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जन्माष्टमी: भक्तों ने घर और मंदिरों में शुरू की तैयारी
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मैनपुरी। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर बाजार गुलजार हैं। पूजन सामग्री के साथ हिंडोले, लड्डू गोपाल और पोशाक की जमकर बिक्री हो रही है। भक्त घरों और मंदिरों में कान्हा का जन्मोत्सव मनाने की तैयारियों में जुटे हैं। शनिवार को दिनभर जन्माष्टमी की तैयार चलती रही।
श्री कृष्ण जन्माष्टमी जिले के अधिकांश मंदिरों में धूमधाम से मनाई जाती है। शहर स्थित द्वारिकाधीश मंदिर, राधाकृष्ण मंदिर, पवनसुत मंदिर, श्री रसिक बिहारी मंदिर सहित अन्य मंदिरों में विशेष पूजा अर्चना के साथ ही झांकी सजाई जाती है। बीते वर्ष कोरोना संक्रमण के चलते भव्य आयोजन नहीं हो सके। इस बार भी आयोजन कोरोना गाइडलाइन के तहत ही होंगे। शनिवार को मंदिरों में साफ सफाई का काम दिनभर चला। श्री रसिक बिहारी मंदिर के पुजारी महेश मिश्रा ने बतया कि शासन की ओर से निर्धारित कोरोना गाइडलाइन के तहत ही कार्यक्रम होंगे। मंदिर की साफ सफाई और सजावट का कार्य चल रहा है।
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हिंडोले खरीद रहे भक्त
शनिवार को बाजार में भीड़भाड़ रही। त्योहार को लेकर खाद्य पदार्थ और पूजन सामग्री की खरीदारी के साथ ही भक्तों ने हिंडोले, लड्डू गोपाल और पोशाक की खरीदारी की। बाजार में हिंडोला 50 रुपये से लेकर दो हजार रुपये तक का है। इसके साथ ही चांदी के हिंडोले की भी मांग बढ़ी है। यह हिंडोला वजन के हिसाब से बिक रहा है। डिजाइजनर पोशाक भक्तों द्वारा पसंद की जा रही है।
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माला, पगड़ी से होगा कान्हा का श्रृंगार
जन्माष्टमी को लेकर श्रृंगार के सामान की मांग बढ़ी है। कान्हा के श्रृंगार के लिए भक्ता माला, पगड़ी, बांसुरी आदि सामान खरीद रहे हैं। बाजार में सामान्य साइज की माला 10 रुपये से लेकर दो सौ रुपये की मिल रही है। वहीं बड़ी साइज की माला तीन सौ रुपये से पांच सौ रुपये तक उपलब्ध है। इसी तरह मुकुट भी दस रुपये से लेकर पांच से रुपये के बाजार में मौजूद हैं। बांसुरी भी दस रुपये से लेकर सौ रुपये तक की बाजार में उपलब्ध है।
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श्री कृष्ण जन्माष्टमी जिले के अधिकांश मंदिरों में धूमधाम से मनाई जाती है। शहर स्थित द्वारिकाधीश मंदिर, राधाकृष्ण मंदिर, पवनसुत मंदिर, श्री रसिक बिहारी मंदिर सहित अन्य मंदिरों में विशेष पूजा अर्चना के साथ ही झांकी सजाई जाती है। बीते वर्ष कोरोना संक्रमण के चलते भव्य आयोजन नहीं हो सके। इस बार भी आयोजन कोरोना गाइडलाइन के तहत ही होंगे। शनिवार को मंदिरों में साफ सफाई का काम दिनभर चला। श्री रसिक बिहारी मंदिर के पुजारी महेश मिश्रा ने बतया कि शासन की ओर से निर्धारित कोरोना गाइडलाइन के तहत ही कार्यक्रम होंगे। मंदिर की साफ सफाई और सजावट का कार्य चल रहा है।
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हिंडोले खरीद रहे भक्त
शनिवार को बाजार में भीड़भाड़ रही। त्योहार को लेकर खाद्य पदार्थ और पूजन सामग्री की खरीदारी के साथ ही भक्तों ने हिंडोले, लड्डू गोपाल और पोशाक की खरीदारी की। बाजार में हिंडोला 50 रुपये से लेकर दो हजार रुपये तक का है। इसके साथ ही चांदी के हिंडोले की भी मांग बढ़ी है। यह हिंडोला वजन के हिसाब से बिक रहा है। डिजाइजनर पोशाक भक्तों द्वारा पसंद की जा रही है।
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माला, पगड़ी से होगा कान्हा का श्रृंगार
जन्माष्टमी को लेकर श्रृंगार के सामान की मांग बढ़ी है। कान्हा के श्रृंगार के लिए भक्ता माला, पगड़ी, बांसुरी आदि सामान खरीद रहे हैं। बाजार में सामान्य साइज की माला 10 रुपये से लेकर दो सौ रुपये की मिल रही है। वहीं बड़ी साइज की माला तीन सौ रुपये से पांच सौ रुपये तक उपलब्ध है। इसी तरह मुकुट भी दस रुपये से लेकर पांच से रुपये के बाजार में मौजूद हैं। बांसुरी भी दस रुपये से लेकर सौ रुपये तक की बाजार में उपलब्ध है।