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होम आइसोलेशन पर सरकार की सराहना, आईएमए ने कहा, संक्रमितों के ढाई लाख रुपये तक बचेंगे
Wed, 22 Jul 2020 11:21 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 22 Jul 2020 11:21 AM IST
सार
कोरोना के उपचार में ढाई लाख रुपये तक खर्च हो रहे
डॉक्टरों का मानना है कि सबसे ज्यादा मरीज को आर्थिक लाभ होगा
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कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : PTI
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विस्तार
आईएमए ने संक्रमण के बिना लक्षण वाले मरीजों को होम आइसोलेशन की सुविधा के फैसले की सराहना की है। जूम मीटिंग के जरिए चिकित्सकों ने इसके फायदे के बारे में चर्चा की। आईएमए का मानना है कि इससे मरीज का खर्च बचेगा और मानसिक रूप से भी बेहतर परिणाम होंगे। कोरोना के उपचार में ढाई लाख रुपये तक खर्च हो रहे हैं।
बिना लक्षण वाले मरीज को होम आइसोलेशन के लिए आवश्यक चिकित्सकीय सामान, दवा और उसकी देखरेख के बारे में चर्चा हुई। इसके लिए निजी चिकित्सक भी इसमें अपनी सेवाएं दे सकेंगे। डॉक्टरों का मानना है कि सबसे ज्यादा मरीज को आर्थिक लाभ होगा।
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आईएमए अध्यक्ष डॉ. आरएम पचौरी ने कहा कि बिना लक्षण वाले मरीज को अस्पताल में 14 दिन से अधिक रहना होता है, ऐसे में उसका ढाई लाख रुपये तक खर्च हो जाता है। घर पर रहेगा तो यह पैसे बचेंगे, परिजनों के बीच रहेगा तो मानसिक हालत भी ठीक रहेगी।
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बिना लक्षण वाले मरीज को होम आइसोलेशन के लिए आवश्यक चिकित्सकीय सामान, दवा और उसकी देखरेख के बारे में चर्चा हुई। इसके लिए निजी चिकित्सक भी इसमें अपनी सेवाएं दे सकेंगे। डॉक्टरों का मानना है कि सबसे ज्यादा मरीज को आर्थिक लाभ होगा।
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आईएमए अध्यक्ष डॉ. आरएम पचौरी ने कहा कि बिना लक्षण वाले मरीज को अस्पताल में 14 दिन से अधिक रहना होता है, ऐसे में उसका ढाई लाख रुपये तक खर्च हो जाता है। घर पर रहेगा तो यह पैसे बचेंगे, परिजनों के बीच रहेगा तो मानसिक हालत भी ठीक रहेगी।
निर्वाचित अध्यक्ष डॉ. राजीव उपाध्याय, सचिव डॉ. संजय चतुर्वेदी, डॉ. आलोक मित्तल, डॉ. पंकज नगायच ने भी सरकार की इस पहल को बेहतर बताया। डॉक्टरों का मानना है कि मरीज अपने घर पर चिकित्सकों की निगरानी में रहेगा, यदि स्थिति बिगड़ती है तो उसे आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट किया जा सकेगा।