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इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस: दुपहिया वाहन चालक क्यों हो रहे हादसों का शिकार, सबसे बड़ी है ये वजह

Fri, 15 Sep 2023 12:02 AM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Fri, 15 Sep 2023 12:02 AM IST
सार

सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम नहीं लग पा रही है। ये आलम तब है जब पुलिस और परिवहन विभागके अधिकारी जमकर चालान भी कर रहे हैं और सख्ती भी। इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस की समीक्षा में पता चला है कि इस साल साइड मिरर की अनदेखी से 100 से अधिक ने जान गंवाई है। 
 

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Integrated Road Accident Database two-wheeler drivers becoming victims of accidents know reason
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विस्तार

मथुरा में दुपहिया और चौपहिया वाहनों में सुरक्षा के लिहाज से वाहन कंपनियां साइड मिरर लगाकर देती हैं, लेकिन दोपहिया वाहन चालक शोबाजी के चक्कर में इन्हें हटा देते हैं। नतीजतन घातक परिणाम सामने आ रहे हैं। दुपहिया चालकों के साथ होने वाले कुल हादसों में से 20 प्रतिशत साइड मिरर की अनदेखी के कारण हो रहे हैं। इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस (आईरेड) के सर्वे में इसका खुलासा हुआ है। साइड मिरर न होने के कारण पीछे से आ रहे वाहनों का चालक अंदाजा नहीं लगा पाते और हादसा हो जाता है। परिवहन विभाग ने अब ऐसे दुपहिया चालकों पर शिकंजा कसने की तैयारी की है। आरटीओ ने निर्देश जारी किया है कि बिना साइड मिरर के चल रहे दुपहिया वाहन चालकों का पांच हजार रुपये का चालान काटा जाए।

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एआरटीओ प्रवर्तन एमपी वर्मा ने बताया कि हर नए वाहन के साथ कंपनी रियर व्यू मिरर लगाकर देती है, जो वाहन के दोनों तरफ होते हैं, दुपहिया वाहनों में दो रियर व्यू मिरर होते हैं और चौपहिया में तीन। चौपहिया वाहनों में दोनों साइड के अलावा एक मिरर अंदर केबिन में भी होता है, जिसका उपयोग पीछे आ रहे वाहन को देखने में किया जाता है, ताकि दुर्घटनाओं से बचा सके। रियर व्यू मिरर वाहन चालक को हादसे से बचाता है। इससे पीछे वाले वाहन की दूरी, स्थिति और वह किस ओर जाएगा, इसका पता चल जाता है। जिन वाहनों में रियर व्यू मिरर नहीं होता, वो अक्सर पीछे आने वाले वाहन का ध्यान नहीं रख पाते और मुड़ने या ओवरटेक के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं।

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दुपहिया चालक बरतते हैं लापरवाही
एआरटीओ प्रवर्तन ने बताया कि अक्सर देखा जाता है कि दुपहिया वाहन चालक या तो रियर व्यू मिरर को हटा देते हैं या फिर इन्हें ऐसे लगवा लेते हैं कि इनकी उपयोगिता ही खत्म हो जाती है, लेकिन अब ऐसे दुपहिया वाहन चालकों का चालान करना शुरू कर दिया है, जिनमें रियर व्यू मिरर नहीं है। इसकी शुरुआत दिल्ली पुलिस ने की थी और बाद में हैदराबाद में भी पुलिस ने ऐसे दुपहिया वाहनों का चालान करना शुरू कर दिया। मोटर वाहन अधिनियम 1988 के अनुसार दुपहिया वाहनों पर रियर व्यू लगा होना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि साइड मिरर की अनदेखी जान पर भारी पड़ रही है। इस साल जनवरी से अब तक करीब 400 लोगों की सड़क हादसों में मौत हो चुकी है। आईरेड डेटाबेस के अनुसार 100 से अधिक मौतें साइड मिरर की अनदेखी के कारण हुई हैं।
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