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दीप्ति कर रही फर्जी प्रमाणपत्र से नौकरी

Fri, 23 Oct 2020 11:39 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 23 Oct 2020 11:39 PM IST
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job got by fake papers
कासगंज। जिले में फर्जी घोषित किए गए छह शिक्षकों में से एक शिक्षिका दीप्ति के दस्तावेजों पर फिरोजाबाद निवासी एक और दीप्ति ने अपना दावा किया है। उसने बताया कि आरोपी उसके अभिलेख से नौकरी कर रही थी। उसने दस्तावेज के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। अब विभाग इस मामले की जांच कर रहा है।
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शिक्षा विभाग ने जांच के बाद वर्ष 2004-05 में बीएड कर नौकरी पाने वाले सोरों के पहाड़पुर कटरा में तैनात शिक्षक देवेंद्र सिंह, सिकंदपुर क्षेत्र के तैयवपुर विद्यालय में तैनात शिक्षिका देविका रानी, शेरपुर विद्यालय में तैनात शिक्षिका सहोदरा कुमारी और हाईस्कूल व इंटर की फर्जी डिग्री पाए जाने के बाद गंजडुंडवारा के नूरपुर द्वितीय में तैनात शिक्षिका दीप्ति, अलीपुर में तैनात शिक्षक मलेश, सिढ़पुरा के सुनवई में तैनात शिक्षक सुनील कुमार की सेवाएं समाप्त कर दी गईं थी। अब दीप्ति के मामले में फिरोजाबाद की एक अन्य दीप्ति ने विभाग के आरटीजीआरएस पोर्टल पर शिकायत डालते हुए दावा किया है कि कासगंज में शिक्षिका दीप्ति जिन प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी कर रही थी वह प्रमाणपत्र उसके है। उसने प्रमाणपत्रों के दुरपयोग का आरोप लगाया है। साथ ही बताया कि उसने 59 हजार शिक्षक भर्ती में भी आवेदन कर रखा है। अब विभाग फिर से इन दस्तावेजों की जांच कर रहा है कि आखिर यह हैं किसके।
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फर्जी शिक्षकों को कैसे लग गया वेतन
कासगंज। शिक्षकों की नियुक्ति के बाद प्रमाणपत्रों की सत्यता की जांच कराई जाती है। कम से कम दो प्रमाण पत्र सत्यापित होने के बाद ही शिक्षकों का वेतन लगता है। शिक्षिका दीप्ति 13 दिसंबर 2017 से, मलेश 5 जुलाई 2016 से सुनील 4 जुलाई 2016 से जबकि बीएड की डिग्री वाले शिक्षक देवेंद्र, देविका रानी, सहोदरा कुमारी अगस्त 2014 से जिला में नौकरी कर रहे हैं। इतने समय से आखिर किस आधार पर इन शिक्षकों को वेतन जारी किया गया।
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शिक्षकों के वेतन लगाने से पहले प्रमाणपत्रों को जांच के लिए भेजा गया था। पहले जांच रिपोर्ट में प्रमाणपत्र सही बताए गए थे। इसके आधार पर इनका वेतन लगाया गया। अब फिर से जांच कराने पर प्रमाणपत्रों के फर्जी होने का मामला सामने आने के बाद सेवा समाप्त की गई है। शिक्षिका दीप्ति के मामले में फिरोजाबाद की दीप्ति ने प्रमाणपत्रों के अपने होने का दावा किया है। इसकी जांच कराई जा रही है। -अंजली अग्रवाल बेसिक शिक्षा अधिकारी
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