आगरा की मस्जिद में राष्ट्रगान पर विवाद: विरोध में शहर मुफ्ती बोले- अल्लाहताला के कहर को दावत न दीजिए
शाही जामा मस्जिद में स्वतंत्रता दिवस पर यूपी अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अशफाक सैफी ने तिरंगा फहराया था। इसके बाद राष्ट्रगान हुआ, जिसका शहर मुफ्ती ने विरोध किया है।
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आगरा में उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अशफाक सैफी द्वारा शाही जामा मस्जिद में ध्वजारोहण किए जाने पर शहर मुफ्ती ने विरोध जाहिर किया। उनका ऑडियो वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने मस्जिद में राष्ट्रगान का विरोध किया है। ऑल इंडिया जमीतुल कुरैश ने भी मुफ्ती का समर्थन करते हुए इसे गलत बताया है। अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष सैफी ने मुफ्ती के बयान को गैर जिम्मेदाराना बयान बताया है।
शाही जामा मस्जिद में स्वतंत्रता दिवस पर मस्जिद इंतजामियां ने अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अशफाक सैफी को ध्वजारोहण के लिए आमंत्रित किया। इस पर सैफी ने स्वतंत्रता दिवस पर पहली बार शाही जामा मस्जिद में ध्वजारोहण किया। इसके बाद राष्ट्रगान हुआ।
शाही जामा मस्जिद में तिरंगा फहराने और राष्ट्रगान गाए जाने के बाद एक ऑडियो वायरल हुआ है, जिसमें शहर मुफ्ती मजदुल खुबैब रूमी ने मस्जिद इंतजामियां के चेयरमैन असलम कुरैशी से कहा कि मस्जिद में ‘जन गण मन हुआ है, वह हराम है, यह गुनाह ए कबीरा है। अल्लाहताला के कहर को दावत न दीजिए, डरिए अल्लाह से, अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है।’
इस ऑडियो के बाद ऑल इंडिया जमीतुल कुरैश के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हाजी जमील उद्दीन कुरैशी का ऑडियो भी वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने शहर मुफ्ती के बयान का समर्थन किया है। कहा है कि मस्जिद को सियासी अखाड़ा मत बनाइए। उन्होंने भी असलम कुरैशी से कहा है कि आगरा के मुसलमान इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। मस्जिद में 'जन गण मन' नहीं होना चाहिए।
बयान वापस लें शहर मुफ्ती: सैफी
यूपी अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अशफाक सैफी ने कहा कि शहर मुफ्ती का एक ऑडियो चल रहा है, जिसमें उन्होंने शाही मस्जिद में तिरंगा फहराने का विरोध किया है, जोकि गलत है। जंग ए आजादी की लड़ाई हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी ने मिलकर लड़ी थी। शहर मुफ्ती का बयान गैर जिम्मेदाराना है, उन्हें इसे वापस लेना चाहिए।
'शहर मुफ्ती ने एतराज जताया है, वह गलत है'
शाही जामा मस्जिद के चेयरमैन हाजी असलम कुरैशी ने कहा कि शहर मुफ्ती ने मस्जिद के मदरसे में तिरंगा फहराने पर एतराज जताया है, जोकि गलत है। वह कभी वैक्सीन का विरोध करते हैं तो अब तिरंगा फहराने का भी विरोध करने लगे। मदरसे में हर साल ध्वजारोहण किया जाता है। मुफ्ती का बेटा अब्दुल मदरसे में मुलाजिम है, उसने ही विवाद खड़ा करवाया।
ऑल इंडिया जमीतुल कुरैश के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हाजी जमील उद्दीन कुरैशी ने कहा कि शाही जामा मस्जिद का अपना महत्व और इतिहास है। यहां ध्वजारोहण की परंपरा नहीं रही है। ऐसे में मस्जिद इंतजामियां ने गलत किया है। उन्हें मस्जिद के बाहर ध्वजारोहरण कराना चाहिए था। इसको लेकर ही शहर मुफ्ती ने विरोध किया है, जिसका हमने समर्थन किया है।
'संवैधानिक पदों पर बैठे लोग विवादों से बचे'
भारतीय मुस्लिम विकास परिषद के अध्यक्ष समी आगाई ने कहा कि धार्मिक स्थलों में ध्वजारोहण नहीं किया जाता है। ध्वज मस्जिद के हरम में फहराया गया, इसका ही शहर मुफ्ती ने विरोध किया है। संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को इस तरह के विवादों से बचना चाहिए।
'धर्मस्थल पर ध्वजारोहण ठीक नहीं'
हिंदुस्तानी बिरादरी के अध्यक्ष डॉ. सिराज कुरैशी ने कहा कि मस्जिद में झंडा नहीं फहराया जाता है। इसको लेकर मुस्लिमों में एकराय है। मदरसे, खानकाह, मस्जिदों के गेट पर तिरंगा फहराया जाता रहा है। इसमें किसी को कोई गुरेज नहीं है, लेकिन मस्जिद के भीतर नहीं होना चाहिए।