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छात्रवृत्ति घोटाला: मथुरा में रालोद के जिला पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशी के कॉलेज में पहुंची जांच टीम
Sat, 26 Jun 2021 01:32 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 26 Jun 2021 01:32 AM IST
सार
मथुरा जिले में हुए करोड़ों रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले में रालोद प्रत्याशी के विद्यालय भी जांच के दायरे में हैं। इस संबंध में बलदेव विधायक पूरन प्रकाश ने दोबारा शासन से शिकायत की है।
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रालोद प्रत्याशी राजेंद्र सिंह सिकरवार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मथुरा में राष्ट्रीय लोकदल के जिला पंचायत अध्यक्ष पद के प्रत्याशी राजेंद्र सिंह सिकरवार के आईटीआई विद्यालय की जांच करने शुक्रवार को प्रशासनिक अधिकारियों की टीम पहुंच गई। टीम को कॉलेज में न तो कोई अभिलेख मिला और न ही सभी कर्मचारी। टीम जांच करके वापस चली गई। जल्द ही अन्य विद्यालयों की जांच कर रिपोर्ट देगी।
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जनपद में छात्रवृत्ति के नाम पर सरकार के करोड़ों रुपये विद्यालय संचालकों ने फर्जी छात्रवृत्ति के नाम पर डकार लिए। इनमें से कुछ ऐसे विद्यालय भी शामिल हैं, जिनमें न तो छात्र हैं और न ही कर्मचारी। इस प्रकार के विद्यालयों की जांच अभी हाल ही में एसडीएम को दी गई थी। जांच के दायरे में आ रहे कुल 537 विद्यालयों में से एसडीएम ने लगभग 171 विद्यालयों को क्लीन चिट दे दी है, लेकिन 363 विद्यालयों को छात्रवृत्ति के लायक ही नहीं माना है।
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भाजपा विधायक ने की है शिकायत
बलदेव से भाजपा विधायक पूरन प्रकाश ने रालोद प्रत्याशी के विद्यालयों की वर्ष 2015 से लेकर 2019 तक की छात्रवृत्ति की शिकायत की है। इस शिकायत पर एडीएम एफआर ब्रजेश कुमार की अध्यक्षता में एक समिति बनाई गई है, जिसमें डिप्टी कलेक्टर सुरेंद्र यादव भी हैं। उनके द्वारा शुक्रवार को आरएसएस निजी आईटीआई की जांच की गई। डिप्टी कलेक्टर ने बताया कि विद्यालय में कुछ कर्मचारी थे और कोई अभिलेख नहीं मिला है।
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एक दिन पहले खरीदा था नामांकन पत्र
रालोद प्रत्याशी राजेंद्र सिकरवार ने कहा है कि उन्होंने गुरुवार को नामांकन-पत्र खरीदा है और प्रशासनिक अधिकारी शुक्रवार को उनके विद्यालयों में पहुंच गए। सभी जानते हैं विद्यालयों में कोविड लॉकडाउन से ताले लगे हैं। जांच तो पहले भी हो सकती थी, लेकिन नामांकन के बाद तुरंत बाद जांच का क्या मतलब है?
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