीएन अग्रवाल, अध्यक्ष, आगरा व्यापार मंडल
फैसला अच्छा है, लेकिन आम लोगों की दिक्कतों को भी देखना चाहिए था। कुछ दिन की मोहलत लोगों को दी जानी चाहिए थी, जिससे छोटे नोटों की व्यवस्था की जा सकती।
मनीष अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष नेशनल चेंबर
शुचिता की दिशा में बढ़ाया गया प्रशंसनीय कदम है, जिसका असर नंबर दो की समानांतर अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। छिपा हुआ धन सामने आएगा। कुछ दिन तक बैंकिंग में दिक्कत आ सकती है, लेकिन काला धन तो रुकेगा।
पंकज सक्सेना, लीड बैंक मैनेजर
जिन्होंने नकद के रूप में काला धन जमा कर रखा है, उन्हें इस फैसले से दिक्कतें पेश आएंगी। बाजार पर इसका असर नजर आएगा, लेकिन काले धन पर अंकुश लगेगा। यह मास्टर स्ट्रोक है, जिससे भ्रष्ट अधिकारियों पर बड़ी चोट लगेगी।
सीए प्रमोद चौहान, पूर्व अध्यक्ष, सीए इंस्टीट्यूट।
बाजार में कुछ समय तक तो अफरा-तफरी रहेगी। सहालग के कारण तो दिक्कतें रहेंगी, लेकिन बाद में यह ठीक हो जाएगा। काले धन को रोकने के लिए यह बड़ा कदम साबित होगा। किसान व्यापारी को कोई चिंता नहीं, इससे आतंकी फंडिंग बंद हो जाएगी।
मुरारी लाल फतेहपुरिया, अध्यक्ष, श्री सराफा कमेटी
काले धन और जाली नोटों पर यह बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक है। बैंक कर्मचारी शिद्दत से प्रधानमंत्री के इस सपने को साकार करने के लिए तैयार हैं। हम ज्यादा घंटे काम करने को तैयार हैं, लेकिन काले धन पर रोक लगनी ही चाहिए।
सागर गुजराती, केनरा बैंक, असिस्टेंट मैनेजर
बैंक आज बंद, शादी वाले घरों में कैश की चिंता
10 नवंबर को बड़ा सहालग है, शहर में काफी संख्या में शादियां होंगी। ऐसे में कैश के लिए उन परिवारों को जूझना पड़ जाएगा। सबसे बड़ी मुश्किल ये है कि शाही शादी हो या आम बजट क्लास शादी, सभी में कैश का लेन-देन होगा ही, लेकिन बुधवार को बैंक बंद रखने के फैसले से कैश कहां से आएगा। जो 500 और एक हजार रुपये के नोट लेन- देन के लिए रखे थे, वह भी अब महज कागज के ही टुकड़े साबित होंगे। बड़े नोटों को पहले बैंक में जमा कराने और फिर भुगतान करने से शादी वाले घरों में ज्यादा टेंशन नजर आई। शाही और खर्चीली शादियों वाले घरों में लोग सरकार के इस फैसले से बेहद परेशान रहे। शाहदरा से बसंत लाल के मुताबिक बड़े नोटों का चलन रोकना स्वागत योग्य कदम है। इससे काले धन तथा आतंकी फंडिंग पर लगाम लग सकेगी, लेकिन तत्काल असर ऐसा होगा कि जिन घरों में शादियां हैं, उनके लिए दिक्कतें होंगी।
चुनाव में सामने आएगी दिक्कतें
इस साल के अंत तक उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में चुनाव की घोषणा होने की उम्मीद है। चुनाव प्रक्रिया, प्रत्याशियों का चयन और तैयारियां शुरू हो जाएंगी। काला धन सबसे ज्यादा चुनाव में ही खपता रहा है। केंद्र सरकार के बड़े नोटों को बंद करने के फैसले से काले धन को चुनाव में खपाने के लिए मुश्किलें पेश आएंगी। यही नहीं, प्रत्याशियों के टिकट खरीदने के लिए करोड़ों रुपये की जिस रकम को दिया जाएगा, वह भी अब देना कठिन हो जाएगा। बड़े लेन-देन और चुनाव में बड़े पैमाने पर पैसे बांटने के कामों में अब कमी आएगी।
