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नोटबंदी से 10 गुना बढ़ी कार्ड स्वैप मशीन की डिमांड

Fri, 02 Dec 2016 11:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 02 Dec 2016 11:56 PM IST
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increase in demand for machine Notbandi swap cards
swipe machine
नोटबंदी के बाद कैश की किल्लत से जूझ रहे कारोबारियों ने मजबूरी में कैशलेस बिजनेस की ओर कदम बढ़ा दिया है। इसका नतीजा यह है कि डेबिट और क्रेडिट कार्ड स्वैप मशीनों की डिमांड बड़ी तेजी से बढ़ गई है। सितंबर और अक्तूबर के मुकाबले नवंबर में बैंकों में 10 गुना तक आवेदन आए हैं। बैंक भी स्वैप मशीन का प्रचार जोर-शोर से कर रहे हैं।
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येस बैंक की संजय प्लेस शाखा में नवंबर से पहले 50 से 60 लोग आ रहे थे स्वैप मशीन लगवाने के लिए। कुल 800 मशीनें लगवाई गई थीं। लेकिन नोटबंदी केबाद 550 लोग फार्म भर चुके हैं। एचडीएफसी का भी यही हाल है। यहां पहले सप्ताह में 15-20 लोग स्वैप मशीन के बारे में जानकारी के लिए आ रहे थे। अब 150-200 आ रहे हैं। एसबीआई, कोटेक महिंद्रा बैंक, पीएनबी में भी कुछ यही तस्वीर है।
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डिमांड इतनी ज्यादा है कि बैंक वालों को मशीन लगवाने के लिए समय मांगना पड़ रहा है। आज बुक कराओ तो सात से 10 दिन में नंबर आ रहा है। बैंकों में पड़ताल से पता चलता है कि सबसे ज्यादा डिमांड रेस्त्रां से आई है। नोटबंदी में इनका धंधा बिल्कुल मंदा पड़ गया है।
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एसबीआई बिचपुरी में सब्जी विक्रेताओं ने भी मशीन लगवाने के लिए फार्म भरा है। सिकंदरा में कई हलवाइयों ने मशीनें लगवा भी ली हैं। बता दें, शहर के प्रमुख होटलों, बड़े रेस्त्रां, मॉल, मार्ट और कई शो रूम में पहले से स्वैप मशीनें लगी हैं। सिकंदरा में ग्वाला सहकारी उपभोक्ता फार्म के संचालक ने बताया कि अब तो ग्राहक सबसे पहले यही पूछते हैं कि स्वैप मशीन है या नहीं।
मुफ्त में लगवाएं मशीन 
बैंकों से ओर से स्वाइप मशीन लगवाने की सुविधा मुफ्त दी जा रही है। न मशीन का कोई चार्ज लिया जा रहा है। और न ही इसे लगवाने का। मशीन के बारे में पूरी जानकारी भी दुकानदार को दी जा रही है। कई बैंकों में स्वैप मशीन के लिए अलग से काउंटर भी लगवाए गए हैं।

देना होगा मासिक शुल्क 
स्वैप मशीनें दो तरह की हैं। एक लैंडलाइन फोन के साथ लगाई जाती है। दूसरी विद आउट वायर है, जो सिम कार्ड से काम करती है। कई बैंक लैंडलाइन वाली मशीन का मासिक किराया नहीं ले रहे। लेकिन विद आउट वायर का किराया और सर्विस टैक्स है। दोनों मशीनों में ट्रांजेक्शन के हिसाब से .75 से लेकर दो फीसदी तक चार्ज है।
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