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गैर इरादतन हत्या में दस दस साल की सजा
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मैनपुरी। थाना किशनी क्षेत्र में छह साल पहले युवक की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या करने वाले पिता-पुत्र सहित तीन को अपर जिला जज प्रथम वंश बहादुर यादव ने दस-दस साल की सजा सुनाई है। उन पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। तीनों को हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
थाना किशनी के इंदरपुर निवासी प्रमोद कुमार की बकरी मार्च 2016 में गांव के दुर्विजय के खेत में चली गई थी। जिसे लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। गांव के कुछ लोगों ने उनमें समझौता करा दिया। 29 अप्रैल 2016 को प्रमोद घर से बाजार जा रहा था। गांव के रास्ते में दुर्विजय, उसके भाई प्रदीप, उसके पुत्र सुरजीत तथा गांव के ही शिवकुमार ने घेरकर लाठी डंडों से मारापीटा। बीच बचाव करने पहुंचे प्रमोद के भतीजे वेदप्रकाश को भी लाठी डंडों से मारापीटा। इलाज के दौरान सैफई में वेदप्रकाश की मौत हो गई। प्रमोद ने गांव के रास्ते में दुर्विजय, प्रदीप, सुरजीत तथा शिवकुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
जांच में पुलिस ने प्रदीप को दोषी नहीं पाकर उसका नाम निकाल दिया। दुर्विजय, सुरजीत तथा शिवकुमार के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज प्रथम वंशबहादुर यादव की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने दुष्कर्मी केे खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। गवाही तथा एडीजीसी पुष्पेंद्र दुबे, रोहित शुक्ला की दलीलों के आधार पर तीनों को गैर इरादतन हत्या करने पर दस-दस साल की सजा सुनाई है। उन पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। तीनों को सजा सुनाने के बाद हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है। गैर इरादतन हत्या के आरोपियों पर 60 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। एडीजीसी पुष्पेंद्र दुबे ने बताया कि अपर जिला जज प्रथम ने आदेश में लिखा है कि जुर्माने की धनराशि में से आधी धनराशि मृतक के आश्रितों को प्रतिकर के रूप में दी जाएगी।
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थाना किशनी के इंदरपुर निवासी प्रमोद कुमार की बकरी मार्च 2016 में गांव के दुर्विजय के खेत में चली गई थी। जिसे लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। गांव के कुछ लोगों ने उनमें समझौता करा दिया। 29 अप्रैल 2016 को प्रमोद घर से बाजार जा रहा था। गांव के रास्ते में दुर्विजय, उसके भाई प्रदीप, उसके पुत्र सुरजीत तथा गांव के ही शिवकुमार ने घेरकर लाठी डंडों से मारापीटा। बीच बचाव करने पहुंचे प्रमोद के भतीजे वेदप्रकाश को भी लाठी डंडों से मारापीटा। इलाज के दौरान सैफई में वेदप्रकाश की मौत हो गई। प्रमोद ने गांव के रास्ते में दुर्विजय, प्रदीप, सुरजीत तथा शिवकुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
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जांच में पुलिस ने प्रदीप को दोषी नहीं पाकर उसका नाम निकाल दिया। दुर्विजय, सुरजीत तथा शिवकुमार के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज प्रथम वंशबहादुर यादव की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने दुष्कर्मी केे खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। गवाही तथा एडीजीसी पुष्पेंद्र दुबे, रोहित शुक्ला की दलीलों के आधार पर तीनों को गैर इरादतन हत्या करने पर दस-दस साल की सजा सुनाई है। उन पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। तीनों को सजा सुनाने के बाद हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है। गैर इरादतन हत्या के आरोपियों पर 60 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। एडीजीसी पुष्पेंद्र दुबे ने बताया कि अपर जिला जज प्रथम ने आदेश में लिखा है कि जुर्माने की धनराशि में से आधी धनराशि मृतक के आश्रितों को प्रतिकर के रूप में दी जाएगी।
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