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जोंस मिल प्रकरण: तथ्य छुपाकर कराए बैनामे, पुलिस की जमीन भी घेरी, जांच रिपोर्ट में हुआ खुलासा
Sun, 03 Jan 2021 01:22 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sun, 03 Jan 2021 01:22 PM IST
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जोंस मिल की जगह
- फोटो : अमर उजाला
जोंस मिल में पुलिस चौकी की 1840 वर्ग मीटर जमीन भी खुदबुर्द हो गई। पुलिस महकमे के नाम दर्ज नजूल भूमि को हड़पने में 15 खरीददार व विक्रेता भी फंस रहे हैं। खरीददार व विक्रेताओं ने बैनामा कराते समय नजूल भूमि व खसरा नंबर भी छुपाए। जिलाधिकारी को भेजी एडीएम प्रशासन की जांच रिपोर्ट में इनके विरुद्ध एफआईआर व भूमाफिया के तहत कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
घटवासन के खसरा 2072 में नजूल भूमि पर जीवनी मंडी पुलिस चौकी है। यहां 1840 वर्ग मीटर जमीन राजस्व रिकार्ड में पुलिस महकमे के नाम दर्ज है। इसमें से 1500 वर्ग मीटर जमीन अवैध ढंग से बेच दी गई।
जोंस मिल प्रकरण: डीएम के निर्देश, फर्जी दस्तावेज से जमीन खरीदने-बेचने वालों के खिलाफ दर्ज करें रिपोर्ट
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जांच के दौरान प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर एडीएम प्रशासन निधि श्रीवास्तव ने इसे जमीन हड़पने की साजिश मानते हुए क्रेता व विक्रेता के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की संस्तुति की है। पुलिस विभाग को अपनी जमीन पर कब्जा लेने और अवैध निर्माणों को सील करने की रिपोर्ट भेजी है। इनमें कई निर्माणों के ध्वस्तीकरण की संस्तुति की गई है।
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घटवासन के खसरा 2072 में नजूल भूमि पर जीवनी मंडी पुलिस चौकी है। यहां 1840 वर्ग मीटर जमीन राजस्व रिकार्ड में पुलिस महकमे के नाम दर्ज है। इसमें से 1500 वर्ग मीटर जमीन अवैध ढंग से बेच दी गई।
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जांच के दौरान प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर एडीएम प्रशासन निधि श्रीवास्तव ने इसे जमीन हड़पने की साजिश मानते हुए क्रेता व विक्रेता के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की संस्तुति की है। पुलिस विभाग को अपनी जमीन पर कब्जा लेने और अवैध निर्माणों को सील करने की रिपोर्ट भेजी है। इनमें कई निर्माणों के ध्वस्तीकरण की संस्तुति की गई है।
न कोई एनओसी, न नक्शा पास
पुलिस महकमे की भूमि पर बनी जैन मार्केट व अन्य निर्माणों के लिए न किसी ने राजस्व विभाग से एनओसी प्राप्त की, न एडीए से नक्शा पास कराया। ये बात भी एडीएम प्रशासन समेत आठ सदस्यीय टीम की जांच में सामने आई है।
इनके विरुद्ध एफआईआर की संस्तुति
एडीए प्रशासन की जांच रिपोर्ट में विनय पाटनी, विजय पाटनी, कौशल कुमार पाटनी पत्नी निर्मल कुमार पाटनी व सहयोगियों में खाटू श्याम बिल्डवेल प्रा. लि. के निदेशक कन्हैया लाल, मुरारी लाल जैन, मनीष जैन, अमित गोयल, अर्चना जैन पत्नी धर्मेन्द्र जैन, ओम प्रकाश अग्रवाल, शोभिक गोयल, सरला अग्रवाल पत्नी राकेश कुमार, नीलम गुप्ता पत्नी अविनाश गुप्ता, हेमेन्द्र अग्रवाल उर्फ चुनमुन, ध्रुव वशिष्ठ, नित्यानंद शर्मा के विरुद्ध जोंस मिल खसरा 2072 की भूमि खुदबुर्द करने के आरोप में एफआईआर कराने की संस्तुति की गई है।
पुलिस महकमे की भूमि पर बनी जैन मार्केट व अन्य निर्माणों के लिए न किसी ने राजस्व विभाग से एनओसी प्राप्त की, न एडीए से नक्शा पास कराया। ये बात भी एडीएम प्रशासन समेत आठ सदस्यीय टीम की जांच में सामने आई है।
इनके विरुद्ध एफआईआर की संस्तुति
एडीए प्रशासन की जांच रिपोर्ट में विनय पाटनी, विजय पाटनी, कौशल कुमार पाटनी पत्नी निर्मल कुमार पाटनी व सहयोगियों में खाटू श्याम बिल्डवेल प्रा. लि. के निदेशक कन्हैया लाल, मुरारी लाल जैन, मनीष जैन, अमित गोयल, अर्चना जैन पत्नी धर्मेन्द्र जैन, ओम प्रकाश अग्रवाल, शोभिक गोयल, सरला अग्रवाल पत्नी राकेश कुमार, नीलम गुप्ता पत्नी अविनाश गुप्ता, हेमेन्द्र अग्रवाल उर्फ चुनमुन, ध्रुव वशिष्ठ, नित्यानंद शर्मा के विरुद्ध जोंस मिल खसरा 2072 की भूमि खुदबुर्द करने के आरोप में एफआईआर कराने की संस्तुति की गई है।