यूपी चुनाव 2022: फिरोजाबाद की जिस सीट से जीते थे मुलायम सिंह यादव, उसका रोचक है चुनावी इतिहास
वर्ष 1993 में शिकोहाबाद विधानसभा सीट से सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव जीते थे। इस सीट पर यादव मतदाता बड़ी संख्या में हैं। दिलचस्प यह है कि इस सीट से सबसे ज्यादा छह बार निर्दलीय प्रत्याशी चुने गए हैं।
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फिरोजाबाद जिले में समाजवादी पार्टी (सपा) की वीआईपी सीट मानी जाने वाली शिकोहाबाद विधानसभा के आंकड़े बताते हैं कि मतदाता किसी भी एक प्रत्याशी पर ज्यादा दिन तक भरोसा नहीं करते। हर चुनाव में वह अलग-अलग प्रत्याशी को चुनकर विधानसभा भेजते हैं। 1952 से लेकर अब तक हुए विधानसभा चुनाव में छह बार सर्वाधिक निर्दलीय प्रत्याशियों ने यहां से जीत दर्ज की है।
तीन बार कांग्रेस पार्टी और समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों ने मतदाताओं का भरोसा जीता है, जबकि दो बार भाजपा ने जीत दर्ज की है। सपा इस सीट को वीआईपी इसलिए मानती है क्योंकि यहां से जीतकर सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव विधानसभा में पहुंचे थे। इस सीट पर यादव मतदाता बड़ी संख्या में होने के कारण निर्णायक की भूमिका में रहते हैं, जबकि दूसरे नंबर पर निषाद जाति के मतदाता हैं।
पहली बार कांग्रेस ने दर्ज की थी जीत
शिकोहाबाद विधानसभा सीट से 1952 में पहली बार कांग्रेस पार्टी से महाराज सिंह ने जीत दर्ज की थी। 1957 में लायक सिंह, 1962 में मंशा राम ने निर्दलीय प्रत्याशी के रुप में प्रतिनिधित्व किया। 1967 के विधानसभा के चुनाव में कांग्रेस पार्टी के आर स्वरुप ने जीत दर्ज की। वहीं 1969 में मंशाराम ने भारतीय क्रांति दल के प्रत्याशी के रुप में जीत हासिल की।
1974 में वीरेंद्र स्वरुप ने भारतीय क्रांति दल से और 1977 में जनता पार्टी से गंगा सहाय यादव व 1980 में कांग्रेस पार्टी से जगदीश सिंह ने जीत हासिल की। इसी तरह 1985 में निर्दलीय प्रत्याशी के रुप में रामनरेश यादव चुनाव ही नहीं जीते बल्कि मुख्यमंत्री भी बने थे। 1989 में राकेश कुमार, 1991 में झाऊलाल यादव ने जीत दर्ज की थी।
1993 के चुनाव में मुलायम सिंह जीते थे
वर्ष 1993 में समाजवादी पार्टी से मुलायम सिंह यादव इसी विधानसभा क्षेत्र से जीते थे। 1996 में भारतीय जनता पार्टी के अशोक यादव, 2002 में फिर से सपा के टिकट पर हरिओम यादव ने जीत दर्ज की जबकि 2007 में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अशोक यादव ने विजय पताका फहराई थी।
वर्ष 2012 में सपा से ओमप्रकाश वर्मा, 2017 में डॉ. मुकेश वर्मा ने लंबे अर्से बाद दूसरी बार भाजपा को जीत दिलाई थी। वर्तमान में विधायक डॉ. मुकेश वर्मा सपा में शामिल हो गए हैं। जबकि 2012 में सपा से जीते पूर्व विधायक ओमप्रकाश भाजपाई हो गए हैं।
- संपर्क मार्ग आज भी खराब हैं।
- तेजी से गिरता भूगर्भ जल स्तर।
- ग्रामीण इलाकों में स्कूल कॉलेज का अभाव।
मतदाताओं का आंकड़ा
कुल मतदाता -3,55,763
पुरुष मतदाता-1,90,821
महिला मतदाता-1,64,929
थर्ड जेंडर- 13
जातिगत आंकड़ा
यादव- 90 हजार
निषाद-75 हजार
जाटव- 45 हजार
मुस्लिम- 25 हजार
वैश्य-25 हजार
ब्राह्मण- 25 हजार
क्षत्रिय- 05 हजार
बघेल,कुशवाह, 25 हजार
अन्य पिछड़ा वर्ग- 20 हजार
(आंकड़े अनुमानित हैं)
शिकोहाबाद के डॉ. पीएस राणा ने बताया कि शिकोहाबाद विधानसभा क्षेत्र में विकास की दरकार है,बिजली,पानी के साथ-साथ सड़कों का काम कराए जाने की जरूरत है। शिकोहाबाद जंक्शन होने के बाद भी जिस तरह की व्यवस्था स्टेशन पर होनी चाहिए वह नहीं है। हमें उम्मीद है कि आने वाले जनप्रतिनिधि निश्चित ही इन समस्याओं के निदान की ओर ध्यान देंगे।
डॉ. जगदीश सिंह ने बताया कि शिकोहाबाद विधानसभा क्षेत्र का परिसीमन ऐसा है कि यमुना की तलहटी का बड़ा क्षेत्र यहां से जुड़ा है यहां समुचित विकास की जरूरत है। प्रयास यह करना चाहिए कि क्षेत्र के विकास के साथ युवाओं को रोजगार दिलाने की पहल होनी चाहिए। ताकि क्षेत्र की जनता को राहत मिल सके। विधायक का केंद्र शिकोहाबाद शहर होना चाहिए।