बैंक चेस्ट में शार्टिंग करना होगा मुश्किल
आम ग्राहकों के लिए तो बुधवार को बैंक बंद रहेंगे, लेकिन सभी बैंक कर्मचारियों को आपात ड्यूटी पर बैंक बुलाया गया है। बैंकिंग की जगह बैंक कर्मचारियों को बुधवार का दिन नई प्रक्रिया की तैयारियों में लगाना होगा। बैंकों की चेस्ट में 10, 20, 50 और 100 रुपये के नोटों की गड्डियों को छांटने के साथ नए नोटों को एटीएम में लोड कराने जैसी मुश्किलें पेश आएंगी। बैंक कर्मचारियों को पूरे दिन शार्टिंग के साथ नोटों का मैनेजमेंट भी करना मुश्किल हो सकता है।
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प्रधानमंत्री के टीवी पर राष्ट्र के नाम संबोधन के बाद शहर के बड़े प्रतिष्ठानों पर 500 और 1000 रुपये के नोट जिन मजदूरों को दिए गए, उन्होंने देर रात पहुंचकर बड़े नोट बदलकर 50 और 100 रुपये के नोट ले लिए। उनकी चिंता इस बात की थी कि सुबह नाश्ते और सब्जियों के लिए बड़े नोट नहीं चल पाएंगे। रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुएं खरीदने के लिए बड़े नोट काम नहीं करेंगे। आम लोगों की पहली प्रतिक्रिया यही रही कि कुछ वक्त दिया जाता तो लोगों को यह समस्याएं नहीं आतीं।
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नोटों को बदलने का कुछ समय मिलना चाहिए था, अब तो सुबह से ही समस्या आएगी। अच्छा कदम है, लेकिन कम से कम रोजमर्रा की जरूरत के लिए तो कुछ दिनों का वक्त चाहिए था। मजदूर, उद्योगपति सभी को तात्कालिक परेशानी होगी, लेकिन मास्टर स्ट्रोक लगाया है।
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अशोक गोयल, अध्यक्ष, नेशनल चेंबर आफ इंडस्ट्री एंड कामर्स
बाजार में ऊहापोह की स्थिति है। व्यापारी परेशान हैं कि बड़ा नोट कैसे ले लें। सरकार को पहले इसकी व्यवस्थाएं करनी चाहिए थीं। लोगों को ज्यादा दिक्कतें आएंगी। बुधवार दोपहर को जरूरी सामान भी कैसे खरीदा जाएगा। बड़े नोट लेकर व्यापारी क्यों परेशान हो।
टीएन अग्रवाल, अध्यक्ष, आगरा व्यापार मंडल
फैसला अच्छा है, लेकिन आम लोगों की दिक्कतों को भी देखना चाहिए था। कुछ दिन की मोहलत लोगों को दी जानी चाहिए थी, जिससे छोटे नोटों की व्यवस्था की जा सकती।
मनीष अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष नेशनल चेंबर
शुचिता की दिशा में बढ़ाया गया प्रशंसनीय कदम है, जिसका असर नंबर दो की समानांतर अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। छिपा हुआ धन सामने आएगा। कुछ दिन तक बैंकिंग में दिक्कत आ सकती है, लेकिन काला धन तो रुकेगा।
पंकज सक्सेना, लीड बैंक मैनेजर
जिन्होंने नकद के रूप में काला धन जमा कर रखा है, उन्हें इस फैसले से दिक्कतें पेश आएंगी। बाजार पर इसका असर नजर आएगा, लेकिन काले धन पर अंकुश लगेगा। यह मास्टर स्ट्रोक है, जिससे भ्रष्ट अधिकारियों पर बड़ी चोट लगेगी।
