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Israel-Iran War: कारोबारियों की बढ़ी चिंता, जूता उद्योग पर संकट; व्यापार में 40 प्रतिशत गिरावट की आशंका

Sun, 01 Mar 2026 11:55 AM IST
Arun Parashar अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Arun Parashar Updated Sun, 01 Mar 2026 11:55 AM IST
सार

ईरान और इस्राइल के बीच युद्ध से कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है। दुनिया भर में सालाना करीब 4,000 करोड़ का फुटवियर आगरा से निर्यात होता है। इसमें से अकेले इस्राइल और मध्य पूर्व के देशों में 250 से 500 करोड़ का कारोबार होता है। 

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Israel-Iran War increases concern for businessmen crisis in shoe industry
आगरा का जूता उद्योग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

ईरान और इस्राइल के बीच छिड़े युद्ध ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है बल्कि शहर के व्यापारिक गलियारों में भी चिंता की लहर दौड़ गई है। युद्ध के कारण यूरोपीय देशों को होने वाले चमड़ा (लेदर) और हस्तशिल्प निर्यात के सामने लॉजिस्टिक्स और रूट का गंभीर संकट खड़ा होने की आशंका है। 
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आगरा का जूता उद्योग, जो अपनी गुणवत्ता के लिए दुनिया भर में मशहूर है। अब युद्ध की अनिश्चितता के साए में है। युद्ध के कारण हॉर्मुज जलडमरू मध्य और लाल सागर के रास्तों पर जहाजों के लिए जोखिम बढ़ गया है। ऐसे में आगरा के निर्यातकों को अब माल केप ऑफ गुड होप अफ्रीका के नीचे से घूमकर भेजना पड़ेगा। सामान्य रूट की तुलना में अब माल पहुंचने में 30 से 50 दिन अधिक लगेंगे। लंबा रास्ता होने के कारण माल ढुलाई की लागत दोगुनी होने के आसार हैं।
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कारोबार में 40 प्रतिशत गिरावट की आशंका
आगरा से दुनिया भर में सालाना करीब 4,000 करोड़ का फुटवियर निर्यात होता है। इसमें से अकेले इस्राइल और मध्य पूर्व के देशों में 250 से 500 करोड़ का कारोबार होता है। आगरा से बड़े पैमाने पर हाई-एंड लेदर जूते और सेफ्टी शूज का निर्यात होता है, जिनकी यूरोप की सुरक्षा एजेंसियों और औद्योगिक क्षेत्रों में भारी मांग है। इसके अलावा ईरान और इस्राइल में आगरा की पच्चीकारी, पीतल के बर्तन और जरी-जरदोजी के सजावटी सामान की अच्छी खपत है।
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नेशनल चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स अध्यक्ष संजय गोयल ने बताया कि रूट बाधित होने और युद्ध की स्थिति के कारण इस वित्त वर्ष में कारोबार में 40 प्रतिशत तक की गिरावट आने की आशंका जताई जा रही है। वैश्विक बैंकिंग ट्रांजेक्शन (लेन-देन) पर भी असर पड़ना शुरू हो गया है। ईरान पर संभावित नए प्रतिबंधों और इस्राइल में युद्धकाल की स्थिति के कारण छोटे निर्यातकों के लिए भुगतान की रिकवरी सबसे बड़ी चुनौती बनेगी। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से चमड़ा उद्योग में इस्तेमाल होने वाले केमिकल्स की कीमतें बढ़ गई हैं। परिवहन लागत बढ़ने से वैश्विक बाजार में आगरा के उत्पादों की कीमतें बढ़ जाएंगी, जिससे चीन और वियतनाम जैसे देशों से प्रतिस्पर्धा और कठिन हो जाएगी।

बाजार में बढ़ेगी अस्थिरता
आगरा का फुटवियर उद्योग पहले से ही वैश्विक मंदी की चुनौतियों से जूझ रहा है। ईरान-इस्राइल संघर्ष से मध्य पूर्व का बाजार अस्थिर होगा, जिसका सीधा और नकारात्मक असर एमएसएमई सेक्टर पर पड़ेगा। -गोपाल गुप्ता, अध्यक्ष, आगरा फुटवियर मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स चैंबर
 
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