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पिता के राज्य में सिद्धार्थ ने भिक्षाटन कर किया भोजन -भागीरथ बौद्ध
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रामनगर। क्षेत्र के गांव जवापुर में चल रहे सात दिवसीय बौद्ध कथा के दौरान शनिवार को भागीरथ बौद्ध ने बताया कि बुद्धत्व ग्रहण करने के बाद सिद्धार्थ ने अपने पिता का निवेदन भी स्वीकार नहीं किया। पिता के राज्य में सिद्धार्थ ने भिक्षाटन कर अपना पेट भरा।
कथावाचक भागीरथ बौद्ध ने छठवें दिन भगवान गौतम बुद्ध का कपिलवस्तु में प्रवेश की कथा सुनाई। कथावाचक ने कहा कि भगवान गौतम बुद्ध बुद्धत्व प्राप्त करने के सात वर्ष बाद कपिलवस्तु में हजारों भिक्षुओं के साथ आते हैं। वहां एक बगीचे में रुकते हैं। सिद्धार्थ के पिता नौकर को भेजकर भगवान गौतम बुद्ध को दरबार में बुलाते हैं। वह नहीं आते तब पिता स्वयं बुद्धजी के पास जाते हैं, और कहते है ‘बेटा महल में चलो’ बुद्धजी कहते हैं अब मैं आपका बेटा नहीं रहा हूं मैं तो बुद्ध हूं।
भगवान बुद्ध गांव में भिक्षा मांग कर खाते थे। जब पिता शुद्धोधन ने बुद्ध से कहा ‘भगवान हमारा निमंत्रण स्वीकार करें’, तब बुद्ध उनका निमंत्रण स्वीकार कर लेते हैं और अपने भिक्षु संघ के साथ राजमहल पहुंचते हैं। राजा शुद्धोधन सभी को भोजन कराते हैं। भोजन कराने के बाद बुद्ध राजा शुद्धोधन व नगर के लोगों को धम्म उपदेश देते हैं।
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इस मौके पर कृष्ण मुरारी शाक्य, राकेश शाक्य, सुधीर शाक्य, किशनदत्त शाक्य, सोनू शाक्य, शिवेंद्र शाक्य, त्रिवेंद्र शाक्य, सुनील शाक्य मौजूद रहे।
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कथावाचक भागीरथ बौद्ध ने छठवें दिन भगवान गौतम बुद्ध का कपिलवस्तु में प्रवेश की कथा सुनाई। कथावाचक ने कहा कि भगवान गौतम बुद्ध बुद्धत्व प्राप्त करने के सात वर्ष बाद कपिलवस्तु में हजारों भिक्षुओं के साथ आते हैं। वहां एक बगीचे में रुकते हैं। सिद्धार्थ के पिता नौकर को भेजकर भगवान गौतम बुद्ध को दरबार में बुलाते हैं। वह नहीं आते तब पिता स्वयं बुद्धजी के पास जाते हैं, और कहते है ‘बेटा महल में चलो’ बुद्धजी कहते हैं अब मैं आपका बेटा नहीं रहा हूं मैं तो बुद्ध हूं।
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भगवान बुद्ध गांव में भिक्षा मांग कर खाते थे। जब पिता शुद्धोधन ने बुद्ध से कहा ‘भगवान हमारा निमंत्रण स्वीकार करें’, तब बुद्ध उनका निमंत्रण स्वीकार कर लेते हैं और अपने भिक्षु संघ के साथ राजमहल पहुंचते हैं। राजा शुद्धोधन सभी को भोजन कराते हैं। भोजन कराने के बाद बुद्ध राजा शुद्धोधन व नगर के लोगों को धम्म उपदेश देते हैं।
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इस मौके पर कृष्ण मुरारी शाक्य, राकेश शाक्य, सुधीर शाक्य, किशनदत्त शाक्य, सोनू शाक्य, शिवेंद्र शाक्य, त्रिवेंद्र शाक्य, सुनील शाक्य मौजूद रहे।