सीए प्रमोद चौहान, पूर्व अध्यक्ष, सीए इंस्टीट्यूट।
बाजार में कुछ समय तक तो अफरा-तफरी रहेगी। सहालग के कारण तो दिक्कतें रहेंगी, लेकिन बाद में यह ठीक हो जाएगा। काले धन को रोकने के लिए यह बड़ा कदम साबित होगा। किसान व्यापारी को कोई चिंता नहीं, इससे आतंकी फंडिंग बंद हो जाएगी।
मुरारी लाल फतेहपुरिया, अध्यक्ष, श्री सराफा कमेटी
काले धन और जाली नोटों पर यह बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक है। बैंक कर्मचारी शिद्दत से प्रधानमंत्री के इस सपने को साकार करने के लिए तैयार हैं। हम ज्यादा घंटे काम करने को तैयार हैं, लेकिन काले धन पर रोक लगनी ही चाहिए।
सागर गुजराती, केनरा बैंक, असिस्टेंट मैनेजर
बैंक आज बंद, शादी वाले घरों में कैश की चिंता
10 नवंबर को बड़ा सहालग है, शहर में काफी संख्या में शादियां होंगी। ऐसे में कैश के लिए उन परिवारों को जूझना पड़ जाएगा। सबसे बड़ी मुश्किल ये है कि शाही शादी हो या आम बजट क्लास शादी, सभी में कैश का लेन-देन होगा ही, लेकिन बुधवार को बैंक बंद रखने के फैसले से कैश कहां से आएगा। जो 500 और एक हजार रुपये के नोट लेन- देन के लिए रखे थे, वह भी अब महज कागज के ही टुकड़े साबित होंगे। बड़े नोटों को पहले बैंक में जमा कराने और फिर भुगतान करने से शादी वाले घरों में ज्यादा टेंशन नजर आई। शाही और खर्चीली शादियों वाले घरों में लोग सरकार के इस फैसले से बेहद परेशान रहे। शाहदरा से बसंत लाल के मुताबिक बड़े नोटों का चलन रोकना स्वागत योग्य कदम है। इससे काले धन तथा आतंकी फंडिंग पर लगाम लग सकेगी, लेकिन तत्काल असर ऐसा होगा कि जिन घरों में शादियां हैं, उनके लिए दिक्कतें होंगी।
चुनाव में सामने आएगी दिक्कतें
इस साल के अंत तक उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में चुनाव की घोषणा होने की उम्मीद है। चुनाव प्रक्रिया, प्रत्याशियों का चयन और तैयारियां शुरू हो जाएंगी। काला धन सबसे ज्यादा चुनाव में ही खपता रहा है। केंद्र सरकार के बड़े नोटों को बंद करने के फैसले से काले धन को चुनाव में खपाने के लिए मुश्किलें पेश आएंगी। यही नहीं, प्रत्याशियों के टिकट खरीदने के लिए करोड़ों रुपये की जिस रकम को दिया जाएगा, वह भी अब देना कठिन हो जाएगा। बड़े लेन-देन और चुनाव में बड़े पैमाने पर पैसे बांटने के कामों में अब कमी आएगी।
बैंक चेस्ट में शार्टिंग करना होगा मुश्किल
आम ग्राहकों के लिए तो बुधवार को बैंक बंद रहेंगे, लेकिन सभी बैंक कर्मचारियों को आपात ड्यूटी पर बैंक बुलाया गया है। बैंकिंग की जगह बैंक कर्मचारियों को बुधवार का दिन नई प्रक्रिया की तैयारियों में लगाना होगा। बैंकों की चेस्ट में 10, 20, 50 और 100 रुपये के नोटों की गड्डियों को छांटने के साथ नए नोटों को एटीएम में लोड कराने जैसी मुश्किलें पेश आएंगी। बैंक कर्मचारियों को पूरे दिन शार्टिंग के साथ नोटों का मैनेजमेंट भी करना मुश्किल हो सकता है।