Agra: ताजमहल के 500 मीटर के दायरे में निर्माण पर SC की रोक, फिर भी नोटिस, FIR बेअसर...खड़े हो गए अवैध निर्माण
आगरा में ताजमहल के 500 मीटर की परिधि निर्माण पर SC ने रोक लगा रखी है। फिर भी नोटिस, FIR सब बेअसर दिख रहे हैं। यहां अवैध निर्माण खड़े हो गए।
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उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित जिस ताजमहल की दुनियाभर में दीवानगी है, उसके आंगन में अवैध निर्माण व अतिक्रमणों की भरमार है। नोटिस, एफआईआर, ध्वस्तीकरण के आदेश सब बेकार साबित हुए हैं। सुप्रीम रोक के बावजूद स्मारक की 500 मीटर की प्रतिबंधित परिधि में 10 साल में 500 से अधिक अवैध निर्माण हो गए। ये वह निर्माण हैं जिनके संबंध में एएसआई ने एफआईआर कराई हैं।
हालांकि अवैध निर्माण इससे अधिक बताए जाते हैं। ताजमहल के संरक्षण के लिए जिम्मेदार भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के पास अवैध निर्माण के विरुद्ध प्रवर्तन कार्रवाई के लिए व्यवस्थाएं नहीं हैं। इसका फायदा अवैध निर्माण करने वालों को मिलता है। एएसआई के अधिकारियों पर भी सवाल उठते हैं। अवैध निर्माण के खिलाफ दिए नोटिस की एक प्रति जिलाधिकारी कार्यालय भेज कर्तव्य की इतिश्री हो रही है।
पश्चिमी गेट पर दीवार से सटकर निर्माण
ताजमहल परिसर की दीवार से 500 मीटर का दायरा प्रतिबंधित है, लेकिन पश्चिमी गेट की दीवार से सटकर स्टूडियो मोड़ तक गली में नए निर्माण हो गए। पूर्वी गेट पर प्रवेश गेट से कुत्ता पार्क तक स्मारक से निर्माणों की दूरी 100 मीटर भी नहीं। एएसआई की ओर से कराई गईं एफआईआर के आधार पर ताजमहल के दक्षिणी गेट पर सबसे ज्यादा अवैध निर्माण व अतिक्रमण हुए हैं।
व्यवसाय पर मामला लंबित
ताजमहल की 500 मीटर की परिधि में व्यावसायिक गतिविधियां बंद करने का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। सितंबर, 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने सभी व्यापारिक गतिविधियों पर रोक लगाई थी। इसके विरुद्ध ताजगंज के व्यापारियों ने याचिका दायर की। नीरी से सर्वे के आदेश दिए थे।
मांगी है रिपोर्ट
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने क्या नोटिस भेजे हैं उनकी रिपोर्ट मांगी है। अवैध निर्माणों की समीक्षा कर कार्रवाई की जाएगी। -नवनीत सिंह चहल, जिलाधिकारी