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कासगंज : जंगली जहरीले पौधे की फली खाने से दो सगी बहनों की मौत
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वह जंगली पौधा जिसकी फली के सेवन से दो सगी बहनों की मौत हो गई ।
- फोटो : KASGANJ
कासगंज। काली नदी के समीपवर्ती गांव अल्लीपुर में दो दिन पहले सड़क किनारे जंगली जहरीले पौधे की फली दो सगी बहनों ने खेलते खेलते खा लीं। फली खाने के बाद बहनों की तबीयत खराब होने लगी। बालिकाओं ने परिजनों से पेट दर्द की शिकायत की। पूछने पर इन्होेंने फली खाने की बात बताई। परिवार के लोग इन्हें निजी चिकित्सकों के यहां लेकर पहुंचे। चिकित्सकों की सलाह पर दोनों बालिकाओं को अलीगढ़ ले जाया जाने लगा। तभी छोटी मासूम बालिका की मौत हो गई। दूसरी बालिका का अलीगढ़ में इलाज चल रहा था। यहां उपचार के दौरान सोमवार को मौत हो गई।
बताया गया कि अल्लीपुर गांव के नौबत सिंह की दो पुत्रियां अनुष्का (4) एवं प्राची (7) सड़क के किनारे 15 अक्तूबर को सायं के समय खेल रही थीं। खेलते समय जंगली जहरीले पौधे की फलियां तोड़कर खा लीं। फली खाने के बाद दोनों बालिकाएं घर पहुंचीं। यहां तबीयत खराब होने लगी। परिवार के लोगों ने प्राची से खाने पीने के बारे में पूछा तो उसने फली खाने की बात बताई। यह सुनकर परिवार के लोग घबरा गए। परिजन दोनों बालिकाओं को लेकर शहर के निजी अस्पताल और चिकित्सकों के यहां पहुंचे। इन्होंने बालिकाओं को अलीगढ़ ले जाने की सलाह दी।
परिवार के लोग दोनों बालिकाओं को लेकर जाने लगे। तभी अनुष्का की मौत हो गई। प्राची को परिजनों ने अलीगढ़ भर्ती कराया। यहां उसका इलाज चल रहा था। अलीगढ़ में इलाज के दौरान सोमवार सुबह मौत हो गई। बालिकाओं के पिता नौबत सिंह ने कहा कि जंगली पौधे की फली खाने से यह हादसा हो गया। दोनों बेटियों की जान चली गई।
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सगी बहनों ने नकटलोटा पौधे की फलियां खाई थीं
सगी बहनों ने नकटलोटा पौधे की फलियां खाई थीं। जहरीला होने की वजह से जानवर भी इसे नहीं खाते हैं। यह सड़क किनारे खेतों में बरसात के समय अपने आप उग आता है। कृषि वैज्ञानिक कोमल जादौन ने बताया कि यह पौधा वनस्पति विज्ञान के लिहाज से सनाय, उसाय एवं सेन्ना के नाम से जाना जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में इसे नकटलोटा के नाम से जानते हैं। उन्होंने बताया कि यह जंगली पौधा अपने आप उग आता है। इसे हर जानवर नहीं खाता। केवल बकरी ही इस पौधे की 2-4 पत्ती खाती हैं। आयुर्वेदिक दवाओं में इसका इस्तेमाल किया जाता है। यह पौधा जहरीला होता है। इसका ज्यादा सेवन मृत्यु का कारण बन सकता है। जिला कृषि अधिकारी सुमित चौहान ने भी इसे सनाय का पौधा बताया। उन्होंने कहा कि यह खरपतवार है।
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बताया गया कि अल्लीपुर गांव के नौबत सिंह की दो पुत्रियां अनुष्का (4) एवं प्राची (7) सड़क के किनारे 15 अक्तूबर को सायं के समय खेल रही थीं। खेलते समय जंगली जहरीले पौधे की फलियां तोड़कर खा लीं। फली खाने के बाद दोनों बालिकाएं घर पहुंचीं। यहां तबीयत खराब होने लगी। परिवार के लोगों ने प्राची से खाने पीने के बारे में पूछा तो उसने फली खाने की बात बताई। यह सुनकर परिवार के लोग घबरा गए। परिजन दोनों बालिकाओं को लेकर शहर के निजी अस्पताल और चिकित्सकों के यहां पहुंचे। इन्होंने बालिकाओं को अलीगढ़ ले जाने की सलाह दी।
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परिवार के लोग दोनों बालिकाओं को लेकर जाने लगे। तभी अनुष्का की मौत हो गई। प्राची को परिजनों ने अलीगढ़ भर्ती कराया। यहां उसका इलाज चल रहा था। अलीगढ़ में इलाज के दौरान सोमवार सुबह मौत हो गई। बालिकाओं के पिता नौबत सिंह ने कहा कि जंगली पौधे की फली खाने से यह हादसा हो गया। दोनों बेटियों की जान चली गई।
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सगी बहनों ने नकटलोटा पौधे की फलियां खाई थीं
सगी बहनों ने नकटलोटा पौधे की फलियां खाई थीं। जहरीला होने की वजह से जानवर भी इसे नहीं खाते हैं। यह सड़क किनारे खेतों में बरसात के समय अपने आप उग आता है। कृषि वैज्ञानिक कोमल जादौन ने बताया कि यह पौधा वनस्पति विज्ञान के लिहाज से सनाय, उसाय एवं सेन्ना के नाम से जाना जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में इसे नकटलोटा के नाम से जानते हैं। उन्होंने बताया कि यह जंगली पौधा अपने आप उग आता है। इसे हर जानवर नहीं खाता। केवल बकरी ही इस पौधे की 2-4 पत्ती खाती हैं। आयुर्वेदिक दवाओं में इसका इस्तेमाल किया जाता है। यह पौधा जहरीला होता है। इसका ज्यादा सेवन मृत्यु का कारण बन सकता है। जिला कृषि अधिकारी सुमित चौहान ने भी इसे सनाय का पौधा बताया। उन्होंने कहा कि यह खरपतवार है।