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पांच महीने में इंसाफ: मदरसे में आठ साल की बच्ची से दुष्कर्म करने वाले इमाम को कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा

Thu, 30 Jun 2022 05:18 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Thu, 30 Jun 2022 05:18 PM IST
सार

मुकदमे की सुनवाई स्पेशल जज पॉक्सो कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की गवाही के आधार पर इमाम जमाल अहमद को बालिका के साथ दुष्कर्म करने का दोषी पाया गया। पांच महीने में पीड़िता को इंसाफ मिल गया। 

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Imam sentenced to life imprisonment form misdeed with girl in madrasa
दुष्कर्म का दोषी इमाम जमाल अहमद - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मैनपुरी के किशनी क्षेत्र के एक मदरसे में आठ साल की बच्ची से दुष्कर्म के दोषी इमाम को स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट पूनम ने गुरुवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। वारदात के बाद ही पुलिस ने उसे जेल भेज दिया था। इमाम को किसी भी न्यायालय से जमानत नहीं मिली। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट ने इस मामले में पांच महीने में फैसला सुनाया है। दुष्कर्मी इमाम को सजा मिलने पर पीड़िता और उसके परिवार ने संतुष्टि जताई है।

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थाना किशनी क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली आठ वर्षीय बालिका गांव मदरसे में 26 जनवरी 2022 की शाम चार बजे अपनी छोटी बहन के साथ पढ़ने गई थी। मस्जिद के इमाम जमाल अहमद ने बालिका को कमरे में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। बच्ची की शिकायत पर पिता ने इमाम को पकड़कर पुलिस के हवाले करने के साथ ही दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने बालिका का मेडिकल कराने के बाद चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई स्पेशल जज पॉक्सो कोर्ट में हुई। 

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पीड़िता के बयानों पर दोषी को सजा

अभियोजन पक्ष की गवाही के आधार पर इमाम जमाल अहमद को बालिका के साथ दुष्कर्म करने का दोषी पाया गया। एडीजीसी अनूप कुमार यादव ने इमाम के कृत्य को समाज विरोधी बताते हुए कड़ी सजा देने की दलील दी। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट पूनम ने गवाही तथा पीड़िता के बयानों के आधार पर बालिका से दुष्कर्म करने वाले इमाम को उम्रकैद की सजा सुनाई है। उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

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एडीजीसी अनूप कुमार यादव ने बताया कि गवाही देने वालों में पीड़ित बालिका, उसके पिता, विवेचक, थाने के मुंशी, मेडिकल करने वाली डॉक्टर और विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने गवाही दी। इमाम के जेल में होने के कारण हर तारीख पर गवाही हुई। बालिका के पिता ने इमाम को सजा दिलाने के लिए जमकर पैरवी की। हर तारीख पर अदालत पहुंचकर इमाम को उसके गुनाह की सजा दिलाने के लिए प्रयास किया। इमाम को सजा मिलने पर पीड़िता के पिता ने कहा कि अल्लाह के यहां देर है, लेकिन अंधेर नहीं है।

सजा सुनते ही रो पड़ा इमाम

जेल से निर्णय सुनने के लिए इमाम जमाल अहमद को अदालत में लाया गया। स्पेशल जज पूनम ने जब उसको उम्रकैद की सजा सुनाई तो वह कुछ समय के लिए सदमे में आ गया। सजा सुनने के बाद इमाम अदालत से बाहर निकलकर खूब रोया। अदालत से पुलिसकर्मी उसको हिरासत में लेकर जेल चले गए। 

पीड़िता को मिलेगी जुर्माने की धनराशि

दुष्कर्मी इमाम जमाल अहमद पर एक लाख एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। एडीजीसी विश्वजीत राठौर ने बताया कि स्पेशल जज पॉक्सो पूनम ने आदेश में लिखा है कि जुर्माने की पूरी धनराशि पीड़िता किशोरी को प्रतिकर के रूप में दी जाएगी। 

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