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दिल्ली में सुधार, ताज पर जहर बरकरार
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 07 Nov 2016 11:53 PM IST
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आगरा देश के प्रदूषित शहरों में दूसरे नंबर पर कायम,
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने दिल्ली सरकार को फटकार लगाई तो दिल्ली की हवा सुधारने के लिए उठाए गए कदमों का असर भी नजर आया, लेकिन ताजमहल का शहर देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में दूसरे नंबर पर बरकरार है। ताजमहल और ताजनगरी के लोग जहरीली हवाओं का शिकार बन रहे हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन और ताज ट्रिपेजियम जोन अथारिटी ने प्रदूषण रोकने और कम करने के किसी उपाय को शुरू तक नहीं किया। हाल ये है कि दस दिनों से जहरीली हवाएं लोगों का दम घोंट रही हैं, लेकिन आगरा के अफसर दिल्ली से सबक लेकर भी कुछ नहीं कर रहे।
देश की राजधानी में जहरीली हवा के मसले पर एनजीटी, उपराज्यपाल से लेकर केंद्र और दिल्ली सरकार तक संजीदा है, लेकिन दिल्ली के बाद जिस शहर में सबसे ज्यादा प्रदूषण बढ़ा और दस दिनों से यह टॉप 5 शहरों में शुमार है, वहां की नौकरशाही प्रदूषण पर रोक के कदम नहीं उठा रही। सोमवार सुबह हल्की धुंध रहने और हवा चलने से उम्मीद बंधी कि प्रदूषण से कुछ राहत मिलेगी, लेकिन दोपहर एक बजे के बाद बादल गहराए और स्मॉग की घनी चादर के बीच सूरज की रोशनी एकदम गायब हो गई। दोपहर बाद से ही प्रदूषण के स्तर में लगातार बढ़ोतरी शुरू हुई, जिससे आगरा देश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर बना रहा। लापरवाही का आलम ये कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बीते सप्ताह जहरीली हवा में सुधार के लिए कुछ कदम उठाने के लिए पत्र लिखे थे, लेकिन किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई।
मौसम विभाग ने अभी धुंध और धुंए की इस चादर से राहत मिलने से इंकार किया है। विभाग के पूर्वानुमान केंद्र के मुताबिक अगले 48 घंटों तक धुंध छाई रहेगी और दृश्यता में कमी बरकरार रहेगी।
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शहर एयर क्वालिटी इंडेक्स
फरीदाबाद 486
आगरा 467
लखनऊ 466
गुड़गांव 450
वाराणसी 425
कानपुर 423
दिल्ली 423
मुजफ्फरपुर 355
जोधपुर 348
अहमदाबाद 339
कूड़ा जलाने से ही खराब हुए हालात
आगरा। एक तरफ घातक प्रदूषण के शिकार शहर बचाव के कई तरह के उपाय कर रहे हैं, वहीं आगरा में नगर निगम अभी भी कूड़ा जलवा रहा है। कंटेनरों और जगह-जगह बिखरे कूड़े में आग लगाकर वहीं निपटाने की कोशिश की जा रही है, ताकि शहर से दूर कुबेरपुर स्थित डंपिंग ग्राउंड तक ले जाने में डीजल की चोरी हो सके। विश्वविद्यालय के शिक्षक रहे प्रो. एसवीएस चौहान के मुताबिक कूड़ा जलाने से विषैली गैसे वातावरण में पहुंच रही हैं, जिनसे हालात और खराब हो रहे हैं। इसे तुरंत रोका जाना चाहिए।
मास्क की बिक्री बढ़ी, नौनिहालों पर खतरा
