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देवी-देवताओं के साथ नगर भ्रमण पर निकली जगद्गुरु महाराज की शोभायात्रा
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मथुरा। शोभायात्रा में स्वामी रामानंदाचार्य के डोले को लेकर चलते साधु-संत।
- फोटो : VRINDAVAN
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वृंदावन (मथुरा)। वंशीवट स्थित सुदामा कुटी में आयोजित 10 दिवसीय जगद्गुरु स्वामी रामानंदाचार्य महाराज के दस दिवसीय जयंती महोत्सव के अंतर्गत शुक्रवार को नगर में महाराज जी का डोला सवारी निकाली गई। सवारी का जगह-जगह स्वागत किया गया।
महोत्सव में कार्यक्रम का शुभारंभ जगद्गुरु की प्रतिमा का दुग्धाभिषेक व पूजन-अर्चन किया गया। विभिन्न प्रांतों से आए श्रद्धालुओं ने अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। महंत भगवानदास महाराज व महंत सुतीक्ष्ण दास महाराज ने इस मौके पर कहा कि जगद्गुरु स्वामी रामानंदाचार्य महाराज ने 13वीं शताब्दी में अपने देश और समाज को संगठित करने का कार्य किया।
सायंकाल स्वामी रामानंदाचार्य महाराज का डोला सवारी सुदामाकुटी से वंशीवट, रंगजी मंदिर, नगर निगम चौराहा, अनाजमंडी, वनखंडी होते हुए गाजे-बाजे के साथ निकली। डोला सवारी में रामानंदाचार्य महाराज के चित्र के साथ राधाकृष्ण के स्वरूप, गणेश जी, भगवान शंकर सहित विभिन्न देवी-देवताओं के स्वरूप शामिल हुए। श्रद्धालु हरिनाम संकीर्तन करते चल रहे थे। इस दौरान पद और भजनों का भी गायन हो रहा था।
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महोत्सव में कार्यक्रम का शुभारंभ जगद्गुरु की प्रतिमा का दुग्धाभिषेक व पूजन-अर्चन किया गया। विभिन्न प्रांतों से आए श्रद्धालुओं ने अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। महंत भगवानदास महाराज व महंत सुतीक्ष्ण दास महाराज ने इस मौके पर कहा कि जगद्गुरु स्वामी रामानंदाचार्य महाराज ने 13वीं शताब्दी में अपने देश और समाज को संगठित करने का कार्य किया।
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सायंकाल स्वामी रामानंदाचार्य महाराज का डोला सवारी सुदामाकुटी से वंशीवट, रंगजी मंदिर, नगर निगम चौराहा, अनाजमंडी, वनखंडी होते हुए गाजे-बाजे के साथ निकली। डोला सवारी में रामानंदाचार्य महाराज के चित्र के साथ राधाकृष्ण के स्वरूप, गणेश जी, भगवान शंकर सहित विभिन्न देवी-देवताओं के स्वरूप शामिल हुए। श्रद्धालु हरिनाम संकीर्तन करते चल रहे थे। इस दौरान पद और भजनों का भी गायन हो रहा था।
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