{"_id":"6778b8caef6b975ed7061163","slug":"investigation-of-fake-medicines-continues-team-will-go-to-gujarat-and-uttarakhand-names-of-three-firms-surface-2025-01-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"दवा माफिया: नकली दवाइयों की जांच जारी, गुजरात और उत्तराखंड जाएगी टीम; तीन फर्म के नाम आए सामने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दवा माफिया: नकली दवाइयों की जांच जारी, गुजरात और उत्तराखंड जाएगी टीम; तीन फर्म के नाम आए सामने
Sat, 04 Jan 2025 09:57 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 04 Jan 2025 09:57 AM IST
सार
आगरा के दवा माफिया विजय गोयल की फैक्टरी में पकड़ी दवाओं पर दो राज्यों की तीन फर्म के नाम सामने आए हैं। इनकी जांच के लिए टीम गुजरात और उत्तराखंड जाएगी।
विज्ञापन
बरामद की गईं नकली दवाएं और मशीन।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा के दवा माफिया विजय गोयल अपनी अवैध फैक्टरी में गुजरात और उत्तराखंड की कंपनियों के नाम से दवाएं बनाता था। लैब की जांच में दवाएं नकली पाई गई हैं। अब जांच के लिए औषधि विभाग की टीम गुजरात और उत्तराखंड जाएगी। इसके लिए उसे खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन मुख्यालय से अनुमति मिल गई है।
सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि विजय गोयल तीन फर्मों के नाम से नकली दवाएं बनाता था। जब्त दवाओं पर गुजरात और उत्तराखंड की कंपनी के नाम दर्ज हैं। इसमें गुजरात के अंकलेश्वर की वीके लाइफ साइंस और उत्तराखंड हरिद्वार की प्योर एंड क्योर कंपनी है।
इन कंपनियों में जांच के लिए मुख्यालय से अनुमति मांगी थी, जो मिल गई है। अब औषधि निरीक्षकों की टीम दोनों राज्यों में भेजेंगे। इसमें कंपनी की फैक्टरी का निरीक्षण करेंगे। यहां बन रही दवा और नकली मिली दवाओं के रैपर, बैच नंबर समेत अन्य का मिलान किया जाएगा। कंपनी के अधिकारियों से पूछताछ कर बयान दर्ज होंगे। जांच पूरी होने के बाद पुलिस को भी रिपोर्ट देंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि विजय गोयल तीन फर्मों के नाम से नकली दवाएं बनाता था। जब्त दवाओं पर गुजरात और उत्तराखंड की कंपनी के नाम दर्ज हैं। इसमें गुजरात के अंकलेश्वर की वीके लाइफ साइंस और उत्तराखंड हरिद्वार की प्योर एंड क्योर कंपनी है।
विज्ञापन
इन कंपनियों में जांच के लिए मुख्यालय से अनुमति मांगी थी, जो मिल गई है। अब औषधि निरीक्षकों की टीम दोनों राज्यों में भेजेंगे। इसमें कंपनी की फैक्टरी का निरीक्षण करेंगे। यहां बन रही दवा और नकली मिली दवाओं के रैपर, बैच नंबर समेत अन्य का मिलान किया जाएगा। कंपनी के अधिकारियों से पूछताछ कर बयान दर्ज होंगे। जांच पूरी होने के बाद पुलिस को भी रिपोर्ट देंगे।
विज्ञापन