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Agra News: फंदे पर लटका था जब्बार, जेल प्रशासन ने समझा गुल हसन

Tue, 04 Feb 2025 10:28 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Tue, 04 Feb 2025 10:28 PM IST
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Jabbar was hanged, jail administration thought it was Gul Hassan
मैनपुरी। जिला कारागार में सोमवार को फंदे पर लटकने वाला बंदी गुलहसन नहीं, जब्बार था। कारागार प्रशासन की लापरवाही के कारण गुल हसन के परिजन सहम गए। वह सोमवार देर रात सैफई मेडिकल पहुंचे। जब उन्होंने बंदी को देखा तो बताया कि यह उनका गुलहसन नहीं, बल्कि कोई और है। इसके बाद हुई तफ्तीश में खुलासा हुआ कि फंदा जब्बार ने लगाया है।
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कुर्रा निवासी बंदी जब्बार अली को कुर्रा पुलिस ने एक युवती को ले जाने के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वह तनाव में था। उसी ने लाइब्रेरी की खिड़की पर गमछा का फंदा डालकर फंदा लगाया था। बताया जा रहा है कि जब्बार की हालत नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों का कहना है कि उसके लिए अगले 48 घंटे बेहद चिंताजनक हैं। इधर, जेल प्रशासन ने जब्बार के परिजन को भी सूचना दे दी है। मंगलवार को परिजन जब्बार से मिलने सैफई मेडिकल कॉलेज पहुंचे।
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जेल प्रशासन की गलती से लखनऊ तक पहुंची सूचना में हुआ संशोधन

जेल प्रशासन द्वारा बंदी द्वारा फंदा लगाए जाने के मामले में बकायदा आधिकारिक मैसेज जारी कर दिया था कि गुलहसन ने फंदा लगाया है। बाद में भेद खुला तो जेल प्रशासन हैरान रह गया। रात में ही अधिकारियों को दूसरा मैसेज दिया गया। जेल प्रशासन का कहना है कि दोनों ही बंदी एक फरवरी को ही जेल पहुंचे थे। इसलिए पहचान में गलती हुई। जेल प्रशासन ने ये गलती स्वीकार की है। इधर, शांतिभंग में एसडीएम कोर्ट द्वारा जेल भेजे गए गुलहसन को मंगलवार को जमानत भी मिल गई।
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