सुबह के समय सर्दी ज्यादा होने से धूल के कण ऊपर नहीं उठ पाते और सुबह स्कूली बच्चों को सबसे ज्यादा प्रदूषण का सामना करना पड़ रहा है। छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर असर को देखते हुए दिल्ली में तो स्कूल बंद कर दिए गए, लेकिन आगरा में स्थानीय प्रशासन ने इस कदम के बारे में सोचा तक नहीं है। नौनिहालों के स्वास्थ्य पर खतरे को देखते हुए कई अभिभावकों ने मास्क की खरीदारी की। स्कूली बच्चे मुंह पर मास्क लगाकर पहुंचे, लेकिन हर छात्र को यह मुहैया नहीं है। फव्वारे के दवा बाजार में मास्क की मांग में तेजी से इजाफा हुआ है और इसके रेट भी बड़ी तेजी से बढ़े हैं।
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देश की राजधानी में जहरीली हवा के मसले पर एनजीटी, उपराज्यपाल से लेकर केंद्र और दिल्ली सरकार तक संजीदा है, लेकिन दिल्ली के बाद जिस शहर में सबसे ज्यादा प्रदूषण बढ़ा और दस दिनों से यह टॉप 5 शहरों में शुमार है, वहां की नौकरशाही प्रदूषण पर रोक के कदम नहीं उठा रही। सोमवार सुबह हल्की धुंध रहने और हवा चलने से उम्मीद बंधी कि प्रदूषण से कुछ राहत मिलेगी, लेकिन दोपहर एक बजे के बाद बादल गहराए और स्मॉग की घनी चादर के बीच सूरज की रोशनी एकदम गायब हो गई। दोपहर बाद से ही प्रदूषण के स्तर में लगातार बढ़ोतरी शुरू हुई, जिससे आगरा देश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर बना रहा। लापरवाही का आलम ये कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बीते सप्ताह जहरीली हवा में सुधार के लिए कुछ कदम उठाने के लिए पत्र लिखे थे, लेकिन किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई।
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मौसम विभाग ने अभी धुंध और धुंए की इस चादर से राहत मिलने से इंकार किया है। विभाग के पूर्वानुमान केंद्र के मुताबिक अगले 48 घंटों तक धुंध छाई रहेगी और दृश्यता में कमी बरकरार रहेगी।
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शहर एयर क्वालिटी इंडेक्स
फरीदाबाद 486
आगरा 467
लखनऊ 466
गुड़गांव 450
वाराणसी 425
कानपुर 423
दिल्ली 423
मुजफ्फरपुर 355
जोधपुर 348
अहमदाबाद 339
कूड़ा जलाने से ही खराब हुए हालात
आगरा। एक तरफ घातक प्रदूषण के शिकार शहर बचाव के कई तरह के उपाय कर रहे हैं, वहीं आगरा में नगर निगम अभी भी कूड़ा जलवा रहा है। कंटेनरों और जगह-जगह बिखरे कूड़े में आग लगाकर वहीं निपटाने की कोशिश की जा रही है, ताकि शहर से दूर कुबेरपुर स्थित डंपिंग ग्राउंड तक ले जाने में डीजल की चोरी हो सके। विश्वविद्यालय के शिक्षक रहे प्रो. एसवीएस चौहान के मुताबिक कूड़ा जलाने से विषैली गैसे वातावरण में पहुंच रही हैं, जिनसे हालात और खराब हो रहे हैं। इसे तुरंत रोका जाना चाहिए।
मास्क की बिक्री बढ़ी, नौनिहालों पर खतरा
सुबह के समय सर्दी ज्यादा होने से धूल के कण ऊपर नहीं उठ पाते और सुबह स्कूली बच्चों को सबसे ज्यादा प्रदूषण का सामना करना पड़ रहा है। छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर असर को देखते हुए दिल्ली में तो स्कूल बंद कर दिए गए, लेकिन आगरा में स्थानीय प्रशासन ने इस कदम के बारे में सोचा तक नहीं है। नौनिहालों के स्वास्थ्य पर खतरे को देखते हुए कई अभिभावकों ने मास्क की खरीदारी की। स्कूली बच्चे मुंह पर मास्क लगाकर पहुंचे, लेकिन हर छात्र को यह मुहैया नहीं है। फव्वारे के दवा बाजार में मास्क की मांग में तेजी से इजाफा हुआ है और इसके रेट भी बड़ी तेजी से बढ़े हैं।