सरगना की डायरी से खुलेंगे सट्टेबाजों के राज, कोड वर्ड में लिखा चार करोड़ के सट्टे का लेखाजोखा
- सरगना की डायरी में ग्राहकों के नाम की जगह मोबाइल नंबर की डिजिट
- बंद स्कूल में सट्टा लगाते पकड़े गए थे 13 सटोरिये, सरगना है फरार
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आगरा के थाना रकाबगंज क्षेत्र के ईदगाह स्थित बंद पड़े कंपोजिट पब्लिक स्कूल में सट्टा लगाते हुए 13 सटोरियों को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार किया था। मगर, इनका सरगना अभी तक भी हाथ नहीं आ सका है। हालांकि पुलिस ने उसकी एक डायरी बरामद की है। इसमें कोडवर्ड में ग्राहकों के नाम लिखे हुए हैं। इसके साथ ही चार करोड़ से अधिक के लेन-देन की जानकारी है।
थाना प्रभारी निरीक्षक दिनेश कुमार ने बताया कि सटोरियों का सरगना मोनू पंडित है। इसकी एक डायरी बरामद हुई है। इसमें 100 पेज हैं। इनमें से आधे भरे हुए हैं। इन पेज पर रकम और संख्या लिखी हुई है। किसी व्यक्ति के नाम और नंबर का जिक्र नहीं है। इससे आशंका है कि फरार सरगना मोनू पंडित सट्टा लगाने वालों का नाम नहीं लिखता था।
डायरी पर सिर्फ कोड वर्ड होता है। कोड में कोई नाम नहीं बल्कि सटोरिये के मोबाइल के शुरू या आखिर की पांच डिजिट हैं। इनके आगे पैसा लिखा है। जैसे एक कोड है 99977- दो लाख। एक और है 66777 - एक लाख।
डायरी में 15 अक्तूबर से दो नवंबर तक आइपीएल मैचों और उसमें लगे दांव का ब्योरा है। यह तकरीबन चार करोड़ का है। अब डायरी के कोड वर्ड से आरोपियों की पहचान के प्रयास किए जाएंगे। उधर, पुलिस ने सरगना की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी है। इसके लिए सर्विलांस की भी मदद ली जा रही है।
हाथ नहीं आए दिल्ली और मुंबई के सटोरिये-बुकी
शहर में पुलिस सटोरियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाए हुए है। थाना कमला नगर, सदर में 40 से अधिक सटोरिये पकड़े जा चुके हैं। यह सटोरिये दिल्ली और मुंबई के बुकी और सटोरियों के संपर्क में रहते हैं। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में सरगना के नाम भी आते हैं। मगर, वह पकड़े नहीं जाते हैं।
सरगना मोबाइल पर एक एप डाउनलोड कराते हैं। इस एप की मदद से कुछ सेकेंड पहले मैच का प्रसारण हो जाता है। इससे जीतने और हारने वाली टीम पर रकम तय होती है। इसके बाद सट्टा लगाया जाता है। सट्टे के लिए रकम का आदान-प्रदान आनलाइन होता है। पुलिस अब मोबाइल एप की मदद से आरोपियों को पकड़ने की कोशिश में लगी है।