{"_id":"630668ae19f5a144056e59f9","slug":"innocent-rapist-sentenced-to-twenty-years-imprisonment-mainpuri-news-agr5444617132","type":"story","status":"publish","title_hn":"मासूम से दुष्कर्म करने वाले को 20 साल की सजा सुनाई गई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मासूम से दुष्कर्म करने वाले को 20 साल की सजा सुनाई गई
विज्ञापन
मैनपुरी। थाना कुरावली क्षेत्र में पांच साल पहले चार वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म करने वाले को स्पेशल जज ने 20 साल की सजा सुनाई है। उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
थाना कुरावली क्षेत्र के एक गांव निवासी चार साल की बालिका चार मई 2017 को सहेली के साथ गांव निवासी मौसी के घर से वापस आ रही थी। गांव का ही रिषीराम कश्यप उसे अपने घर ले गया और दुष्कर्म किया। शोर मचाने पर पहुंचे बालिका के परिजन ने रिषीराम को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया।
पुलिस ने पिता की तहरीर पर रिषीराम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसे जेल भेज दिया और बालिका का मेडिकल करा चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई स्पेशल जज (पॉक्सो एक्ट) पूनम त्यागी की कोर्ट में हुई। साक्ष्य और गवाही के आधार पर रिषीराम को दुष्कर्म का दोषी पाया गया। विशेष लोक अभियोजक शैलेंद्री राजपूत ने दुष्कर्मी को कड़ी सजा देने की दलील दी।
विज्ञापन
जेल से लड़ा मुकदमा
रिषीराम की किसी अदालत से जमानत मंजूर नहीं हुई। उसे मुकदमा जेल में रहकर लडना पड़ा। बुधवार को निर्णय सुनने के लिए उसको जेल से अदालत लाया गया। सजा सुनाने के बाद वारंट बनाकर जेल भेज दिया गया।
पीड़िता को मिलेगी राशि
विशेष लोक अभियोजक शैलेंद्री राजपूत ने बताया कि जज ने आदेश में लिखा है कि जुर्माने की धनराशि पीड़िता को दी जाएगी।
मासूम की गवाही पर हुई सजा
पीड़िता ने अदालत में रिषीराम की पहचान की। गवाही में बताया कि वही उसको अपने घर ले गया और दुष्कर्म किया।
विज्ञापन
थाना कुरावली क्षेत्र के एक गांव निवासी चार साल की बालिका चार मई 2017 को सहेली के साथ गांव निवासी मौसी के घर से वापस आ रही थी। गांव का ही रिषीराम कश्यप उसे अपने घर ले गया और दुष्कर्म किया। शोर मचाने पर पहुंचे बालिका के परिजन ने रिषीराम को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया।
विज्ञापन
पुलिस ने पिता की तहरीर पर रिषीराम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसे जेल भेज दिया और बालिका का मेडिकल करा चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई स्पेशल जज (पॉक्सो एक्ट) पूनम त्यागी की कोर्ट में हुई। साक्ष्य और गवाही के आधार पर रिषीराम को दुष्कर्म का दोषी पाया गया। विशेष लोक अभियोजक शैलेंद्री राजपूत ने दुष्कर्मी को कड़ी सजा देने की दलील दी।
विज्ञापन
जेल से लड़ा मुकदमा
रिषीराम की किसी अदालत से जमानत मंजूर नहीं हुई। उसे मुकदमा जेल में रहकर लडना पड़ा। बुधवार को निर्णय सुनने के लिए उसको जेल से अदालत लाया गया। सजा सुनाने के बाद वारंट बनाकर जेल भेज दिया गया।
पीड़िता को मिलेगी राशि
विशेष लोक अभियोजक शैलेंद्री राजपूत ने बताया कि जज ने आदेश में लिखा है कि जुर्माने की धनराशि पीड़िता को दी जाएगी।
मासूम की गवाही पर हुई सजा
पीड़िता ने अदालत में रिषीराम की पहचान की। गवाही में बताया कि वही उसको अपने घर ले गया और दुष्कर्म किया।