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Agra News: अवर अभियंता न बाबू, कैसे हो अवैध निर्माण पर काबू
Tue, 05 Dec 2023 11:11 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Tue, 05 Dec 2023 11:11 PM IST
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मैनपुरी। शहरी क्षेत्र में सुनियोजित शहरीकरण के लिए नक्शा पास कराने और निर्माण की अनुमति की जिम्मेदारी विनियमित क्षेत्र कार्यालय पर है। लेकिन तीन माह से भी अधिक समय से कार्यालय में कोई भी कर्मचारी या अधिकारी तैनात ही नहीं है। ऐसे में अवैध निर्माण पर काबू करना नामुमकिन है। हाल ये है कि यहां तैनात चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारी सुबह कार्यालय खोल देती हैं और शाम को ताला लगा देती हैं।
कलेक्ट्रेट परिसर में विनियमित क्षेत्र कार्यालय संचालित है। शहरी क्षेत्र में किसी भी प्रकार के निर्माण के लिए विनियमित क्षेत्र कार्यालय से ही अनुमति दी जाती है। इस दौरान निर्माण कार्य का नक्शा भी पास किया जाता है। इसके लिए कार्यालय में एक अवर अभियंता के साथ ही लिपिक का भी पद है। एसडीएम सदर के निर्देशन में ये टीम पूरा कार्य करती है। चार माह पहले तक यहां अवर अभियंता एसके प्रजापति की तैनाती थी। वहीं नगर पालिका के साथ एक बाबू भी संबद्ध किया गया था। लेकिन अवर अभियंता के सेवानिवृत्त होने के बाद से अवर अभियंता की कुर्सी खाली है। वहीं नगर पालिका द्वारा संबद्ध किया गया बाबू भी अब नहीं आता है। इसके कारण विनियिमत क्षेत्र कार्यालय तीन माह से ठप है।
यहां मौजूद चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारी रामसखी ही अब इस कार्यालय में बची हैं। वह सुबह 10 बजे कार्यालय का ताला खोल देती हैं और शाम 5 बजे बंद कर देती हैं।
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विनियमित क्षेत्र कार्यालय में अवर अभियंता और बाबू न होने से अवैध निर्माण भी तेजी से हो रहे हैं, क्योंकि उन्हें रोकने वाला कोई नहीं है।
नहीं मिल पाती है कोई जानकारी
विनियमित क्षेत्र कार्यालय में प्रतिदिन शहरी क्षेत्र में 10 से 12 लोग नक्शा पास कराने, पूर्व में किए गए आवेदन की स्थिति जानने के लिए पहुंचते हैं। लेकिन यहां किसी अवर अभियंता और कर्मचारी की तैनाती न होने के चलते उन्हें कोई जानकारी नहीं मिल पाती है। ऐसे में यहां आने वाले लोग मायूस होकर ही लौटते हैं।
ठंडे बस्ते में चली गई कार्रवाई
छह माह पहले विनियमित क्षेत्र कार्यालय से अभियान चलाकर अवैध निर्माण और अवैध कॉलोनियों को एक हजार से अधिक नोटिस जारी किए गए थे। इनकी सुनवाई तत्कालीन अवर अभियंता एसके प्रजापति कर रहे थे। लेकिन उनके सेवानिवृत्त होने के बाद कार्रवाई भी ठंडे बस्ते में चली गई।
-अवर अभियंता की तैनाती न होने से कार्य प्रभावित हो रहा है। जिलाधिकारी के माध्यम से उच्चाधिकारियों को अवर अभियंता की तैनाती या संबद्धीकरण के लिए पत्र भेजा गया है। जल्द ही तैनाती की उम्मीद है। - अभिषेक कुमार, नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र/एसडीएम सदर
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कलेक्ट्रेट परिसर में विनियमित क्षेत्र कार्यालय संचालित है। शहरी क्षेत्र में किसी भी प्रकार के निर्माण के लिए विनियमित क्षेत्र कार्यालय से ही अनुमति दी जाती है। इस दौरान निर्माण कार्य का नक्शा भी पास किया जाता है। इसके लिए कार्यालय में एक अवर अभियंता के साथ ही लिपिक का भी पद है। एसडीएम सदर के निर्देशन में ये टीम पूरा कार्य करती है। चार माह पहले तक यहां अवर अभियंता एसके प्रजापति की तैनाती थी। वहीं नगर पालिका के साथ एक बाबू भी संबद्ध किया गया था। लेकिन अवर अभियंता के सेवानिवृत्त होने के बाद से अवर अभियंता की कुर्सी खाली है। वहीं नगर पालिका द्वारा संबद्ध किया गया बाबू भी अब नहीं आता है। इसके कारण विनियिमत क्षेत्र कार्यालय तीन माह से ठप है।
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यहां मौजूद चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारी रामसखी ही अब इस कार्यालय में बची हैं। वह सुबह 10 बजे कार्यालय का ताला खोल देती हैं और शाम 5 बजे बंद कर देती हैं।
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विनियमित क्षेत्र कार्यालय में अवर अभियंता और बाबू न होने से अवैध निर्माण भी तेजी से हो रहे हैं, क्योंकि उन्हें रोकने वाला कोई नहीं है।
नहीं मिल पाती है कोई जानकारी
विनियमित क्षेत्र कार्यालय में प्रतिदिन शहरी क्षेत्र में 10 से 12 लोग नक्शा पास कराने, पूर्व में किए गए आवेदन की स्थिति जानने के लिए पहुंचते हैं। लेकिन यहां किसी अवर अभियंता और कर्मचारी की तैनाती न होने के चलते उन्हें कोई जानकारी नहीं मिल पाती है। ऐसे में यहां आने वाले लोग मायूस होकर ही लौटते हैं।
ठंडे बस्ते में चली गई कार्रवाई
छह माह पहले विनियमित क्षेत्र कार्यालय से अभियान चलाकर अवैध निर्माण और अवैध कॉलोनियों को एक हजार से अधिक नोटिस जारी किए गए थे। इनकी सुनवाई तत्कालीन अवर अभियंता एसके प्रजापति कर रहे थे। लेकिन उनके सेवानिवृत्त होने के बाद कार्रवाई भी ठंडे बस्ते में चली गई।
-अवर अभियंता की तैनाती न होने से कार्य प्रभावित हो रहा है। जिलाधिकारी के माध्यम से उच्चाधिकारियों को अवर अभियंता की तैनाती या संबद्धीकरण के लिए पत्र भेजा गया है। जल्द ही तैनाती की उम्मीद है। - अभिषेक कुमार, नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र/एसडीएम सदर